{"_id":"61c6093bc9b5610a00271ef6","slug":"city-council-will-run-animal-catch-campaign-work-allotted-after-tender-sirsa-news-hsr620299680","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर परिषद चलाएगा पशु पकड़ो अभियान, टेंडर के बाद वर्क अलॉट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर परिषद चलाएगा पशु पकड़ो अभियान, टेंडर के बाद वर्क अलॉट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिरसा। शहर में घूम रहे लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए नगर परिषद ने स्थायी टीम का गठन कर दिया है। इसके लिए टेंडर खुलने के बाद नप ने ठेका एजेंसी को वर्क अलॉट जारी कर दिया है। एक-दो दिन में काम की योजना बनाकर निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। इसके बाद अभियान चलेगा।
बाजारों और कॉलोनियों के साथ-साथ मुख्य मार्गों पर भी शहर में करीब 2 हजार लावारिस पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। ये हादसों का कारण बन रहे हैं। इसके अलावा कॉलोनीवासी भी परेशान हैं। सड़कों पर लाइट नहीं होने के कारण रात में अंधेरे में लावारिस पशु नहीं आते। इससे समस्या बढ़ती जा रही है। इसलिए नगर परिषद ने योजना बनाई की लावारिस पशुओं को पकड़कर नंदीशाला में भेजने के लिए स्थायी टीम का गठन किया जाए। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया गया और प्रशासन ने उसे मंजूरी भी दे दी। इसके बाद टेंडर आमंत्रित किए गए। अब नगर परिषद ने शुक्रवार को टेंडर खोलकर एजेंसी को वर्क अलॉट भी कर दिया है। एक-दो दिन में ठेका एजेंसी के साथ बैठक करके रणनीति बना ली जाएगी। इसके तहत टीम में शामिल कर्मचारियों की संख्या और संसाधनों को लेकर विचार-विमर्श के बाद फैसला लिया जाएगा।
डीसी ने किया था शहर का दौरा तो नजर आए पशु
पिछले महीने डीसी अनीश यादव ने शहर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जहां एक ओर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया वहीं दूसरी ओर आवारा पशुओं की स्थिति भी देखी। डीसी को नजर आया कि शहर के बाजारों में लावारिस पशु विचरण कर रहे थे। इसके अलावा कूड़ा डंपिंग प्वाइंट पर भी लावारिस पशु एकत्र थे और कूड़े में मुंह मार रहे थे। इस पर डीसी ने तुरंत प्रभाव से इस समस्या के समाधान के लिए निर्देश दिए। लेकिन पता चला कि लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए सफाई कर्मचारियों से ही काम लिया जाता है। सफाई कर्मचारियों की संख्या पहले ही सीमित है और दूसरे काम भी हैं। इसलिए अलग से टीम का गठन करने का फैसला लिया जो केवल लावारिस पशुओं को पकड़कर नंदीशाला पहुंचाए, इसलिए टेंडर कॉल किया गया है।
विज्ञापन
दो नंदीशाला में रखे जा रहे लावारिस पशु, सरकार ने तैयार करवाई नंदीशाला
लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए सरकार ने गांव केलनियां में नंदीशाला तैयार करवाई है। इस नंदीशाला में 3 हजार से ज्यादा पशुओं को रखने की व्यवस्था है। इसके अलावा गांव रामनगरिया में भी नंदीशाला का संचालन किया जा रहा है। यहां भी 800 से ज्यादा पशुओं को रखने की क्षमता है। अब स्थायी टीम गठित होने से प्रतिदिन अभियान चलाकर पशुओं को पहुंचाया जा सकेगा।
प्रशासन को दुधारू पशुओं के लिए देना होगा ध्यान
शहर के रानियां रोड, बेगू रोड, चत्तरगढ़पट्टी एरिया में कुछ लोग ऐसे हैं जो दुधारू पशु रखते हैं। लेकिन सुबह-शाम दूध निकालकर पशुओं को छोड़ देते हैं। इस कारण पशु पूरा दिन सड़कों पर घूमते हैं और गंदगी फैलाने के साथ-साथ हादसों का भी कारण बनते हैं। यदि प्रशासन इन पशुओं को पकड़कर नंदीशाला या गोशाला पहुंचाए तो दूध से आमदनी भी हो पाएगी। रानियां रोड पर खासतौर पर इस तरह के पशुओं की भरमार है। यदि कोई व्यक्ति दुधारू पशु को छुड़ाने के लिए आए तो उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए टेंडर जारी किया गया है। रेट की मंजूरी मिलने के बाद अब एजेंसी को वर्क अलॉट भी कर दिया है। एक-दो दिन में एजेंसी को बुलाकर कर्मचारियों की संख्या और संसाधनों पर बात करके पशु पकड़ो अभियान चलाने के लिए आदेश दिए जाएंगे। अब प्रतिदिन लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाएंगे। शहरवासियों को आवारा पशुओं की समस्या से भी निजात मिलेगी।
-संदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, सिरसा।
विज्ञापन
बाजारों और कॉलोनियों के साथ-साथ मुख्य मार्गों पर भी शहर में करीब 2 हजार लावारिस पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। ये हादसों का कारण बन रहे हैं। इसके अलावा कॉलोनीवासी भी परेशान हैं। सड़कों पर लाइट नहीं होने के कारण रात में अंधेरे में लावारिस पशु नहीं आते। इससे समस्या बढ़ती जा रही है। इसलिए नगर परिषद ने योजना बनाई की लावारिस पशुओं को पकड़कर नंदीशाला में भेजने के लिए स्थायी टीम का गठन किया जाए। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया गया और प्रशासन ने उसे मंजूरी भी दे दी। इसके बाद टेंडर आमंत्रित किए गए। अब नगर परिषद ने शुक्रवार को टेंडर खोलकर एजेंसी को वर्क अलॉट भी कर दिया है। एक-दो दिन में ठेका एजेंसी के साथ बैठक करके रणनीति बना ली जाएगी। इसके तहत टीम में शामिल कर्मचारियों की संख्या और संसाधनों को लेकर विचार-विमर्श के बाद फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
डीसी ने किया था शहर का दौरा तो नजर आए पशु
पिछले महीने डीसी अनीश यादव ने शहर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जहां एक ओर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया वहीं दूसरी ओर आवारा पशुओं की स्थिति भी देखी। डीसी को नजर आया कि शहर के बाजारों में लावारिस पशु विचरण कर रहे थे। इसके अलावा कूड़ा डंपिंग प्वाइंट पर भी लावारिस पशु एकत्र थे और कूड़े में मुंह मार रहे थे। इस पर डीसी ने तुरंत प्रभाव से इस समस्या के समाधान के लिए निर्देश दिए। लेकिन पता चला कि लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए सफाई कर्मचारियों से ही काम लिया जाता है। सफाई कर्मचारियों की संख्या पहले ही सीमित है और दूसरे काम भी हैं। इसलिए अलग से टीम का गठन करने का फैसला लिया जो केवल लावारिस पशुओं को पकड़कर नंदीशाला पहुंचाए, इसलिए टेंडर कॉल किया गया है।
विज्ञापन
दो नंदीशाला में रखे जा रहे लावारिस पशु, सरकार ने तैयार करवाई नंदीशाला
लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए सरकार ने गांव केलनियां में नंदीशाला तैयार करवाई है। इस नंदीशाला में 3 हजार से ज्यादा पशुओं को रखने की व्यवस्था है। इसके अलावा गांव रामनगरिया में भी नंदीशाला का संचालन किया जा रहा है। यहां भी 800 से ज्यादा पशुओं को रखने की क्षमता है। अब स्थायी टीम गठित होने से प्रतिदिन अभियान चलाकर पशुओं को पहुंचाया जा सकेगा।
प्रशासन को दुधारू पशुओं के लिए देना होगा ध्यान
शहर के रानियां रोड, बेगू रोड, चत्तरगढ़पट्टी एरिया में कुछ लोग ऐसे हैं जो दुधारू पशु रखते हैं। लेकिन सुबह-शाम दूध निकालकर पशुओं को छोड़ देते हैं। इस कारण पशु पूरा दिन सड़कों पर घूमते हैं और गंदगी फैलाने के साथ-साथ हादसों का भी कारण बनते हैं। यदि प्रशासन इन पशुओं को पकड़कर नंदीशाला या गोशाला पहुंचाए तो दूध से आमदनी भी हो पाएगी। रानियां रोड पर खासतौर पर इस तरह के पशुओं की भरमार है। यदि कोई व्यक्ति दुधारू पशु को छुड़ाने के लिए आए तो उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए टेंडर जारी किया गया है। रेट की मंजूरी मिलने के बाद अब एजेंसी को वर्क अलॉट भी कर दिया है। एक-दो दिन में एजेंसी को बुलाकर कर्मचारियों की संख्या और संसाधनों पर बात करके पशु पकड़ो अभियान चलाने के लिए आदेश दिए जाएंगे। अब प्रतिदिन लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाएंगे। शहरवासियों को आवारा पशुओं की समस्या से भी निजात मिलेगी।
-संदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, सिरसा।