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इलाज में 14 दिनों तक सहयोग और साहस से दोनों बच्चों ने कोरोना को हराया
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बंसल कॉलोनी के दोनों बच्चों की तीसरी रिपोर्ट निगेटिव आई है। आठ वर्षीय और छह वर्षीय दोनों बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद शहरवासियों के लिए राहत की खबर है। दोनों बच्चों की देखभाल में पिछले 14 दिनों से सात चिकित्सकों और छह स्टाफ नर्स की टीम देखभाल में जुटी हुई थी।
चिकित्सकों के अनुसार दोनों बच्चों ने कभी भी न तो स्टाफ और न ही चिकित्सकों को कभी परेशान किया। दोनों बच्चों का सुबह और शाम निरीक्षण किया जाता था। चिकित्सक जब भी उनका चेकअप और इलाज करने के लिए जाते तो दोनों बच्चे खुश होकर अपने स्वस्थ होने की बात कहते। हालांकि उनके पिता की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें बच्चों के पास ही आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था। इसके बाद बच्चों का हौसला और बढ़ गया। बच्चों को पता था कि उन्हें कोई इंफेक्शन है। क्योंकि उनकी माता बीमार है। छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. सतेंद्र धंजू के अनुसार दोनों बच्चे शुरू से ही जांच के समय पूरा सहयोग करते थे, हमने उन्हें कभी मायूस नहीं देखा।
एंटी वायरल टैबलेट से हुए ठीक
दोनों बच्चों को शुरूआत से ही हल्की खांसी और जुकाम ही आया था। दोनों बच्चों में कभी बुखार के लक्षण नहीं थे। चिकित्सकों अनुसार दोनों बच्चों को केवल विटामिन सी और एंटी वायरल टैबलेट ही दी गई। जिससे कि वे स्वस्थ हुए। दोनों बच्चों का पिछले 14 दिनों से सात चिकित्सकों की टीम में डॉ. सतेंद्र धंजू, डॉ. अमित कंबोज, डॉ. पंकज, डॉ. श्वेता, डॉ. विजय पाल यादव, डॉ. गरिमा मेहता, डॉ. प्रियंका शामिल थी। जो कि कोरोना वायरस की परवाह किए बगैर ही दोनों मरीजों का निरंतर इलाज कर रहे थे। इसके अतिरिक्त छह स्टाफ नर्स भी अपनी ड्यूटी बखूबी निभा रही थीं।
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दोनों बच्चों की यदि चौथी रिपोर्ट निगेटिव आती है तो दोनों बच्चों को घर भेज दिया जाएगा। वहीं उनका इलाज करने वाली सात चिकित्सकों की टीम को भी होम क्वारंटीन किया जाएगा। चिकित्सकों ने दोनों बच्चों का बेहतर इलाज किया है।
- सुरेंद्र नैन, सिविल सर्जन सिरसा।
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चिकित्सकों के अनुसार दोनों बच्चों ने कभी भी न तो स्टाफ और न ही चिकित्सकों को कभी परेशान किया। दोनों बच्चों का सुबह और शाम निरीक्षण किया जाता था। चिकित्सक जब भी उनका चेकअप और इलाज करने के लिए जाते तो दोनों बच्चे खुश होकर अपने स्वस्थ होने की बात कहते। हालांकि उनके पिता की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें बच्चों के पास ही आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था। इसके बाद बच्चों का हौसला और बढ़ गया। बच्चों को पता था कि उन्हें कोई इंफेक्शन है। क्योंकि उनकी माता बीमार है। छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. सतेंद्र धंजू के अनुसार दोनों बच्चे शुरू से ही जांच के समय पूरा सहयोग करते थे, हमने उन्हें कभी मायूस नहीं देखा।
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एंटी वायरल टैबलेट से हुए ठीक
दोनों बच्चों को शुरूआत से ही हल्की खांसी और जुकाम ही आया था। दोनों बच्चों में कभी बुखार के लक्षण नहीं थे। चिकित्सकों अनुसार दोनों बच्चों को केवल विटामिन सी और एंटी वायरल टैबलेट ही दी गई। जिससे कि वे स्वस्थ हुए। दोनों बच्चों का पिछले 14 दिनों से सात चिकित्सकों की टीम में डॉ. सतेंद्र धंजू, डॉ. अमित कंबोज, डॉ. पंकज, डॉ. श्वेता, डॉ. विजय पाल यादव, डॉ. गरिमा मेहता, डॉ. प्रियंका शामिल थी। जो कि कोरोना वायरस की परवाह किए बगैर ही दोनों मरीजों का निरंतर इलाज कर रहे थे। इसके अतिरिक्त छह स्टाफ नर्स भी अपनी ड्यूटी बखूबी निभा रही थीं।
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दोनों बच्चों की यदि चौथी रिपोर्ट निगेटिव आती है तो दोनों बच्चों को घर भेज दिया जाएगा। वहीं उनका इलाज करने वाली सात चिकित्सकों की टीम को भी होम क्वारंटीन किया जाएगा। चिकित्सकों ने दोनों बच्चों का बेहतर इलाज किया है।
- सुरेंद्र नैन, सिविल सर्जन सिरसा।