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Sirsa News: बेसहारा पशुओं से आमजन परेशान, दिनभर बना रहता है हादसों का खतरा
Thu, 13 Feb 2025 11:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 13 Feb 2025 11:01 PM IST
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रोड़ी में लगे कचरे के ढेर में मुंह मारते बेसहारा पशु। संवाद
गुरप्रेम सिंह
रोड़ी। गांव रोड़ी में बेसहारा पशुओं की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसको लेकर प्रशासन बेखबर है। इसका खामियाजा रोड़ी की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। इसके अलावा ये पशु किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। बेसहारा पशु बस स्टैंड, सड़कों और गलियों में घूमते रहते हैं। इस कारण आए दिन हादसे होते हैं। कई बार तो हादसों में जानमाल का भी नुकसान हो चुका है, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
ग्रामीणों ने बताया कि बेसहारा पशुओं की समस्या लंबे समय से निरंतर बनी हुई है। बेसहारा पशुओं के कारण ग्रामीणों सहित आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, बेसहारा पशु दिनभर सड़कों के किनारे पड़े कचरे के ढेर में मुंह मारते हैं। इसके अलावा वाहन चालकों से टकराने का भी खतरा बना रहता है। बस स्टैंड पर यात्रियों को भी इनके कारण परेशानी आती है। संबंधित विभाग को भी कई बार इस बारे में अवगत करवा चुके हैं, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। वहीं, दूसरी ओर बेसहारा पशुओं के कारण किसानों की फसलों का नुकसान हो रहा है। ऐसे में किसानों को रात में फसलों की रखवाली करनी पड़ती है।
कोट्स
बेसहारा पशु पेट भरने के लिए कालांवाली रोड पर लगे कचरे के ढेर में मुंह मारते रहते हैं। वहीं, बेसहारा पशु आपस में लड़ते-लड़ते सड़क पर भी आ जाते हैं। इससे कई बार पहले हादसे हो चुके हैं। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।-- रिंकू, दुकानदार, रोड़ी। फोटो -39
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रोड़ी में बेसहारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। किसी को पता नहीं चल रहा कि ये बेसहारा पशु कहां से आ रहे हैं। यह काफी बड़ी समस्या बन चुकी है। इसकी ओर सरकार को ध्यान देने की जरूरत है। - चौ. रणजीत सिंह, दुकानदार, रोड़ी।-फोटो -40
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सरकार जनता से टैक्स तो इकट्ठा कर रही है। मगर लोगों को लावारिस पशुओं से निजात दिलाने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। इसकी वजह से आए दिन सड़कों पर घूमते यह लावारिस पशु हादसों का कारण बन रहे हैं।-- कुलवंत सिंह फौजी, ग्रामीण, रोड़ी।-फोटो - 41
वर्जन :
गांवों में अगर पंचायती जगह हो तो वहां पर बेसहारा पशुओं के लिए सार्वजनिक पशुबाड़ा बना दिया जाता है। इसमें सरकार भी मदद करती है और पंचायती विभाग की ओर से भी सहयोग किया जाता है। लेकिन रोड़ी में पंचायती जगह न होने के कारण इस समस्या के इलावा भी कई कार्य रुके पड़े हैं।-- आजाद हसन, पंचायत सचिव, बड़ागुड़ा।
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रोड़ी। गांव रोड़ी में बेसहारा पशुओं की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसको लेकर प्रशासन बेखबर है। इसका खामियाजा रोड़ी की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। इसके अलावा ये पशु किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। बेसहारा पशु बस स्टैंड, सड़कों और गलियों में घूमते रहते हैं। इस कारण आए दिन हादसे होते हैं। कई बार तो हादसों में जानमाल का भी नुकसान हो चुका है, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
ग्रामीणों ने बताया कि बेसहारा पशुओं की समस्या लंबे समय से निरंतर बनी हुई है। बेसहारा पशुओं के कारण ग्रामीणों सहित आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, बेसहारा पशु दिनभर सड़कों के किनारे पड़े कचरे के ढेर में मुंह मारते हैं। इसके अलावा वाहन चालकों से टकराने का भी खतरा बना रहता है। बस स्टैंड पर यात्रियों को भी इनके कारण परेशानी आती है। संबंधित विभाग को भी कई बार इस बारे में अवगत करवा चुके हैं, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। वहीं, दूसरी ओर बेसहारा पशुओं के कारण किसानों की फसलों का नुकसान हो रहा है। ऐसे में किसानों को रात में फसलों की रखवाली करनी पड़ती है।
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बेसहारा पशु पेट भरने के लिए कालांवाली रोड पर लगे कचरे के ढेर में मुंह मारते रहते हैं। वहीं, बेसहारा पशु आपस में लड़ते-लड़ते सड़क पर भी आ जाते हैं। इससे कई बार पहले हादसे हो चुके हैं। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
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रोड़ी में बेसहारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। किसी को पता नहीं चल रहा कि ये बेसहारा पशु कहां से आ रहे हैं। यह काफी बड़ी समस्या बन चुकी है। इसकी ओर सरकार को ध्यान देने की जरूरत है। - चौ. रणजीत सिंह, दुकानदार, रोड़ी।-फोटो -40
सरकार जनता से टैक्स तो इकट्ठा कर रही है। मगर लोगों को लावारिस पशुओं से निजात दिलाने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। इसकी वजह से आए दिन सड़कों पर घूमते यह लावारिस पशु हादसों का कारण बन रहे हैं।
वर्जन :
गांवों में अगर पंचायती जगह हो तो वहां पर बेसहारा पशुओं के लिए सार्वजनिक पशुबाड़ा बना दिया जाता है। इसमें सरकार भी मदद करती है और पंचायती विभाग की ओर से भी सहयोग किया जाता है। लेकिन रोड़ी में पंचायती जगह न होने के कारण इस समस्या के इलावा भी कई कार्य रुके पड़े हैं।