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शाम साढ़े छह बजे तक वायु गुणवत्ता सूचकांक पहुंचा 479

Fri, 01 Nov 2019 10:27 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 01 Nov 2019 10:27 PM IST
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by 6.30pm air quality index reached 479
by 6.30pm air quality index reached 479 - फोटो : Sirsa
शहर में शुक्रवार को स्मॉग की चादर छाई रही। इसके कारण सुबह सूर्य की किरणें मध्यम ही रहीं, लेकिन दोपहर 12 बजे तक स्मॉग बढ़ गई और आलम यह रहा कि दोपहर दो बजे सूर्य देवता भी छिप गए। जिले में अब तक 194 जगहों पर पराली जलाई जा चुकी है। ऐसे में पराली की घटनाओं में हो रही वृद्धि के कारण प्रशासन ने 100 से ज्यादा किसानों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पराली के साथ दीपावली पर चलाए गए पटाखे भी स्मॉग का कारण है। वातावरण में कार्बन डाई आक्साइड, नाइट्रोजन, सल्फर के हानिकारक कणों की मात्रा में बेहद वृद्धि हुई है।
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जिले में धान की कटाई शुरू होने से लेकर अब तक 194 जगहों पर पराली जलाई जा चुकी है। यह आंकड़ा पिछले कई दिनों से बढ़ रहा है। ऐसे में शहर में स्मॉग छा गया। सिरसा में शुक्रवार को रात सात बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 479 तक पहुंच गया। शाम साढ़े 6 बजे सिरसा का वायु गुणवत्ता सूचकांक 470 था। दोपहर साढ़े तीन बजे तक 452 रहा, जबकि इससे पहले दो बजे तक वायु गुणवत्ता सूचकांक 446 रहा। वीरवार को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 357 था। ऐसे में स्मॉग के कारण लोग शहर की सड़कों पर मुंह ढककर जाते दिखाई दिए। हालांकि शुक्रवार को हवा भी चली। हवाएं चलने से एकदम से स्मॉग खत्म नहीं होगा। यदि रात तक हवाएं चलती रही तो शनिवार दिन तक मौसम साफ होने का अनुमान है।
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अब तक 194 जगहों पर जल चुकी है पराली
24 अक्तूबर तक जिले में 128 जगहों पर पराली की घटनाएं हुई थीं, लेकिन अब तक कुल 194 जगहों पर पराली जलाई जा चुकी है। किसान रात को धान की पराली जला रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में स्थिति ओर गंभीर हो सकती है। क्योंकि यदि हवा न चली तो स्मॉग आसमान में ज्यों का त्यों ही छाया रहेगा। कृषि विभाग के रिकार्ड में पिछले वर्ष 1900 से ज्यादा जगहों पर पराली जलाई गई थी, जबकि राजस्व विभाग के रिकार्ड में पिछले वर्ष 1219 जगहों पर पराली जलाने की घटनाएं हुई थीं। पिछले दो सालों में किसानों को 63 लाख 92 हजार रुपये का जुर्माना भी किया जा चुका है। आठ किसानों पर एफआईआर दर्ज की गई थी।
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चार कमेटियों का किया गया है गठन
पराली को रोकने के लिए चार स्तरीय कमेटियों का गठन किया गया है। जिला स्तर पर डीसी की अध्यक्षता में छह सदस्यीय कमेटी है। इसके अतिरिक्त एसडीएम की अध्यक्षता में भी कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें से तहसीलदार, बीडीपीओ, उपमंडल कृषि अधिकारी सदस्य हैं। वहीं तहसील स्तर पर तहसीलदार की अध्यक्षता में नायब कानूनगो, सामाजिक एवं पंचायत अधिकारी, खंड कृषि विकास अधिकारी को कमेटी में शामिल किया गया है। ब्लॉक स्तर की कमेटी में कृषि विकास अधिकारी, ग्राम सचिव, सरपंच और पटवारी शामिल हैं।
ट्रैफिक पुलिस भी किसानों को जागरूक करने में जुटी
ट्रैफिक एसएचओ बहादुर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को स्मॉग के चलते नेशनल हाईवे नौ के पास काटे जा चुके धान के खेतों में काम कर रहे किसानों को पराली को आग ना लगाने के प्रति जागरूक किया गया। पिछले कुछ दिनों से स्मॉग के कारण सड़क पर पारदर्शिता कम हो गई है। इसके चलते दोपहिया वाहनों व कार चालकों को ड्राइविंग करने में परेशानी आ रही थी। इन दिनों लोग वातावरण में फैल रहे स्मॉग या वायु प्रदूषण से जूझ रहे हैं।

कोट्स
मॉनीटरिंग के लिए कमेटियों का गठन किया गया है। किसानों द्वारा पराली जलाए जाने पर 100 से ज्यादा किसानों के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रशासन ने निर्देश दिए हैं।
- सुखदेव सिंह, एसडीओ, कृषि विभाग सिरसा
कोट्स
स्मॉग के कई कारण हैं, यदि रात भर हवाएं चलीं तो सुबह तक इससे राहत मिल सकती है।
- सुशील श्योराण, वरिष्ठ वैज्ञानिक, हरियाणा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड हिसार
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