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चौटाला दोहरे हत्यकांड में खुलासा: जेल का एक वार्डन छोटू भाट को उपलब्ध करवाता था मोबाइल
अमर उजाला/ब्यूरो/सिरसा
Updated Sat, 15 Apr 2017 12:50 AM IST
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चौटाला दोहरे हत्याकांड के मुख्य साजिश कर्ता आरोपी छोटू भाट से सीआईए पुलिस कड़ी पूछताछ कर रही है। पुलिस उससे वह मोबाइल मांग रही है जिसका उपयोग उसने जेल में हत्याकांड को अंजाम दिलाने में किया था। इसी सिलसिल में शुक्रवार को सुबह वह रात को कड़ी सुरक्षा में छोटू भाट को जिला जेल में लाया गया। सीआईआई सिरसा प्रभारी राजाराम, सीआईए डबवाली इंचार्ज संदीप कुमार व सदर डबवाली प्रभारी विनोद काजला छोटू भाट को लेकर सुबह साढ़े 11 बजे जेल में पहुंचे। पुलिस ने छोटू भाट से उस बैरक की निशानदेही करवाई जहां रहकर उसने देहरे हत्याकांड की साजिश रची।
सीआईए ने छोटू भाट से कहा कि उस मोबाइल फोन की बरामदगी करवा जिसका इस्तेमाल उसने हत्याकांड को अंजाम दिलाने हेतु किया था। छोटू भाट के पास सिरसा जेल में दो मोबाइल फोन थे। जिससे जरिए वो अपने गैंग से जुड़े शूटरों के संपर्क में रहता था। पुलिस जेल प्रशासन पर भी यह दबाव डाल रही है कि जेल से छोटू भाट के मोबाइल की बरामदगी करवाई जाए। पुलिस ने छोटू भाट की निशानदेही पर साजिश का पूरा नक्शा तैयार किया। इसके बाद रात करीब सवा सात बजे एक बार फिर से छोटू भाट को जेल में लाया गया। 45 मिनट तक जांच अधिकारी उसे विभिन्न बैरकों में लेकर गए। जेल सूत्रों के अनुसार जेल प्रशासन जेल में से मोबाइल की बरामदगी दिखाता है तो वह कटघरे में खड़ा हो जाएगा। ऐसे हाई प्रोफाइल मामले से जेल प्रशासन अपने को दूर रखना चाहता है। अदालत ने छोटू भाट को पांच दिन के पुलिस रिमांड में भेजा है। रिमांड का पहला दिन पुलिस केवल जेल में नक्शा तैयार कर पाई।
इससे पहले सुबह एएसपी हिमांशु गर्ग ने स्वयं भी छोटू भाट से पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार छोटू भाट ने एएसपी को बताया कि जेल का एक वार्डन उसे मोटे रुपये लेकर जेल में मोबाइल उपलब्ध करवाता था। बाहर से जो भी सामान उसे चाहिए होता वह उक्त वार्डन को उसकी कीमत देकर आसानी से अंदर मंगवा लेता। मोबाइल भी उक्त वार्डन के पास ही है। छोटू भाट के बयानों पर सीआईए ने जेल जाकर उक्त वार्डन के संबंध में जेल अधीक्षक अमित भादू से पूछा तो पता चला कि उक्त जेल वार्डन दस दिनों से गैर हाजिर चल रहा है। उसने सुसाइड नोट अपने साथी कर्मचारियों के मोबाइल पर भेजा है। सुसाइड नोट में उक्त वार्डन ने सिरसा जेल के दो वार्डनों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। दस दिनों से लापता वार्डन का अभी तक कुछ पता नहीं चला है और अब सीआईए सिरसा उसकी तलाश में जुट गई है। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर विनोद कुमार का कहना है कि कि पुलिस आरोपी छोटूभाट से कड़ी पूछताछ करके हत्याकांड से जुड़े सारे अहम सबूत जुटाए जा रहे है। पहले दिन आरोपी को जेल में ले जाकर साजिश की निशान देही करवाई गई।
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ये है घटनाक्रम
11 जनवरी 2017 की रात करीब आठ बजे गांव चौटाला में इनेलो नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला परिवार के बेहद करीबी प्रदीप गोदारा के किन्नू प्लांट में अज्ञात बदमाशों ने अधाधुंध फायरिंग की। फायरिंग में प्लांट दफ्तर में मौजूद चौटाला निवासी जमींदार सतबीर पूनिया, अमित सहारण की मौत हो गई। हमले से चार मिनट पहले तक इसी दफ्तर में नेता प्रतिपक्ष एवं ऐलनाबाद के विधायक अभय चौटाला के छोटे बेटे अर्जुन चौटाला प्रदीप गोदारा के साथ मौजूद थे। मौके पर पुलिस पहुंची तो उसे बताया गया कि ऑफिस में लगे सीसीटीवी एक सप्ताह से खराब पड़े हैं। नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला इस हमले को इनेलो पर हमला करार दिया। नेता विपक्ष ने पहले इस हत्याकांड के पीछे नाभा जेल ब्रेक में शामिल बदमाशों का हाथ बताया, फिर पूर्व मंत्री गोपाल कांडा पर साजिश रचने का आरोप लगाया। 25 जनवरी को पुलिस ने चौटाला निवासी गंगाजल उर्फ महेंद्र, कालू उर्फ मुखराम व सुखविंद्र उर्फ मिंडा को गिरफ्तार करते हुए खुलासा किया कि जेल में छोटू भाट ने इस अमित सहारण व सतबीर की हत्या करने की साजिश रची थी। आरोपी गंगाजल उर्फ महेंद्र, कालू उर्फ मुखराम व सुखविंद्र उर्फ मिंडा भी साजिश में शामिल थे और उन्होंने हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटरों के लिए रेकी की।
छोटू भाट 17 जनवरी को सिरसा जेल से जमानत पर रिहा हुआ था। पुलिस ने छोटू भाट सहित उक्त तीनों आरोपियों के खिलाफ साजिश रचने का केस दर्ज किया। इसके बाद सिरसा पुलिस ने हत्याकांड की फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया। नौ अप्रैल को सीएम मनोहर लाल सिरसा पहुंचे तो गांव चौटाला के पांच हजार ग्रामीण सिरसा पहुंचे और पीड़ित परिवार ने सीएम से मुलाकात करके हत्याकांड की सीबीआई जांच करवाने की मांग की। सीएम ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए हत्याकांड की जांच सीबीआई से करवाने का भरोसा दिया। 13 अप्रैल को छोटू भाट ने पंजाब की गिदड़बाह कोर्ट में आत्म समर्पण कर दिया।
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सीआईए ने छोटू भाट से कहा कि उस मोबाइल फोन की बरामदगी करवा जिसका इस्तेमाल उसने हत्याकांड को अंजाम दिलाने हेतु किया था। छोटू भाट के पास सिरसा जेल में दो मोबाइल फोन थे। जिससे जरिए वो अपने गैंग से जुड़े शूटरों के संपर्क में रहता था। पुलिस जेल प्रशासन पर भी यह दबाव डाल रही है कि जेल से छोटू भाट के मोबाइल की बरामदगी करवाई जाए। पुलिस ने छोटू भाट की निशानदेही पर साजिश का पूरा नक्शा तैयार किया। इसके बाद रात करीब सवा सात बजे एक बार फिर से छोटू भाट को जेल में लाया गया। 45 मिनट तक जांच अधिकारी उसे विभिन्न बैरकों में लेकर गए। जेल सूत्रों के अनुसार जेल प्रशासन जेल में से मोबाइल की बरामदगी दिखाता है तो वह कटघरे में खड़ा हो जाएगा। ऐसे हाई प्रोफाइल मामले से जेल प्रशासन अपने को दूर रखना चाहता है। अदालत ने छोटू भाट को पांच दिन के पुलिस रिमांड में भेजा है। रिमांड का पहला दिन पुलिस केवल जेल में नक्शा तैयार कर पाई।
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इससे पहले सुबह एएसपी हिमांशु गर्ग ने स्वयं भी छोटू भाट से पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार छोटू भाट ने एएसपी को बताया कि जेल का एक वार्डन उसे मोटे रुपये लेकर जेल में मोबाइल उपलब्ध करवाता था। बाहर से जो भी सामान उसे चाहिए होता वह उक्त वार्डन को उसकी कीमत देकर आसानी से अंदर मंगवा लेता। मोबाइल भी उक्त वार्डन के पास ही है। छोटू भाट के बयानों पर सीआईए ने जेल जाकर उक्त वार्डन के संबंध में जेल अधीक्षक अमित भादू से पूछा तो पता चला कि उक्त जेल वार्डन दस दिनों से गैर हाजिर चल रहा है। उसने सुसाइड नोट अपने साथी कर्मचारियों के मोबाइल पर भेजा है। सुसाइड नोट में उक्त वार्डन ने सिरसा जेल के दो वार्डनों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। दस दिनों से लापता वार्डन का अभी तक कुछ पता नहीं चला है और अब सीआईए सिरसा उसकी तलाश में जुट गई है। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर विनोद कुमार का कहना है कि कि पुलिस आरोपी छोटूभाट से कड़ी पूछताछ करके हत्याकांड से जुड़े सारे अहम सबूत जुटाए जा रहे है। पहले दिन आरोपी को जेल में ले जाकर साजिश की निशान देही करवाई गई।
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ये है घटनाक्रम
11 जनवरी 2017 की रात करीब आठ बजे गांव चौटाला में इनेलो नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला परिवार के बेहद करीबी प्रदीप गोदारा के किन्नू प्लांट में अज्ञात बदमाशों ने अधाधुंध फायरिंग की। फायरिंग में प्लांट दफ्तर में मौजूद चौटाला निवासी जमींदार सतबीर पूनिया, अमित सहारण की मौत हो गई। हमले से चार मिनट पहले तक इसी दफ्तर में नेता प्रतिपक्ष एवं ऐलनाबाद के विधायक अभय चौटाला के छोटे बेटे अर्जुन चौटाला प्रदीप गोदारा के साथ मौजूद थे। मौके पर पुलिस पहुंची तो उसे बताया गया कि ऑफिस में लगे सीसीटीवी एक सप्ताह से खराब पड़े हैं। नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला इस हमले को इनेलो पर हमला करार दिया। नेता विपक्ष ने पहले इस हत्याकांड के पीछे नाभा जेल ब्रेक में शामिल बदमाशों का हाथ बताया, फिर पूर्व मंत्री गोपाल कांडा पर साजिश रचने का आरोप लगाया। 25 जनवरी को पुलिस ने चौटाला निवासी गंगाजल उर्फ महेंद्र, कालू उर्फ मुखराम व सुखविंद्र उर्फ मिंडा को गिरफ्तार करते हुए खुलासा किया कि जेल में छोटू भाट ने इस अमित सहारण व सतबीर की हत्या करने की साजिश रची थी। आरोपी गंगाजल उर्फ महेंद्र, कालू उर्फ मुखराम व सुखविंद्र उर्फ मिंडा भी साजिश में शामिल थे और उन्होंने हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटरों के लिए रेकी की।
छोटू भाट 17 जनवरी को सिरसा जेल से जमानत पर रिहा हुआ था। पुलिस ने छोटू भाट सहित उक्त तीनों आरोपियों के खिलाफ साजिश रचने का केस दर्ज किया। इसके बाद सिरसा पुलिस ने हत्याकांड की फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया। नौ अप्रैल को सीएम मनोहर लाल सिरसा पहुंचे तो गांव चौटाला के पांच हजार ग्रामीण सिरसा पहुंचे और पीड़ित परिवार ने सीएम से मुलाकात करके हत्याकांड की सीबीआई जांच करवाने की मांग की। सीएम ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए हत्याकांड की जांच सीबीआई से करवाने का भरोसा दिया। 13 अप्रैल को छोटू भाट ने पंजाब की गिदड़बाह कोर्ट में आत्म समर्पण कर दिया।