{"_id":"6a4fe5e01223b49d740b060d","slug":"cm-flying-checked-wheat-quality-on-ration-depot-sirsa-news-c-128-1-svns1027-161239-2026-07-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: खराब गुणवत्ता के गेहूं की शिकायतों पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: खराब गुणवत्ता के गेहूं की शिकायतों पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की कार्रवाई
Thu, 09 Jul 2026 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 09 Jul 2026 11:48 PM IST
विज्ञापन
गेहूं की जांच करने के बाद स्टॉक उठवाते हुए सीएफ्लाइंग की टीम।विभाग
खराब गुणवत्ता के गेहूं की शिकायतों पर सिरसा में मुख्यमंत्री उड़न दस्ते की कार्रवाई
- डीएसपी विक्रमजीत सिंह के नेतृत्व में राशन डिपो की जांच शुरू, स्टॉक व रिकॉर्ड खंगाले
फोटो-- 19,20
खराब गुणवत्ता के गेहूं की शिकायतों पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की कार्रवाई
डीएसपी विक्रमजीत सिंह के नेतृत्व में राशन डिपो की जांच शुरू, स्टॉक व रिकॉर्ड खंगाले
फोटो-- 19,20
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन डिपो पर वितरित किए जा रहे गेहूं की गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के बाद वीरवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने जांच शुरू कर दी है। टीम ने शहर के विभिन्न राशन डिपो पर पहुंचकर गेहूं के स्टॉक, गुणवत्ता और संबंधित अभिलेखों की जांच की। छह से सात घंटे तक राशन डिपो की जांच टीम ने की और अपनी रिपोर्ट तैयार की है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने वार्ड नंबर-21 स्थित रानियां गेट के निकट मारुति मंदिर के पास संचालित राशन डिपो पर दो घंटे तक जांच की। इसके अलावा गोशाला मोहल्ले में जिंदल डिपो पर टीम पहुंची और जांच की। जांच का नेतृत्व मुख्यमंत्री उड़न दस्ते के डीएसपी विक्रमजीत सिंह भादु ने किया।
इस दौरान सीएम फ्लाइंग के उप निरीक्षक जितेंद्र कुमार, उप निरीक्षक राजेश कुमार, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी राहुल कुमार, निरीक्षक आनंद शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
जांच के दौरान टीम ने डिपो पर उपलब्ध गेहूं के स्टॉक का निरीक्षण किया। आवश्यक रिकॉर्ड की जांच की तथा गुणवत्ता की पुष्टि के लिए नमूनों का परीक्षण संबंधी प्रक्रिया अपनाई। अधिकारियों ने यह भी जांच की कि संबंधित गेहूं का स्टॉक कहां से प्राप्त हुआ, कब आवंटित किया गया तथा वितरण प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप हुई या नहीं। वहीं, जांच के दौरान 15 गेहूं के कट्टों की गुणवत्ता सही नहीं पाई गई जिनके सैंपल लिए गए और उसकी जांच करवाई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
गेहूं की लगातार मिल रही है शिकायत
हैफेड के स्टॉक को लेकर लगातार शिकायतें विभाग के पास पहुंच रही हैं। इन शिकायतों में मुख्य रूप से गेहूं में पानी डाला जाना, मिट्टी व कंकड़-पत्थर शामिल हैं। गेहूं में पानी डलने के बाद उसकी गुणवत्ता बड़े स्तर पर खराब होती है। सूत्रों की मानें तो डिपो के साथ-साथ गोदामों में गेहूं को खराब करने को लेकर खेल चलता है। फिर इस गेहूं की सस्ते दामों पर नीलामी होती है। शराब बनाने के साथ-साथ अन्य प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियां इसे सस्ते दामों पर खरीदती हैं।
डिपो संचालकों में मची खलबली
इस कार्रवाई के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों तथा राशन डिपो संचालकों में खलबली मची रही। वहीं, बीपीएल एवं अन्य पात्र लाभार्थियों ने मांग की है कि यदि जांच पूरी होने तक किसी स्टॉक की गुणवत्ता संदिग्ध पाई जाती है तो उसके वितरण पर रोक लगाई जाए और जांच में गुणवत्ता मानकों पर खरा न उतरने की स्थिति में लाभार्थियों को बेहतर गुणवत्ता का गेहूं उपलब्ध कराया जाए।
जांच रिपोर्ट में सामने आ सकती है बड़ी गड़बड़ी
सीएम फ्लाइंग की जांच लगातार सिरसा जिले के शहरी क्षेत्र में बने डिपो पर देखने को मिल रही है। इस कार्रवाई से जिले के लोगों की निगाहें अब मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों की उम्मीद है कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
विज्ञापन
- डीएसपी विक्रमजीत सिंह के नेतृत्व में राशन डिपो की जांच शुरू, स्टॉक व रिकॉर्ड खंगाले
फोटो
खराब गुणवत्ता के गेहूं की शिकायतों पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की कार्रवाई
डीएसपी विक्रमजीत सिंह के नेतृत्व में राशन डिपो की जांच शुरू, स्टॉक व रिकॉर्ड खंगाले
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन डिपो पर वितरित किए जा रहे गेहूं की गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के बाद वीरवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने जांच शुरू कर दी है। टीम ने शहर के विभिन्न राशन डिपो पर पहुंचकर गेहूं के स्टॉक, गुणवत्ता और संबंधित अभिलेखों की जांच की। छह से सात घंटे तक राशन डिपो की जांच टीम ने की और अपनी रिपोर्ट तैयार की है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने वार्ड नंबर-21 स्थित रानियां गेट के निकट मारुति मंदिर के पास संचालित राशन डिपो पर दो घंटे तक जांच की। इसके अलावा गोशाला मोहल्ले में जिंदल डिपो पर टीम पहुंची और जांच की। जांच का नेतृत्व मुख्यमंत्री उड़न दस्ते के डीएसपी विक्रमजीत सिंह भादु ने किया।
विज्ञापन
इस दौरान सीएम फ्लाइंग के उप निरीक्षक जितेंद्र कुमार, उप निरीक्षक राजेश कुमार, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी राहुल कुमार, निरीक्षक आनंद शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
जांच के दौरान टीम ने डिपो पर उपलब्ध गेहूं के स्टॉक का निरीक्षण किया। आवश्यक रिकॉर्ड की जांच की तथा गुणवत्ता की पुष्टि के लिए नमूनों का परीक्षण संबंधी प्रक्रिया अपनाई। अधिकारियों ने यह भी जांच की कि संबंधित गेहूं का स्टॉक कहां से प्राप्त हुआ, कब आवंटित किया गया तथा वितरण प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप हुई या नहीं। वहीं, जांच के दौरान 15 गेहूं के कट्टों की गुणवत्ता सही नहीं पाई गई जिनके सैंपल लिए गए और उसकी जांच करवाई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
गेहूं की लगातार मिल रही है शिकायत
हैफेड के स्टॉक को लेकर लगातार शिकायतें विभाग के पास पहुंच रही हैं। इन शिकायतों में मुख्य रूप से गेहूं में पानी डाला जाना, मिट्टी व कंकड़-पत्थर शामिल हैं। गेहूं में पानी डलने के बाद उसकी गुणवत्ता बड़े स्तर पर खराब होती है। सूत्रों की मानें तो डिपो के साथ-साथ गोदामों में गेहूं को खराब करने को लेकर खेल चलता है। फिर इस गेहूं की सस्ते दामों पर नीलामी होती है। शराब बनाने के साथ-साथ अन्य प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियां इसे सस्ते दामों पर खरीदती हैं।
डिपो संचालकों में मची खलबली
इस कार्रवाई के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों तथा राशन डिपो संचालकों में खलबली मची रही। वहीं, बीपीएल एवं अन्य पात्र लाभार्थियों ने मांग की है कि यदि जांच पूरी होने तक किसी स्टॉक की गुणवत्ता संदिग्ध पाई जाती है तो उसके वितरण पर रोक लगाई जाए और जांच में गुणवत्ता मानकों पर खरा न उतरने की स्थिति में लाभार्थियों को बेहतर गुणवत्ता का गेहूं उपलब्ध कराया जाए।
जांच रिपोर्ट में सामने आ सकती है बड़ी गड़बड़ी
सीएम फ्लाइंग की जांच लगातार सिरसा जिले के शहरी क्षेत्र में बने डिपो पर देखने को मिल रही है। इस कार्रवाई से जिले के लोगों की निगाहें अब मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों की उम्मीद है कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।