फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   CMO asked ANM, why killed girls, sirsa on second place in sex ratio, sirsa

सीएमओ ने एएनएम से पूछा : आप बच्चियों को क्यों मरवा रही हैं

Sat, 02 Jul 2016 01:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा Updated Sat, 02 Jul 2016 01:36 AM IST
विज्ञापन
CMO asked ANM, why killed girls, sirsa on second place in sex ratio, sirsa
एएनएम - फोटो : Bureau

लिंगानुपात में जिला सिरसा फिसल गया है। स्वास्थ्य विभाग ने जनवरी से मई 2016 तक के आंकड़े जारी किए हैं। जिला 1000 : 941 लिंगानुपात के साथ दूसरे स्थान पर चला गया है। फतेहाबाद 1000 : 942 के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर आ गया है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री अनिज विज ने सिरसा के सीएमओ को फटकार लगाई है। सीएमओ का कहना है कि एएनएम तथा आशा वर्कर गड़बड़ी कर रही हैं, तभी लिंगानुपात में पिछड़ रहे हैं। आगामी पांच माह में सब स्पष्ट हो जाएगा।

विज्ञापन


जिला सिरसा के ऐसे 74 गांव ट्रेस हुए हैं। जहां लिंगानुपात 800 से भी कम है। इसमें डबवाली के 11 गांव शामिल हैं। कुछ गांवों की हालत इतनी खराब है कि विभाग को सोचने पर मजबूर कर दिया है। सीएमओ खराब हुए लिंगानुपात के लिए एएनएम तथा आशा वर्कर को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। सिविल सर्जन (सीएमओ) सूरजभान कंबोज तथा उप-सिविल सर्जन वीरेश भूषण ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं। दोनों ने शुक्रवार को डबवाली के बिश्नोई मंदिर में खराब प्रदर्शन करने वाली एएनएम तथा आशा वर्करों पर गुस्सा दिखाया।
विज्ञापन


एएनएम से पूछा-आप बच्चियों को क्यों मरवा रही हैं
उप सिविल सर्जन ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि देसूजोधा में 667, कालूआना में 545, गंगा में 467, दीवानखेड़ा में 400, रामपुरा बिश्नोईयां में 667, मटदादू में 429, राजपुरा में 600, रत्ताखेड़ा में 328, फुल्लो में 667 तथा गिदडख़ेड़ा में 273 का लिंगानुपात रह गया है। उन्होंने उपरोक्त गांवों में कार्यरत एएनएम से पूछा आप बेटियों को क्यों मरवा रही हैं? इसमें आपकी कितनी भागीदारी है? आपको कितना कमीशन मिलता है? लिंगानुपात को बेहतर बनाने के लिए पीएम, सीएम, सीएमओ अभियान चला रहे हैं, आप इस अभियान की धज्जियां उड़ाने में लगी हैं। उप सिविल सर्जन वीरेश भूषण ने यहां तक कह दिया कि बार-बार कहने के बावजूद आप काम नहीं कर रहीं। यह बड़े ही शर्म की बात है। यह आपको अंतिम वार्निंग है। अगर दो माह में आपने लिंगानुपात नहीं सुधारा तो आपको नौकरी से हटा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


5.3 फीसदी महिलाओं को आप नहीं पकड़ पा रही
उप सिविल सर्जन ने एएनएम तथा आशा वर्कर से कहा कि जिला सिरसा में 94.7 फीसदी गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन हो रहा है। लेकिन 5.3 फीसदी महिलाएं ऐसी हैं, जिनका आप रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाती। उनको आप ट्रेक नहीं कर पाती। जिससे वह पड़ोसी राज्य या फिर अन्य जगहों से अपने लिंग की जांच करवाती हैं। बेटी होने पर उसे मरवा देती हैं।

खराब प्रदर्शन पर जारी होगा नोटिस
उप सिविल सर्जन ने एसएमओ एमके भादू को निर्देश दिए कि जिन एएनएम तथा आशा वर्कर ने काम नहीं किया है, उन्हें नोटिस जारी किए जाएं। अगर फिर भी वे सही ढंग से काम नहीं करती हैँ, तो उन्हें शोकॉज नोटिस जारी करके नौकरी से निकालने की कार्रवाई शुरू कर दें।

आपका हर गली में डर होना चाहिए
सीएमओ सूरजभान कंबोज ने कहा कि आज हम दूसरे स्थान पर फिसले हैं। अगर आप एएनएम तथा आशा वर्कर लापरवाही बरतते रहेंगे तो हम बिल्कुल ही फिसल जाएंगे। सबसे पहले खुद का मन साफ करो, फिर सुधार के लिए पीछे पड़ जाओ। हेल्थ मिनिस्टर इस मामले में प्रसिद्ध हैं, जो कहते हैं, वो करते हैं। उनका कहना है कि सिविल सर्जन का डर होना चाहिए। वैसे आपका भी गांव की हर गली में डर होना चाहिए। आपको नारनौल याद है, वहां काम न करने पर आशा वर्कर सस्पेंड हुई थी। मैं चाहता हूं काम होना चाहिए। अगर काम नहीं करोगे तो आपको नौकरी पर रहने का कोई अधिकार नहीं।


गिरते लिंगानुपात के लिए एएनएम तथा आशा वर्कर जिम्मेदार हैं। वे गड़बड़ी कर रही हैं। हम उन्हें चेताने के लिए उनके घर द्वार तक पहुंच रहे हैं। जो काम नहीं करेगा, उसे नौकरी करने का अधिकार नहीं। अप्रैल तक हम पहले स्थान पर थे, मई में हम दूसरे स्थान पर फिसल गए। हेल्थ मिनिस्टर ने हमें चेताया है।
-सूरजभान कंबोज, सीएमओ, सिरसा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed