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Sirsa News: शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में विकसित होगी सीडीएलयू, 2566 सीटों के लिए 7 जुलाई तक करें आवेदन
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सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजय कुमार प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा (सीडीएलयू) को शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में ''सेंटर ऑफ एक्सीलेंस'' (उत्कृष्टता का केंद्र) के रूप में स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजय कुमार ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए विश्वविद्यालय के विभिन्न टीचिंग डिपार्टमेंट्स में 1926 सीटों पर और विश्वविद्यालय स्कूल फॉर ग्रेजुएट स्टडीज (यूएसजीएस) में 640 सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आवेदन की अंतिम तिथि 7 जुलाई निर्धारित की गई है।
कुलपति प्रो. विजय कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है, बल्कि उन्हें व्यावहारिक दक्षताओं से भी लैस करना है। उन्होंने बताया कि सीडीएलयू प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है जिसने स्नातक स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति को प्रभावी रूप से लागू किया। यह पहल विश्वविद्यालय को शैक्षिक उत्कृष्टता की ओर और एक मजबूत कदम आगे बढ़ाने में मदद करेगी, जिससे विद्यार्थियों को भविष्य में बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
उद्योग जगत की मांग के अनुरूप नए पाठ्यक्रम तैयार होंगे
कुलपति ने कहा कि उद्योग जगत की मांग के अनुरूप कोर्सेज की मैपिंगके लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की गई है, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचलित पाठ्यक्रमों का अध्ययन कर डिमांडिंग कोर्सेज की सूची तैयार करेगी। यह सूची न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय और वैश्विक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाई जाएगी।
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शोध को समाज उन्मुख और उपयोगी बनाया जाएगा
प्रो. विजय कुमार ने बताया कि शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें समाज से जोड़ा जाएगा, ताकि छात्रों द्वारा किए शोध कार्यों से जनसामान्य को लाभ मिल सके। सभी प्राध्यापकों और नॉन-टीचिंग स्टाफ को अकादमिक और एक्शन प्लान प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च को बढ़ावा देना, नवाचार को संस्थागत स्वरूप देना और विद्यार्थियों के लिए आधुनिक, व्यावसायिक और समाज उपयोगी शिक्षा का वातावरण बनाना विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों को इंटर्नशिप की व्यापक सुविधा दी जाएगी और ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा ताकि, उन्हें बेहतर रोजगार अवसर मिल सकें। विश्वविद्यालय में रिसोर्सेज की सांझा उपयोगिता को प्रोत्साहित किया जाएगा।
विश्वविद्यालय को बनाएंगे पाॅलिथीन मुक्त
उन्होंने यह भी घोषणा की कि विश्वविद्यालय परिसर को पाॅलिथीन मुक्त बनाया जाएगा और एनर्जी एंड एनवायरनमेंट साइंस विभाग के दिशा-निर्देशन में जुलाई माह में विशाल पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही साइबर सिक्योरिटी, साइबर क्राइम और डिजास्टर मैनेजमेंट से संबंधित डिप्लोमा कोर्स भी शीघ्र शुरू किए जाएंगे।
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कुलपति प्रो. विजय कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है, बल्कि उन्हें व्यावहारिक दक्षताओं से भी लैस करना है। उन्होंने बताया कि सीडीएलयू प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है जिसने स्नातक स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति को प्रभावी रूप से लागू किया। यह पहल विश्वविद्यालय को शैक्षिक उत्कृष्टता की ओर और एक मजबूत कदम आगे बढ़ाने में मदद करेगी, जिससे विद्यार्थियों को भविष्य में बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
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उद्योग जगत की मांग के अनुरूप नए पाठ्यक्रम तैयार होंगे
कुलपति ने कहा कि उद्योग जगत की मांग के अनुरूप कोर्सेज की मैपिंगके लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की गई है, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचलित पाठ्यक्रमों का अध्ययन कर डिमांडिंग कोर्सेज की सूची तैयार करेगी। यह सूची न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय और वैश्विक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाई जाएगी।
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शोध को समाज उन्मुख और उपयोगी बनाया जाएगा
प्रो. विजय कुमार ने बताया कि शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें समाज से जोड़ा जाएगा, ताकि छात्रों द्वारा किए शोध कार्यों से जनसामान्य को लाभ मिल सके। सभी प्राध्यापकों और नॉन-टीचिंग स्टाफ को अकादमिक और एक्शन प्लान प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च को बढ़ावा देना, नवाचार को संस्थागत स्वरूप देना और विद्यार्थियों के लिए आधुनिक, व्यावसायिक और समाज उपयोगी शिक्षा का वातावरण बनाना विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों को इंटर्नशिप की व्यापक सुविधा दी जाएगी और ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा ताकि, उन्हें बेहतर रोजगार अवसर मिल सकें। विश्वविद्यालय में रिसोर्सेज की सांझा उपयोगिता को प्रोत्साहित किया जाएगा।
विश्वविद्यालय को बनाएंगे पाॅलिथीन मुक्त
उन्होंने यह भी घोषणा की कि विश्वविद्यालय परिसर को पाॅलिथीन मुक्त बनाया जाएगा और एनर्जी एंड एनवायरनमेंट साइंस विभाग के दिशा-निर्देशन में जुलाई माह में विशाल पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही साइबर सिक्योरिटी, साइबर क्राइम और डिजास्टर मैनेजमेंट से संबंधित डिप्लोमा कोर्स भी शीघ्र शुरू किए जाएंगे।