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बिजली मंत्री का घेराव करने जा रहे किसानों को पुलिस ने बाबा भूम्मण शाह चौक पर रोका
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कृषि कानूनों और बिजली सप्लाई की समय सारिणी के बदलने की मांग को लेकर शहीद भगत सिंह स्टेडियम में बैठे किसानों के जत्थे ने सोमवार को बिजली मंत्री के आवास का घेराव करने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें बाबा भूम्मण शाह चौक पर रोक लिया। इसके बाद किसानों ने वहीं पर प्रदर्शन किया। किसानों ने पहले 23 दिसंबर को बिजली मंत्री के घर का घेराव करना था, लेकिन रविवार को सिरसा पहुंचने पर किसानों ने सोमवार को ही घेराव करने का फैसला किया।
इससे पहले किसान नेताओं में प्रदर्शन को लेकर सहमति न बनने पर आपस में गहमा-गहमी भी हुई। शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में पक्के मोर्च पर बैठे किसानों ने बिजली आपूर्ति की समय सारिणी को लेकर जेल व बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह का पहले 23 दिसंबर को घेराव करने की घोषणा की हुई थी। बिजली मंत्री रविवार को सिरसा पहुंचे तो किसानों को बातचीत की पेशकश की। इसके लिए 11 सदस्यों को आवास पर बुलाना था, लेकिन किसानों के एक गुट ने इस बातचीत का विरोध किया और बिजली मंत्री के आवास का घेराव करने का फैसला किया। प्रदर्शन को लेकर किसानों को सहमति बनाने में करीब आधा घंटा लग गया। जत्थेबंदी की सहमति होने पर डेढ़ बजे किसानों का जत्था शहीद भगत सिंह स्टेडियम से रवाना हुआ और बाबा भूम्मण शाह चौक तक नारेबाजी करते हुए हाथों में काले झंडे व किसानी झंडे लेकर पहुंचा। प्रशासन द्वारा उपमुख्यमंत्री व बिजली मंत्री के निवास को जाने वाली सड़क को अवरोधक लगाकर बंद कर दिया।
एसडीएम और डीएसपी बातचीत के लिए पहुंचे किसानों की समस्या को सुनने के लिए उनके बीच एसडीएम जयवीर यादव, डीएसपी आर्यन चौधरी पहुंचे। रास्ता बंद करने को लेकर किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच गहमागहमी भी हुई। किसान नेता बाबा गुरदीप सिंह के नेतृत्व में पहुंचे किसान संगठन के सदस्यों ने चौक पर पहुंचकर बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों की बात सुनने उनके बीच जब एसडीएम जयवीर यादव पहुंचे तो किसान नेता गुरदीप सिंह ने कहा कि जो किसान दिल्ली किसान आंदोलन में भाग लेने के लिए अपने घरों को छोड़कर गए है, उनकी जमीन को संभालने के लिए पीछे या तो वृद्ध माता-पिता है या फिर छोटे बच्चे। गेहूूं की फसल में सिंचाई का समय चल रहा है।
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बिजली विभाग द्वारा सिंचाई के लिए रात के समय ही बिजली दी जाती है, ऊपर से सर्दी अधिक होने के कारण छोटे बच्चों व वृद्ध माता पिता को रात को सिंचाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को लेकर पिछले सप्ताह भी बिजली विभाग को अवगत करवाया जा चुका है लेकिन इस पर कोई गौर नहीं किया गया। किसान संगठन बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह तक ये बात पहुंचाना चाहते है कि अगर आगामी 23 दिसंबर तक सिंचाई के लिए दी जाने वाली बिजली का समाधान नहीं होता तो वह चौधरी रणजीत सिंह की कोठी का घेराव करेंगे और बेरीकेड को तोड़कर किसान उनके कोठी तक पहुंचेंगे।
किसान नेताओं ने कहा कि साथ ही किसान जत्थेबंदी मंत्री चौधरी रणजीत सिंह द्वारा तीन कृषि कानूनों को लेकर उनकी कोठी में ली जाने वाली किसानों की बैठक का विरोध करते हैं। अगर तीन कृषि कानूनों में वास्तव में कोई लाभ है तो वह उनके बीच आकर उनसे बात करे और इन तीन कृषि कानूनों पर चर्चा करें। किसानों की बात सुनकर एसडीएम जयवीर यादव बोले कि आपकी बात उन तक पहुंचा दी जाएंगी। साथ ही आपकी बिजली वाली समस्या को प्रमुखता से देखा जाएगा। जिसके बाद किसान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वहीं चौक पर बैठ गए। करीब 45 मिनट धरने पर बैठने के बाद किसान वहां से वापिस अपने पक्के मोर्चा की ओर रवाना हुए।
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इससे पहले किसान नेताओं में प्रदर्शन को लेकर सहमति न बनने पर आपस में गहमा-गहमी भी हुई। शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में पक्के मोर्च पर बैठे किसानों ने बिजली आपूर्ति की समय सारिणी को लेकर जेल व बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह का पहले 23 दिसंबर को घेराव करने की घोषणा की हुई थी। बिजली मंत्री रविवार को सिरसा पहुंचे तो किसानों को बातचीत की पेशकश की। इसके लिए 11 सदस्यों को आवास पर बुलाना था, लेकिन किसानों के एक गुट ने इस बातचीत का विरोध किया और बिजली मंत्री के आवास का घेराव करने का फैसला किया। प्रदर्शन को लेकर किसानों को सहमति बनाने में करीब आधा घंटा लग गया। जत्थेबंदी की सहमति होने पर डेढ़ बजे किसानों का जत्था शहीद भगत सिंह स्टेडियम से रवाना हुआ और बाबा भूम्मण शाह चौक तक नारेबाजी करते हुए हाथों में काले झंडे व किसानी झंडे लेकर पहुंचा। प्रशासन द्वारा उपमुख्यमंत्री व बिजली मंत्री के निवास को जाने वाली सड़क को अवरोधक लगाकर बंद कर दिया।
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एसडीएम और डीएसपी बातचीत के लिए पहुंचे किसानों की समस्या को सुनने के लिए उनके बीच एसडीएम जयवीर यादव, डीएसपी आर्यन चौधरी पहुंचे। रास्ता बंद करने को लेकर किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच गहमागहमी भी हुई। किसान नेता बाबा गुरदीप सिंह के नेतृत्व में पहुंचे किसान संगठन के सदस्यों ने चौक पर पहुंचकर बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों की बात सुनने उनके बीच जब एसडीएम जयवीर यादव पहुंचे तो किसान नेता गुरदीप सिंह ने कहा कि जो किसान दिल्ली किसान आंदोलन में भाग लेने के लिए अपने घरों को छोड़कर गए है, उनकी जमीन को संभालने के लिए पीछे या तो वृद्ध माता-पिता है या फिर छोटे बच्चे। गेहूूं की फसल में सिंचाई का समय चल रहा है।
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बिजली विभाग द्वारा सिंचाई के लिए रात के समय ही बिजली दी जाती है, ऊपर से सर्दी अधिक होने के कारण छोटे बच्चों व वृद्ध माता पिता को रात को सिंचाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को लेकर पिछले सप्ताह भी बिजली विभाग को अवगत करवाया जा चुका है लेकिन इस पर कोई गौर नहीं किया गया। किसान संगठन बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह तक ये बात पहुंचाना चाहते है कि अगर आगामी 23 दिसंबर तक सिंचाई के लिए दी जाने वाली बिजली का समाधान नहीं होता तो वह चौधरी रणजीत सिंह की कोठी का घेराव करेंगे और बेरीकेड को तोड़कर किसान उनके कोठी तक पहुंचेंगे।
किसान नेताओं ने कहा कि साथ ही किसान जत्थेबंदी मंत्री चौधरी रणजीत सिंह द्वारा तीन कृषि कानूनों को लेकर उनकी कोठी में ली जाने वाली किसानों की बैठक का विरोध करते हैं। अगर तीन कृषि कानूनों में वास्तव में कोई लाभ है तो वह उनके बीच आकर उनसे बात करे और इन तीन कृषि कानूनों पर चर्चा करें। किसानों की बात सुनकर एसडीएम जयवीर यादव बोले कि आपकी बात उन तक पहुंचा दी जाएंगी। साथ ही आपकी बिजली वाली समस्या को प्रमुखता से देखा जाएगा। जिसके बाद किसान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वहीं चौक पर बैठ गए। करीब 45 मिनट धरने पर बैठने के बाद किसान वहां से वापिस अपने पक्के मोर्चा की ओर रवाना हुए।