फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   cci in preparations to reduce price of narma on the basis of quality

गुणवत्ता के आधार पर नरमा का दाम घटाने की तैयारी में सीसीआई

Tue, 17 Mar 2020 12:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 17 Mar 2020 12:09 AM IST
विज्ञापन
cci in preparations to reduce price of narma on the basis of quality
नरमा की फसल बेचने के लिए टोकन कटवाते किसान। - फोटो : Sirsa
शहर की सीसीआई मंडी में किसान नरमे की फसल बेचने आ रहे हैं। किसानों की फसल को लेकर सीसीआई ने एक निर्धारित रेट तय किया हुआ है। जिसके अनुसार किसान की फसल खरीदी जा रही है। लेकिन सीसीआई अब नरमे के रेट को बदलने पर विचार कर रही है। नरमे की फसल का रेट उसकी गुणवत्ता के अनुसार अब कम किया जा सकता है।
विज्ञापन

जिले की कपास मंडी में अभी तक नरमे की फसल का मूल्य निर्धारित किया गया था जो 5450 रुपये था। इसके बाद किसानों को नमी के अनुसार फसल का रेट दिया जाता था। जब सीसीआई ने नरमे की खरीद शुरू की थी उस समय केवल 15 दिन में एक ही किसान के नरमे की खरीद कर पाई थी। क्योंकि उस समय नरमे की फसल में नमी की मात्रा बहुत अधिक थी। लेकिन जैसे-जैसे नमी घटती गई किसानों की संख्या भी बढ़ती गई। मार्च महीने में नरमे की फसल की गुणवत्ता में कमी आने लग गई। जिस कारण जिले की ऐलनाबाद तथा कालांवाली मंडी में फसल का रेट कम कर दिया। सीसीआई के अनुसार इस समय नरमे की फसल में गुणवत्ता बहुत कम आ रही है। जिस कारण सीसीआई किसानों को उचित रेट नहीं दे सकती। जिसको लेकर सीसीआई आने वाले एक या दो दिन में नरमे की फसल का रेट घटाने पर सोच विचार कर रही है। जानकारी के अनुसार आने वाले समय में नरमे की फसल का रेट घटाकर 5450 की जगह 5405 रुपये प्रति क्विंटल तय करेंगे।
विज्ञापन

किसानों का घरों में पड़ा है नरमा, नहीं होना चाहिए रेट कम
खारिया गांव से आए किसान राकेश तथा धर्मपाल ने बताया कि वह पहले जब खरीद शुरू हुई थी तो उस समय अपनी फसल बेचकर गए थे, उस समय फसल का 5450 रुपये प्रति क्विंटल के अनुसार खरीद की गई, लेकिन अभी भी उनका नरमा घर पर रखा हुआ है। अगर वह आने वाले दिनों में अपनी फसल बेचेंगे तो उनको भाव कम मिलेगा। वहीं राकेश तथा महेंद्र ने बताया कि सीसीआई ने शुरूआत में भी देरी से खरीद शुरू की थी। जिसका घाटा किसानों को हुआ था और मुनाफा बड़े जमीदारों तथा आढ़तियों को मिला। वहीं रेट कम होने पर भी किसानों के लिए ही नुकसान है जबकि व्यापारी अपना पैसा निकाल लेंगे तथा व्यापारियों का अधिकतर नरमा बिक चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सीसीआई द्वारा नरमे के भाव में कमी लाई जाएगी। नरमे का भाव गुणवत्ता के अनुसार ही तय किया जाएगा। जिससे मंडी में नरमे की फसल बेचने आ रहे किसानों को उसी गुणवत्ता के अनुसार पैसे मिल सके। सभी किसानों को पैसे एक सप्ताह में भेजे जा रहे हैं।
-ईयू ईंगले, प्रबंधक, सीसीआई सिरसा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed