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Sirsa News: सीएचसी व पीएचसी को पुलिस का करें सहयोग करने का आदेश
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ओढां। मेडिकल नशे पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसके चलते मेडिकल स्टाेर संचालकों के साथ-साथ आरएमपी चिकित्सकों में भी हड़कंप मचा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी पीएचसी व सीएचसी केंद्रों को पत्र जारी कर निर्देश दिए गए हैं कि नशीली दवाइयों के दुरुपयोग को रोकने के लिए आरएमपी की जांच के लिए चिकित्सक पुलिस का पूरा सहयोग करें।
इस कार्रवाई के लिए विभाग ने जिले में दो नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए हैं। इनमें उप सिविल सर्जन डाॅ. पंकज शर्मा सिरसा, रानियां, ऐलनाबाद, बडागुढ़ा, नाथूसरी चोपटा व माधोसिंघाना और एमओ डाॅ. हरसिमरन सिंह ओढां, डबवाली, कालांवाली व चौटाला क्षेत्र देखेंगे। पुलिस जब किसी मेडिकल स्टोर पर रेड करती है तो उनके साथ डीआई या कोई सरकारी चिकित्सक का होना अनिवार्य होता है, क्योंकि पुलिस को मेडिकल दवाओं के बारे में जानकारी नहीं होती।
पुलिस मेडिकल स्टोर जाकर पूछताछ कर रही है कि इसका लाइसेंस किसके नाम से जारी और फार्मासिस्ट कौन है और स्टोर पर बैठा कौन है। ओढां थाना क्षेत्र में करीब 53 मेडिकल स्टोर हैं, जिनमें से अधिकांश मेडिकल संचालकों के पास अपना लाइसेंस नहीं है। उन्होंने लाइसेंस दूसरे लोगों के किराये पर लेकर काम चलाया हुआ है। वहीं पुलिस कहना है कि ऐसे मेडिकल संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी। जिसके नाम लाइसेंस है और फार्मासिस्ट हैं वे ही मेडिकल पर बैठने चाहिए।
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-- -- -- -- स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पत्र आया है। इसमें प्राप्त आदेश के अनुसार सभी पुलिस का पूरा सहयोग करेंगे।
- डाॅ. सुमित जैन, एसएमओ, सीएचसी, ओढां।
मेडिकल नशा हो या अन्य कोई, पुलिस ने ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान चला रखा है। मेडिकल पर प्रोपराइटर व फार्मासिस्ट का होना अनिवार्य है। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग का भी सहयोग लिया जा रहा है, आमजन से भी अपील है कि नशे को खत्म करने के लिए पुलिस का सहयोग करें।
-- -- आनंद कुमार, थाना प्रभारी, ओढां।
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इस कार्रवाई के लिए विभाग ने जिले में दो नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए हैं। इनमें उप सिविल सर्जन डाॅ. पंकज शर्मा सिरसा, रानियां, ऐलनाबाद, बडागुढ़ा, नाथूसरी चोपटा व माधोसिंघाना और एमओ डाॅ. हरसिमरन सिंह ओढां, डबवाली, कालांवाली व चौटाला क्षेत्र देखेंगे। पुलिस जब किसी मेडिकल स्टोर पर रेड करती है तो उनके साथ डीआई या कोई सरकारी चिकित्सक का होना अनिवार्य होता है, क्योंकि पुलिस को मेडिकल दवाओं के बारे में जानकारी नहीं होती।
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पुलिस मेडिकल स्टोर जाकर पूछताछ कर रही है कि इसका लाइसेंस किसके नाम से जारी और फार्मासिस्ट कौन है और स्टोर पर बैठा कौन है। ओढां थाना क्षेत्र में करीब 53 मेडिकल स्टोर हैं, जिनमें से अधिकांश मेडिकल संचालकों के पास अपना लाइसेंस नहीं है। उन्होंने लाइसेंस दूसरे लोगों के किराये पर लेकर काम चलाया हुआ है। वहीं पुलिस कहना है कि ऐसे मेडिकल संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी। जिसके नाम लाइसेंस है और फार्मासिस्ट हैं वे ही मेडिकल पर बैठने चाहिए।
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- डाॅ. सुमित जैन, एसएमओ, सीएचसी, ओढां।
मेडिकल नशा हो या अन्य कोई, पुलिस ने ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान चला रखा है। मेडिकल पर प्रोपराइटर व फार्मासिस्ट का होना अनिवार्य है। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग का भी सहयोग लिया जा रहा है, आमजन से भी अपील है कि नशे को खत्म करने के लिए पुलिस का सहयोग करें।