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गांवों के ‘चौधरी’ आक्रोश में : छह खंडों में बीडीपीओ कार्यालयों को जड़ा ताला, बोले- पंचायत मंत्री मांगें माफी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Jan 2023 11:18 PM IST
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'Chaudhary' of the villages in anger: Locked BDPO offices in six blocks, said- Panchayat minister should apologize
शहर में स्थित बीडीपीओ कार्यालय को ताला लगाते ब्लॉक समिति सदस्य भूपेंद्र सिंह। संवाद - फोटो : Sirsa
सिरसा। प्रदेश के गांवों के ‘चौधरी’ आक्रोश में हैं। पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के विवादित बयान व ई-टेंडरिंग के विरोध में सरपंच व पंचों ने बीडीपीओ कार्यालयों के ताला लगा दिया। सरपंचों ने सिरसा, ओढां, ऐलनाबाद, रानियां, नाथूसरी चोपटा में बीडीपीओ कार्यालयों पर तालाबंदी की। बडागुढ़ा में कार्यक्रम का बहिष्कार कर सरपंच व पंच धरने पर बैठ गए। उन्होंने पंचायत मंत्री के माफी मांगने और ई टेंडरिंग प्रक्रिया बंद करने की मांग उठाई।
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सोमवार सुबह 10 बजे ही सरपंच व पंच अपने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय के समक्ष पहुंचना शुरू हो गए। सिरसा में सरपंचों व पंचों ने ब्लॉक समिति सदस्य के प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह वैदवाला की अध्यक्षता में बीडीपीओ कार्यालय के मुख्य गेट को ताला लगा दिया और धरना दे दिया। करीब एक घंटे तक नारेबाजी की। इस दौरान ब्लॉक के 16 गांवों के सरपंच प्रदर्शन में शामिल हुए। दोपहर 12 बजे प्रदर्शन करते हुए सरपंच व पंच बीडीपीओ ऑफिस में पहुंच गए और सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को बाहर निकाल दिया। यहां सरपंचों व पंचों ने कार्यालय के दोनों गेटों को ताला लगा दिया और धरने पर बैठ गए। सरपंचों ने कहा कि पंचायत मंत्री का रवैया सरपंचों व पंचों के प्रति ठीक नहीं है। सरपंचों के खिलाफ वह टिप्पणी कर रहे हैं, जोकि बेहद गलत है। उन्होंने कहा जब तक मंत्री सरपंचों और पंचों से माफी नहीं मांगते वह कार्यालयों में ताला बंद रखेंगे। उन्होंने कहा कि मंत्रियों के रिश्तेदार ही ठेकेदार है। इन्हें लाभ पहुंचाने के लिए सरकार ई टेंडरिंग प्रक्रिया लेकर आई है। उन्होंने कहा कि सरपंच के पास केवल दो लाख रुपये खर्च करने का ही अधिकार है, जिससे गांवों के विकास के लिए कोई भी काम नहीं हो सकता। न तो इससे गली का निर्माण हो पाएगा और न ही कोई भी भवन तैयार होगा।
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बोले: मंत्रियों और अधिकारियों की प्रॉपर्टी की हो जांच
सरपंचों ने कहा कि सरकार घोटाले और सरकारी राशि की चोरी रोकना चाहती है, तो सभी मंत्रियों और अधिकारियों की प्रॉपर्टी की जांच करें। मंत्रियों ने पहले ही बहुत से घोटाले किए हैं पर सरकार इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही। सरपंचों ने रोष प्रदर्शन करते हुए कहा कि उनकी जब तक मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक वह धरना प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे। उनका सुबह नौ बजे तक शाम पांच बजे तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
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इन गांवों के सरपंच रहे उपस्थित
सिरसा बीडीपीओ कार्यालय में वैदवाला सरपंच दीप सिंह, शहीदांवाली सरपंच सीताराम, डिंग सरपंच मुकेश, मीरपुर सरपंच वेद प्रकाश, नरेलखेड़ा सरपंच हरदीप सिंह, ढाणी रामपुरा सरपंच सुखदेव कंबोज, हांडी खेड़ा सरपंच प्रतिनिधि राजेश, सिकंदरपुर सरपंच मलकीत सिंह, पतली डाबर सरपंच प्रतिनिधि लखविंद्र, संगर सरिस्ता सरपंच अमन कुमार, अहमदपुर सरपंच संदीप कुमार, सलारपुर सरपंच प्रेमचंद उपस्थित रहे।

सरकारी कार्यालयों में नहीं हुआ दिनभर कोई काम
बीडीपीओ कार्यालय में पंचायतों के फंड, सर्वे करने, पीएमएवाई योजना के तहत लोगों के मकानों की किस्त जारी करने सहित अन्य कई तरह से काम होते हैं, तालाबंदी होने के कारण कार्य बंद रहा। लोग न तो अपनी शिकायत अधिकारियों को दे पाए और न ही कोई भी सरकारी काम हो पाया।

ई ट्रेंडिंग को लेकर बीडीपीओ कार्यालय में प्रदर्शन करते सरपंच व पंच। संवाद

ई ट्रेंडिंग को लेकर बीडीपीओ कार्यालय में प्रदर्शन करते सरपंच व पंच। संवाद- फोटो : Sirsa

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