फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Children should prevent parents from driving at high speed

बच्चे अभिभावकों को तेजगति से वाहन चलाने से रोकें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 26 Apr 2022 11:00 PM IST
विज्ञापन
Children should prevent parents from driving at high speed
सिरसा डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल में यातायात नियमों की जानकारी देते यातायात थाना प्रभारी। - फोटो : Sirsa
सिरसा। यातायात पुलिस ने सड़क हादसों को रोकने के लिए अब विद्यार्थियों को नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करने का अभियान चलाया है। जागरूकता शिविर में यातायात पुलिस की ओर से बच्चों को ट्रैफिक नियमों के अलावा साइबर क्राइम के बारे में जानकारी दी। इस दौरान यातायात प्रभारी बहादुर सिंह व विद्यालय के अध्यापक मौजूद रहे।
विज्ञापन

पुलिस लाइन स्थित डीएवी स्कूल में मंगलवार को यातायात पुलिस की ओर से जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में थाना प्रभारी बहादुर सिंह ने कहा कि बच्चे अपने अभिभावकों को वाहन तेज चलाने से रोकें। उन्होंने कहा कि दुर्घटना से देर भली है। किसी स्थान पर 10 मिनट देरी से पहुंचने से अच्छा है कि दुर्घटना से बचा जाए। उन्होंने कहा कि वाहन चलाते समय सीट बेल्ट व हेलमेट का हमेशा प्रयोग करें, ताकि अगर कोई दुर्घटना हो तो गंभीर चोट लगने से बचा जा सके। वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग करने से दुर्घटना होने पर गंभीर चोट लगने से 95 प्रतिशत तक बचा जा सकता है। यातायात प्रभारी ने कहा कि शराब पीकर वाहन चलाने से बचना चाहिए तथा जो शराब पीकर वाहन चलाता है उसके साथ नहीं बैठे। ऐसे लोग अपने साथ दूसरों की जान को भी खतरे में डालते हैं। इस दौरान एएसआई छोटूराम, रमेश कुमार, मनदीप सिंह, अध्यापक राजेश कुमार, अभिनव शर्मा, कुलदीप, पूजा नरूला, पूनम भूटानी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

दुर्घटना होने पर पुलिस को दे सूचना, नहीं होगी कोई पूछताछ
यातायात थाना प्रभारी बहादुर सिंह ने कहा कि अगर रास्ते में कोई दुर्घटना होती है तो उसकी जानकारी पुलिस के टोल फ्री नं. 100, 1073, 1091 पर दें। रास्ते में अगर कोई घायल मिलता है तो उसे अस्पताल पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर देखा गया है कि पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने में लोग रुचि नहीं दिखाते। जबकि अगर दुर्घटना में कोई घायल व्यक्ति मिलता तो उसे अस्पताल पहुंचाने वाले से पुलिस की ओर से न तो कोई जानकारी ली जाती है और न ही कोई सवाल जवाब किया जाता है। यह पुण्य का कार्य है। अगर किसी के हाथों से एक भी जान बच जाती है तो वह उसका अहसान कभी नहीं भूलता।
विज्ञापन
विज्ञापन

आपको बच्चों से प्यार नहीं है क्या
जागरूकता शिविर में एक घटना का जिक्र करते हुए थाना प्रभारी ने बताया कि बाजार में उन्हें एक नाबालिग बच्ची स्कूटी चलाते हुए मिली। उस बच्ची के पांव भी जमीन पर नहीं लग रहे थे। जब उन्होंने उसे रोका तो वह रोने लगी तथा कुछ भी नहीं बता रही थी, जिस पर उन्होंने उसे पानी पिलाया व खाने के लिए टॉफी दी। फिर भी वह बच्ची डर के मारे कुछ नहीं बोल पा रही थी। इतने में एक व्यक्ति वहां आया तो उस बच्ची के पिता को जानता था। उस व्यक्ति ने बच्ची के पिता से थाना प्रभारी की फोन पर बात करवाई। जिस पर थाना प्रभारी ने उसके पिता से पूछा कि क्या आपको अपने बच्चों से प्यार नहीं है। इस पर वह व्यक्ति बोला कि बहुत प्यार करते हैं। तो थाना प्रभारी ने कहा कि अगर करते हैं तो इसे वाहन देकर बाजार में क्यों भेज दिया। इसके पांव भी जमीन पर नहीं लगते हैं तथा अगर कोई दुर्घटना हो जाती है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। थाना प्रभारी ने कहा अभिभावक अपने बच्चों को बालिग होने तक वाहन देने से परहेज करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed