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Sirsa News: स्वच्छता सर्वेक्षण के दावे पूरे, तैयारियां अधूरी, शौचालय व पार्कों की खस्ता स्थिति बिगाड़ सकती है रैंकिंग
Sun, 02 Jul 2023 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 02 Jul 2023 11:30 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के लिए केंद्रीय सर्वेक्षण टीम कभी भी दस्तक दे सकती है। सर्वेक्षण के लिए नगर परिषद की ओर से पूरी तैयारी के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर यह तैयारी शून्य के बराबर देखने को मिल रही है। शहर के बदहाल शौचालय, पार्कों की खराब स्थिति और खाली प्लाॅटों व डंपिंग प्वाइंटों पर फैला कूड़ा रैंकिंग को फिर से बिगाड़ सकता है। शहर के पार्कों में बने शौचालयों पर कहीं ताले लगे हैं, तो कहीं पर टोंटी गायब है।
स्वच्छता रैंकिंग में सुधार करने के लिए नगर परिषद की ओर से एक वर्ष से स्कूल, कॉलेज, दुकानदारों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को जागरूक करने व पंफ्लेट बांटने का काम किया जा रहा है। स्वच्छता को लेकर प्रतियोगिताएं भी करवाई जा रही हैं, लेकिन शहर में व्यवस्था के सुधार पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। शहर के सभी पार्कों की देखरेख के अभाव में स्थिति खराब हो चुकी है, जबकि पार्कों व सार्वजनिक स्थानों पर बने शौचालय की स्थिति की बदतर है। शौचालयों की सफाई के लिए नगर परिषद की ओर से टेंडर लगाए जाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद ही सफाई कर्मचारी गायब हो जाते हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए पहुंचने वाली टीम शहर के शौचालयों, पार्कों, सफाई संंबंधित जांच करेगी। ऐसे में खराब स्थिति का सीधा प्रभाव रैकिंग पर पड़ेगा।
पहले भी दो बार शहर में निरीक्षण कर चुकी हैं टीमें
स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के लिए पहले भी दो बाद टीमें शहर में दस्तक दे चुकी हैं। टीम ने शहर के बाहरी क्षेत्र में स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व कचरा प्लांट का निरीक्षण करने के बाद शहर में भी स्थिति की जांच की थी। अब तीसरी बार टीम निरीक्षण के लिए पहुंचेगी। केंद्रीय टीम के निरीक्षण के बाद यह परिणाम जारी किया जाना है।
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सुधार के लिए हटाए जाने थे शहर के कई डंपिंग प्वाइंट, खड़ी की जानी थीं ट्रालियां
नगर परिषद ने हिसार रोड स्थित बस स्टैंड के समक्ष, डाकघर के पास और बरनाला रोड पर बने डंपिंग प्वाइंटों को दो वर्ष पहले हटाने का प्लान बनाया था। यहां पर कूड़ा डालने के लिए ट्राॅली लगाने की योजना बनाई थी। इनमें से केवल डाकघर के समक्ष बना डंपिंग प्वाइंट ही हटाया जा सका है। इसके बावजूद यहां पर स्थिति का सुधार नहीं हो पाया है। दुकानदार इस स्थान पर कूड़ा डाल कर चले जाते हैं और दिनभर बेसहारा पशु उसमें मुंह मारते रहते हैं। अन्य स्थानों के डंपिंग प्वाइंटों की स्थिति पहले जैसे ही बनी हुई है।
पिछली बार गिरी थी रैंकिंग
स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में देशभर में सिरसा जिला 254वीं रैंकिंग पर था, जबकि हरियाणा में 18वें नंबर पर था। वर्ष 2021 में सिरसा देशभर में 176वें स्थान पर रहा था। नगर परिषद ने शहर में कई तरह के सुधार करने की योजनाएं बनाई गई थी, लेकिन कोई भी योजना सिरे नहीं चढ़ पाई।
रैंकिंग बिगड़ने के सबसे बड़े कारण
- खराब शौचालयों की स्थिति
- पार्कों में टूटे कूड़ेदान व झूले
- पार्कों के खराब व बंद पड़े शौचालय
- शहर में घूमते बेसहारा पशु
- डंपिंग प्वाइंटों पर खराब स्थिति
- हटाए गए डंपिंग प्वाइंटों पर फैला कूड़ा
- खाली प्लाटों में भरा हुआ कचरा
स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के लिए टीम कभी भी शहर में दस्तक दे सकती है। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। पहले भी टीम दो बार शहर का निरीक्षण कर चुकी है। अब अंतिम बार टीम शहर का निरीक्षण करेंगी। लोगों को लगातार जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। - जतिन गायेल, इंचार्ज, स्वच्छ भारत शहरी मिशन, नगर परिषद सिरसा ।
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सिरसा। स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के लिए केंद्रीय सर्वेक्षण टीम कभी भी दस्तक दे सकती है। सर्वेक्षण के लिए नगर परिषद की ओर से पूरी तैयारी के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर यह तैयारी शून्य के बराबर देखने को मिल रही है। शहर के बदहाल शौचालय, पार्कों की खराब स्थिति और खाली प्लाॅटों व डंपिंग प्वाइंटों पर फैला कूड़ा रैंकिंग को फिर से बिगाड़ सकता है। शहर के पार्कों में बने शौचालयों पर कहीं ताले लगे हैं, तो कहीं पर टोंटी गायब है।
स्वच्छता रैंकिंग में सुधार करने के लिए नगर परिषद की ओर से एक वर्ष से स्कूल, कॉलेज, दुकानदारों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को जागरूक करने व पंफ्लेट बांटने का काम किया जा रहा है। स्वच्छता को लेकर प्रतियोगिताएं भी करवाई जा रही हैं, लेकिन शहर में व्यवस्था के सुधार पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। शहर के सभी पार्कों की देखरेख के अभाव में स्थिति खराब हो चुकी है, जबकि पार्कों व सार्वजनिक स्थानों पर बने शौचालय की स्थिति की बदतर है। शौचालयों की सफाई के लिए नगर परिषद की ओर से टेंडर लगाए जाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद ही सफाई कर्मचारी गायब हो जाते हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए पहुंचने वाली टीम शहर के शौचालयों, पार्कों, सफाई संंबंधित जांच करेगी। ऐसे में खराब स्थिति का सीधा प्रभाव रैकिंग पर पड़ेगा।
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पहले भी दो बार शहर में निरीक्षण कर चुकी हैं टीमें
स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के लिए पहले भी दो बाद टीमें शहर में दस्तक दे चुकी हैं। टीम ने शहर के बाहरी क्षेत्र में स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व कचरा प्लांट का निरीक्षण करने के बाद शहर में भी स्थिति की जांच की थी। अब तीसरी बार टीम निरीक्षण के लिए पहुंचेगी। केंद्रीय टीम के निरीक्षण के बाद यह परिणाम जारी किया जाना है।
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सुधार के लिए हटाए जाने थे शहर के कई डंपिंग प्वाइंट, खड़ी की जानी थीं ट्रालियां
नगर परिषद ने हिसार रोड स्थित बस स्टैंड के समक्ष, डाकघर के पास और बरनाला रोड पर बने डंपिंग प्वाइंटों को दो वर्ष पहले हटाने का प्लान बनाया था। यहां पर कूड़ा डालने के लिए ट्राॅली लगाने की योजना बनाई थी। इनमें से केवल डाकघर के समक्ष बना डंपिंग प्वाइंट ही हटाया जा सका है। इसके बावजूद यहां पर स्थिति का सुधार नहीं हो पाया है। दुकानदार इस स्थान पर कूड़ा डाल कर चले जाते हैं और दिनभर बेसहारा पशु उसमें मुंह मारते रहते हैं। अन्य स्थानों के डंपिंग प्वाइंटों की स्थिति पहले जैसे ही बनी हुई है।
पिछली बार गिरी थी रैंकिंग
स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में देशभर में सिरसा जिला 254वीं रैंकिंग पर था, जबकि हरियाणा में 18वें नंबर पर था। वर्ष 2021 में सिरसा देशभर में 176वें स्थान पर रहा था। नगर परिषद ने शहर में कई तरह के सुधार करने की योजनाएं बनाई गई थी, लेकिन कोई भी योजना सिरे नहीं चढ़ पाई।
रैंकिंग बिगड़ने के सबसे बड़े कारण
- खराब शौचालयों की स्थिति
- पार्कों में टूटे कूड़ेदान व झूले
- पार्कों के खराब व बंद पड़े शौचालय
- शहर में घूमते बेसहारा पशु
- डंपिंग प्वाइंटों पर खराब स्थिति
- हटाए गए डंपिंग प्वाइंटों पर फैला कूड़ा
- खाली प्लाटों में भरा हुआ कचरा
स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के लिए टीम कभी भी शहर में दस्तक दे सकती है। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। पहले भी टीम दो बार शहर का निरीक्षण कर चुकी है। अब अंतिम बार टीम शहर का निरीक्षण करेंगी। लोगों को लगातार जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। - जतिन गायेल, इंचार्ज, स्वच्छ भारत शहरी मिशन, नगर परिषद सिरसा ।