फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   CDLU in Sirsa will no longer get funds from the government

सिरसा: विश्वविद्यालय को अब सरकार से नहीं मिलेगा फंड, लोन लेकर काम करेगी सीडीएलयू

Wed, 27 Apr 2022 11:54 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 27 Apr 2022 11:54 PM IST
सार

विश्वविद्यालय की सरकार से 40 करोड़ रुपये का लोन लेने की तैयारी है। कार्यकारी परिषद और कोर्ट की बैठक में मंथन के बाद फैसला किया गया। दो प्राध्यापकों और पांच गैर शिक्षक कर्मचारियों को पदोन्नति मिली।

विज्ञापन
CDLU in Sirsa will no longer get funds from the government
सीडीएलयू - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हरियाणा के सिरसा में चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय की सुप्रीम बॉडी कार्यकारी परिषद और कोर्ट की बैठक बुधवार को हुई। बैठक में सालाना बजट और खर्चे का ब्योरा प्रस्तुत किया गया। साथ ही दो प्राध्यापकों और पांच गैर शिक्षक कर्मचारियों को पदोन्नति भी दे दी गई। सरकार अब विश्वविद्यालय को सालाना नियमित फंड उपलब्ध नहीं कराएगी, बल्कि लोन लेकर काम चलाना पड़ेगा।

विज्ञापन


सीडीएलयू स्थित वीसी ऑफिस के कमेटी हॉल में बुधवार को सुबह 11 बजे हुई कार्यकारी परिषद की बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक ने की। इस दौरान कार्यकारी परिषद के सदस्य शामिल हुए। बैठक के एजेंडा में 22 विषय शामिल किए गए। इनमें मुख्य विषय सालाना बजट रहा।
विज्ञापन


सरकार की ओर से फैसला लिया गया है कि अब विश्वविद्यालय को सालाना मिलने वाला फंड नहीं मिलेगा। बल्कि विश्वविद्यालय को सरकार से लोन लेकर काम करना होगा। हालांकि सीडीएलयू का सालाना खर्चा करीब 40 करोड़ रुपये है। अब समस्या ये होगी कि सीडीएलयू को प्रत्येक हेड के लिए अलग लोन का आवेदन करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


साथ ही ये लोन लौटाने के बारे में भी सोचना होगा। फाइनेंस कमेटी की बैठक की रिपोर्ट कार्यकारी परिषद में शामिल की गई। बुधवार को हुई कार्यकारी परिषद और कोर्ट की बैठक की अधिकारिक रूप से जानकारी देने से अधिकारी बचते रहे। वीसी प्रो. अजमेर सिंह मलिक और रजिस्ट्रार प्रो. मोनिका वर्मा ने फोन रिसीव नहीं किया। रजिस्ट्रार प्रो. मोनिका वर्मा ने बैठक में व्यस्त होने की बात कही। 

मली पदोन्नतियां, कर्मचारियों में खुशी
कार्यकारी परिषद की बैठक के दौरान दो प्राध्यापकों और पांच गैर शिक्षक कर्मचारियों की पदोन्नति को मंजूरी दी गई। डॉ. मुकेश गर्ग को प्रोफेसर बनाया गया है, जबकि डॉ. रोहताश को सहायक प्रोफेसर। इसके अलावा पीए धर्मवीर को निजी सचिव के पद पर पदोन्नति मिली। उप अधीक्षक सुंदरलाल, विज रंगा, देवेंद्र कुमार, सुमन दुहन और पवन कुमार को अधीक्षक के पद पर पदोन्नति दी गई है। पदोन्नति मिलने के बाद प्राध्यापकों और कर्मचारियों का खुुशी का ठिकाना नहीं रहा।

कोर्ट कमेटी की बैठक में मंथन के बाद सालाना बजट शामिल
कार्यकारी परिषद की बैठक के बाद कोर्ट की बैठक भी दोपहर बाद तीन बजे शुरू हुई। इस बैठक में कार्यकारी परिषद के फैसले रखे गए। मुख्य तौर पर सालाना बजट और आय-व्यय के खर्चे का ब्योरा प्रस्तुत किया गया। मंथन और चर्चा के बाद इसे भी मंजूरी दे दी गई। 


एजेंडे में नहीं आया सहायक रजिस्ट्रार का मुद्दा, सदस्यों में हैरानी
नियम है कि कार्यकारी परिषद की बैठक में यदि कोई विषय एक बार स्थगित कर दिया जाए, तो अगली बैठक में इस विषय को जरूर शामिल किया जाता है। कार्यकारी परिषद की पिछली बैठक में सहायक रजिस्ट्रार हरबंस लाल की डिग्री को लेकर शिकायत, जांच और सत्यापन के दौरान मिली रिपोर्ट का मुद्दा रखा गया था, लेकिन इसे स्थगित कर दिया गया। इस बार भी ये विषय कार्यकारी परिषद के एजेंडा से बाहर कर दिया गया है। इसे लेकर सदस्यों को हैरानी हुई, लेकिन चर्चा नहीं हो पाई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed