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महाविद्यालय का काम पूरा करने में बजट बना रूकावट, अश्वासनों पर निकल रहा है समय
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सानियां राजकीय महिला महाविद्यालय का नवनिर्मित भवन।
- फोटो : Sirsa
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रानियां। राजकीय महिला महाविद्यालय रानियां का नवनिर्मित भवन पिछले 4 वर्षों से अपने निर्माण पूरा होने और उद्घाटन की बाट जोह रहा है। 8 एकड़ में सीएम घोषणा के तहत करोड़ों रुपये की लागत से बन रहा महाविद्यालय सरकारी तंत्र की बेरुखी व उदासीनता के चलते सिरे नहीं चढ़ पा रहा है। महाविद्यालय की इमारत को अंतिम रूप देने के लिए अभी साढे़ चार करोड़ रुपयों की और जरूरत है।
छात्राओं को उच्च शिक्षा पाने के लिए गांव से अधिक दूर ना जाना पड़े इसलिए रानियां में सीएम घोषणा के तहत महाविद्यालय का निर्माण शुरू करवाया गया। फंड जारी हुआ तो इमारत बनकर तैयार हुई लेकिन अभी इसे अंतिम रूप देने के लिए साढे़ चार करोड़ रुपयों की जरूरत है। जिससे 8 एकड़ भूमि में मिट्टी डालने, चहारदीवारी, एसी, कैमरे, 11केवी का बिजली सबस्टेशन, फर्नीचर व लाइट के प्रबंध के लिए प्रयोग होंगे।
नए भवन में पढ़ाई का सपना संजोय महाविद्यालय की 450 छात्राएं बीते 3 शैक्षणिक सत्र दौरान मजबूरन शहर के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के 6 कमरों में शिक्षा ले रही हैं। इन 6 कमरों में से तीन कमरों में प्रिंसिपल दफ्तर, कॉमन रूम व लाइब्रेरी है। कक्षाएं केवल 3 कमरों में लग रही है।
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नहीं हो पा रहा छात्राओं का प्रैक्टिकल कार्य
महाविद्यालय में नॉन मेडिकल संकाय होने के चलते छात्राओं प्रैक्टिकल कार्य करवाने की आवश्यकता पड़ती है। लैब ना होने के कारण छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं बीकॉम व बीए संकाय की छात्राओं के लिए डिजिटल युग में दक्ष करने के लिए कंप्यूटर, स्मार्ट क्लास हेतु डिजिटल बोर्ड सहित अन्य आईटी उपकरण प्रयोग में न आने के कारण धूल फांक रहे हैं।
प्रारंभिक शैक्षणिक सत्र दौरान डिग्री कोर्स में 160 छात्राएं थी वर्तमान समय में 450 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं 6 कमरों में इतनी छात्राओं को शिक्षा दे पाना कठिन है। नए कॉलेज भवन में स्थानांतरण को लेकर महानिदेशक, उच्चतर शिक्षा व हरियाणा सरकार को समय दर समय रिमाइंडर भेज कर समस्या से अवगत करवाया जा रहा है।
- महेंद्र प्रदीप, प्राचार्य राजकीय महिला कॉलेज, रानियां।
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छात्राओं को उच्च शिक्षा पाने के लिए गांव से अधिक दूर ना जाना पड़े इसलिए रानियां में सीएम घोषणा के तहत महाविद्यालय का निर्माण शुरू करवाया गया। फंड जारी हुआ तो इमारत बनकर तैयार हुई लेकिन अभी इसे अंतिम रूप देने के लिए साढे़ चार करोड़ रुपयों की जरूरत है। जिससे 8 एकड़ भूमि में मिट्टी डालने, चहारदीवारी, एसी, कैमरे, 11केवी का बिजली सबस्टेशन, फर्नीचर व लाइट के प्रबंध के लिए प्रयोग होंगे।
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नए भवन में पढ़ाई का सपना संजोय महाविद्यालय की 450 छात्राएं बीते 3 शैक्षणिक सत्र दौरान मजबूरन शहर के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के 6 कमरों में शिक्षा ले रही हैं। इन 6 कमरों में से तीन कमरों में प्रिंसिपल दफ्तर, कॉमन रूम व लाइब्रेरी है। कक्षाएं केवल 3 कमरों में लग रही है।
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नहीं हो पा रहा छात्राओं का प्रैक्टिकल कार्य
महाविद्यालय में नॉन मेडिकल संकाय होने के चलते छात्राओं प्रैक्टिकल कार्य करवाने की आवश्यकता पड़ती है। लैब ना होने के कारण छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं बीकॉम व बीए संकाय की छात्राओं के लिए डिजिटल युग में दक्ष करने के लिए कंप्यूटर, स्मार्ट क्लास हेतु डिजिटल बोर्ड सहित अन्य आईटी उपकरण प्रयोग में न आने के कारण धूल फांक रहे हैं।
प्रारंभिक शैक्षणिक सत्र दौरान डिग्री कोर्स में 160 छात्राएं थी वर्तमान समय में 450 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं 6 कमरों में इतनी छात्राओं को शिक्षा दे पाना कठिन है। नए कॉलेज भवन में स्थानांतरण को लेकर महानिदेशक, उच्चतर शिक्षा व हरियाणा सरकार को समय दर समय रिमाइंडर भेज कर समस्या से अवगत करवाया जा रहा है।
- महेंद्र प्रदीप, प्राचार्य राजकीय महिला कॉलेज, रानियां।