{"_id":"6182d52ba44f5e2cdb47e51f","slug":"cm-deputy-cm-remained-effective-public-meetings-sirsa-news-hsr6160803125","type":"story","status":"publish","title_hn":"असर : सीएम और डिप्टी सीएम रहे असरदार, जनसभाओं वाले एरिया में बढ़े भाजपा प्रत्याशी के वोट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
असर : सीएम और डिप्टी सीएम रहे असरदार, जनसभाओं वाले एरिया में बढ़े भाजपा प्रत्याशी के वोट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिरसा। किसानों के आंदोलन को सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों ने सरकार और भाजपा-जजपा प्रत्याशी के खिलाफ खूब भुनाने की कोशिश की, ऐलनाबाद विधानसभा उपचुनाव के नतीजे पर कोई बड़ा असर नहीं दिखा। कृषि कानून के खिलाफ ढूकड़ा गांव में खुली महापंचायत हुई। इसमें भाजपा-जजपा का बहिष्कार करने का फैसला तक लिया गया, लेकिन चुनाव परिणाम ने सबको चाैंका दिया। ढूकड़ा के ग्रामीणों ने भाजपा-जजपा प्रत्याशी को खूब आशीर्वाद दिया। ढूकड़ा में करीब 900 वोट भाजपा प्रत्याशी गोबिंद कांडा को मिले। हालांकि बढ़त अभय सिंह चौटाला की ही रही।
वहीं, उपचुनाव में सीएम और डिप्टी सीएम ने जहां-जहां जनसभाएं कीं या जनसंपर्क अभियान चलाया वहां भाजपा को बढ़त मिली। किसान आंदोलन में नुकसान होने की बजाय भाजपा प्रत्याशी का फायदा ही हुआ और पार्टी का वोट बैंक पिछले वर्ष के मुकाबले बढ़ा। उपचुनाव में इनेलो प्रत्याशी अभय सिंह चौटाला ने जीत दर्ज की और 65992 वोट हासिल किए। दूसरे नंबर पर भाजपा-जजपा प्रत्याशी गोबिंद कांडा रहे और उन्होंने 59253 वोट मिले। इस बार किसान आंदोलन के कारण पूरे ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन हुए। नामांकन दर्ज करने से लेकर चुनाव के दिन तक प्रत्येक दिन कहीं न कहीं विरोध हुआ या काले झंडे दिखाए गए। लेकिन किसान आंदोलन फैक्टर काम नहीं आया। बल्कि जहां-जहां विरोध हुआ वहां भाजपा को बढ़त ही मिली। ऐलनाबाद शहर में तो भाजपा को सभी प्रत्याशियों से ज्यादा वोट मिले। इसी प्रकार माधोसिंघाना के एक बूथ पर अच्छा वोट भाजपा को मिला। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी पवन बेनीवाल को अपने गांव दड़बा से अच्छा जन समर्थन मिला।
भाजपा-जजपा प्रत्याशी के समर्थन में सीएम मनोहर लाल ने दो दिन के दौरे के दौरान गांव धौलपालिया और रंधावा के साथ-साथ ऐलनाबाद शहर के विभिन्न इलाकों में जाकर जनसभाएं कीं। इसके अलावा डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने भी पोहड़कां सहित कई गांवों में जनसभाएं की। यहां भी किसानों का खासा विरोध हुआ और पुलिस को प्रदर्शनकारी किसानों को रोकना पड़ा, मामले भी दर्ज करने पड़े, लेकिन इतने विरोध के बावजूद इन गांवों में भाजपा का वोट बैंक बढ़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
वहीं, उपचुनाव में सीएम और डिप्टी सीएम ने जहां-जहां जनसभाएं कीं या जनसंपर्क अभियान चलाया वहां भाजपा को बढ़त मिली। किसान आंदोलन में नुकसान होने की बजाय भाजपा प्रत्याशी का फायदा ही हुआ और पार्टी का वोट बैंक पिछले वर्ष के मुकाबले बढ़ा। उपचुनाव में इनेलो प्रत्याशी अभय सिंह चौटाला ने जीत दर्ज की और 65992 वोट हासिल किए। दूसरे नंबर पर भाजपा-जजपा प्रत्याशी गोबिंद कांडा रहे और उन्होंने 59253 वोट मिले। इस बार किसान आंदोलन के कारण पूरे ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन हुए। नामांकन दर्ज करने से लेकर चुनाव के दिन तक प्रत्येक दिन कहीं न कहीं विरोध हुआ या काले झंडे दिखाए गए। लेकिन किसान आंदोलन फैक्टर काम नहीं आया। बल्कि जहां-जहां विरोध हुआ वहां भाजपा को बढ़त ही मिली। ऐलनाबाद शहर में तो भाजपा को सभी प्रत्याशियों से ज्यादा वोट मिले। इसी प्रकार माधोसिंघाना के एक बूथ पर अच्छा वोट भाजपा को मिला। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी पवन बेनीवाल को अपने गांव दड़बा से अच्छा जन समर्थन मिला।
विज्ञापन
भाजपा-जजपा प्रत्याशी के समर्थन में सीएम मनोहर लाल ने दो दिन के दौरे के दौरान गांव धौलपालिया और रंधावा के साथ-साथ ऐलनाबाद शहर के विभिन्न इलाकों में जाकर जनसभाएं कीं। इसके अलावा डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने भी पोहड़कां सहित कई गांवों में जनसभाएं की। यहां भी किसानों का खासा विरोध हुआ और पुलिस को प्रदर्शनकारी किसानों को रोकना पड़ा, मामले भी दर्ज करने पड़े, लेकिन इतने विरोध के बावजूद इन गांवों में भाजपा का वोट बैंक बढ़ा।
विज्ञापन