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सीडीएलयू के लॉ कोर्स को बार काउंसिल से मान्यता न मिलने पर भड़के विद्यार्थी
सिरसा।
Updated Mon, 10 Mar 2014 11:49 PM IST
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चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी की एलएलबी की डिग्री को बार काउंसिल ऑफ इंडिया की मंजूरी न होने के विरोध में चार विद्यार्थी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उनकी मांग है कि जब तक सीडीएलयू के विधि विभाग को मंजूरी नहीं मिलेगी तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
भूख हड़ताल पर बैठने वालों में दो लड़कियां भी शामिल हैं। विद्यार्थियों ने बाद में डीसी को भी मांग पत्र सौंपा। इससे पूर्व वे कुलपति को भी ज्ञापन सौंप चुके हैं।
सोमवार को विधि विभाग के विद्यार्थियों ने सीडीएलयू परिसर में बैठक की। इस दौरान फैसला लिया गया कि जब तक बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा विधि विभाग को मंजूरी नहीं दी जाएगी तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। एलएलबी के चौथे सेमेस्टर के छात्र यूनुस सलीम, इसी सेमेस्टर के रोहित भूरा, एलएलबी फाइनल वर्ष की छात्रा चंचल और यहां से एलएलबी पास कर चुकी ममता ने सोमवार को भूख हड़ताल शुरू कर दी।
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उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। टैगोर भवन के समक्ष विद्यार्थि यों द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को लेकर पुलिस ने भी रात के समय छात्राओं की सुरक्षा को लेकर प्रबंध किए हैं।
इस दौरान विधि विभाग के अध्यक्ष डॉ. जेएस जाखड़ विद्यार्थियों के बीच पहुंचे और उन्हें आश्वासन दिया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया को मंजूरी से पूर्व की जाने वाली प्रक्रिया के लिए लिखा गया है, जो एक-दो माह में पूरी कर ली जाएगी।
एक सप्ताह से चल रहा है कक्षाओं का बहिष्कार
विधि विभाग को मंजूरी दिलवाने के लिए लॉ स्टूडेंट्स पिछले एक सप्ताह से कक्षाओं का बहिष्कार कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक बार काउंसिल द्वारा सीडीएलयू के विधि विभाग को मंजूरी नहीं मिल जाती तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब विवि प्रशासन के मंजूरी नहीं थी तो उन्हें दाखिला दिया ही क्यों?
नहीं करवा सकते पंजीकरण
विद्यार्थियों ने बताया कि सीडीएलयू के विधि विभाग में तीन वर्षीय कोर्स में 80 और पांच वर्षीय कोर्स में 60 सीटें हैं, लेकिन मान्यता न होने के कारण यहां से पास होने वाले छात्र वकालत के लिए पंजीकरण नहीं करा सकते। इस कारण छात्रों को अपने भविष्य की चिंता सता रही है। पासआउट विद्यार्थियों को भी यही दिक्कत पेश आ रही है।
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भूख हड़ताल पर बैठने वालों में दो लड़कियां भी शामिल हैं। विद्यार्थियों ने बाद में डीसी को भी मांग पत्र सौंपा। इससे पूर्व वे कुलपति को भी ज्ञापन सौंप चुके हैं।
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सोमवार को विधि विभाग के विद्यार्थियों ने सीडीएलयू परिसर में बैठक की। इस दौरान फैसला लिया गया कि जब तक बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा विधि विभाग को मंजूरी नहीं दी जाएगी तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। एलएलबी के चौथे सेमेस्टर के छात्र यूनुस सलीम, इसी सेमेस्टर के रोहित भूरा, एलएलबी फाइनल वर्ष की छात्रा चंचल और यहां से एलएलबी पास कर चुकी ममता ने सोमवार को भूख हड़ताल शुरू कर दी।
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उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। टैगोर भवन के समक्ष विद्यार्थि यों द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को लेकर पुलिस ने भी रात के समय छात्राओं की सुरक्षा को लेकर प्रबंध किए हैं।
इस दौरान विधि विभाग के अध्यक्ष डॉ. जेएस जाखड़ विद्यार्थियों के बीच पहुंचे और उन्हें आश्वासन दिया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया को मंजूरी से पूर्व की जाने वाली प्रक्रिया के लिए लिखा गया है, जो एक-दो माह में पूरी कर ली जाएगी।
एक सप्ताह से चल रहा है कक्षाओं का बहिष्कार
विधि विभाग को मंजूरी दिलवाने के लिए लॉ स्टूडेंट्स पिछले एक सप्ताह से कक्षाओं का बहिष्कार कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक बार काउंसिल द्वारा सीडीएलयू के विधि विभाग को मंजूरी नहीं मिल जाती तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब विवि प्रशासन के मंजूरी नहीं थी तो उन्हें दाखिला दिया ही क्यों?
नहीं करवा सकते पंजीकरण
विद्यार्थियों ने बताया कि सीडीएलयू के विधि विभाग में तीन वर्षीय कोर्स में 80 और पांच वर्षीय कोर्स में 60 सीटें हैं, लेकिन मान्यता न होने के कारण यहां से पास होने वाले छात्र वकालत के लिए पंजीकरण नहीं करा सकते। इस कारण छात्रों को अपने भविष्य की चिंता सता रही है। पासआउट विद्यार्थियों को भी यही दिक्कत पेश आ रही है।