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Sirsa News: बुक बैंक ने जलाई ज्योति... फैलाया शिक्षा का उजाला
Sat, 26 Apr 2025 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 26 Apr 2025 11:39 PM IST
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जरूरतमंद बच्चों को किताबें वितरित करते हुए संस्था के सदस्य। स्रोत : संस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जहां एक ओर शिक्षा के संसाधनों की कमी बच्चों के भविष्य में रुकावट बनती है, वहीं दूसरी ओर बाबा सरसाईनाथ सेवा ट्रस्ट एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरा है। ट्रस्ट द्वारा स्थापित बुक बैंक आज सैकड़ों बच्चों की जिंदगी में ज्ञान की ज्योति जगा रहा है और उन्हें उज्जवल भविष्य की ओर अग्रसर कर रहा है। अब तक ट्रस्ट ने 1200 विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकें और 2500 से अधिक छात्रों को स्टेशनरी सामग्री निशुल्क उपलब्ध करवाई है। इस सराहनीय पहल से न सिर्फ आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को पढ़ाई में मदद मिल रही है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और आत्मबल में भी वृद्धि हो रही है।
बाबा सरसाईनाथ सेवा ट्रस्ट का गठन 21 जुलाई 2021 को हुआ था, जब कोरोना महामारी के कारण गरीबों और जरूरतमंदों की स्थिति बदतर हो चुकी थी। लॉकडाउन ने न केवल लोगों की रोजी-रोटी छीन ली, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी भारी असर डाला। बच्चों की पढ़ाई पर संकट आ गया था, क्योंकि उनके पास आवश्यक सामग्री और किताबें नहीं थीं। इस दिशा में संस्था ने कदम बढ़ाया और अब तक 1200 विद्यार्थियों को किताबें और 2500 से अधिक छात्रों को स्टेशनरी उपलब्ध कराई है।
संस्था के प्रधान गुरदीप सैनी ने बताया कि कोरोना का काल एक त्रासदी से कम नहीं था। उस समय लोगों के पास आय के साधन खत्म हो गए थे, और बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हुई थी। यही सोचकर हमने एक बैठक आयोजित की, जिसमें 60 से ज्यादा लोग शामिल हुए। उस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि एक ऐसी संस्था बनाई जाए, जो गरीब और असहाय लोगों की मदद कर सके। और इस प्रकार बाबा सरसाईनाथ सेवा ट्रस्ट की स्थापना हुई।
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बुक बैंक बच्चों की शिक्षा के लिए एक अहम पहल
संस्था ने बुक बैंक की शुरुआत भी की ताकि विद्यार्थियों को शिक्षा में कोई कमी न आए। यह बुक बैंक रंगड़ी रोड स्थित श्री गोशाला में स्थापित किया गया। यहां बच्चों को उनकी जरूरत की किताबें और स्टेशनरी दी जाती हैं। धीरे-धीरे इस बुक बैंक से जुड़े छात्रों की संख्या बढ़ी और अब तक कई स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को इस बुक बैंक से लाभ हुआ है। यह सिलसिला अब चार साल से जारी है। गुरदीप सैनी ने बताया कि हमारे बुक बैंक से अब तक 9वीं से लेकर 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को किताबें और स्टेशनरी वितरित की गई हैं। इसके साथ ही, जिन बच्चों की आंखों की रोशनी कमजोर है, उन्हें निशुल्क चश्मे भी दिए जाते हैं ताकि वे अपनी पढ़ाई में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करें। इस बार संस्था का लक्ष्य 4000 बच्चों को बुक बैंक से जोड़ने का है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। संस्था का मानना है कि शिक्षा ही बच्चों के भविष्य को उज्जवल बना सकती है, और इसके लिए वे लगातार काम कर रहे हैं।
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इस प्रकार है संस्था के सदस्य
प्रधान ने बताया कि संस्था के संरक्षक राजेंद्र कुमार रातुसरिया हैं। वहीं, महासचिव प्रेम कंदोई, विमलेश, सीताराम खतरी, नवीन सिंगला, आशीष सिंगला, शमशेर शर्मा, फतेह सिंह विर्क, बलवंत सिंह, नरेंद्र सिंह, विशेष सहयोग कर्ता, अनिल सैनी, रतन सिंह दुरेजा, रणजीत सिंह टक्कर, सतीश मित्तल है।
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सिरसा। जहां एक ओर शिक्षा के संसाधनों की कमी बच्चों के भविष्य में रुकावट बनती है, वहीं दूसरी ओर बाबा सरसाईनाथ सेवा ट्रस्ट एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरा है। ट्रस्ट द्वारा स्थापित बुक बैंक आज सैकड़ों बच्चों की जिंदगी में ज्ञान की ज्योति जगा रहा है और उन्हें उज्जवल भविष्य की ओर अग्रसर कर रहा है। अब तक ट्रस्ट ने 1200 विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकें और 2500 से अधिक छात्रों को स्टेशनरी सामग्री निशुल्क उपलब्ध करवाई है। इस सराहनीय पहल से न सिर्फ आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को पढ़ाई में मदद मिल रही है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और आत्मबल में भी वृद्धि हो रही है।
बाबा सरसाईनाथ सेवा ट्रस्ट का गठन 21 जुलाई 2021 को हुआ था, जब कोरोना महामारी के कारण गरीबों और जरूरतमंदों की स्थिति बदतर हो चुकी थी। लॉकडाउन ने न केवल लोगों की रोजी-रोटी छीन ली, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी भारी असर डाला। बच्चों की पढ़ाई पर संकट आ गया था, क्योंकि उनके पास आवश्यक सामग्री और किताबें नहीं थीं। इस दिशा में संस्था ने कदम बढ़ाया और अब तक 1200 विद्यार्थियों को किताबें और 2500 से अधिक छात्रों को स्टेशनरी उपलब्ध कराई है।
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संस्था के प्रधान गुरदीप सैनी ने बताया कि कोरोना का काल एक त्रासदी से कम नहीं था। उस समय लोगों के पास आय के साधन खत्म हो गए थे, और बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हुई थी। यही सोचकर हमने एक बैठक आयोजित की, जिसमें 60 से ज्यादा लोग शामिल हुए। उस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि एक ऐसी संस्था बनाई जाए, जो गरीब और असहाय लोगों की मदद कर सके। और इस प्रकार बाबा सरसाईनाथ सेवा ट्रस्ट की स्थापना हुई।
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बुक बैंक बच्चों की शिक्षा के लिए एक अहम पहल
संस्था ने बुक बैंक की शुरुआत भी की ताकि विद्यार्थियों को शिक्षा में कोई कमी न आए। यह बुक बैंक रंगड़ी रोड स्थित श्री गोशाला में स्थापित किया गया। यहां बच्चों को उनकी जरूरत की किताबें और स्टेशनरी दी जाती हैं। धीरे-धीरे इस बुक बैंक से जुड़े छात्रों की संख्या बढ़ी और अब तक कई स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को इस बुक बैंक से लाभ हुआ है। यह सिलसिला अब चार साल से जारी है। गुरदीप सैनी ने बताया कि हमारे बुक बैंक से अब तक 9वीं से लेकर 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को किताबें और स्टेशनरी वितरित की गई हैं। इसके साथ ही, जिन बच्चों की आंखों की रोशनी कमजोर है, उन्हें निशुल्क चश्मे भी दिए जाते हैं ताकि वे अपनी पढ़ाई में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करें। इस बार संस्था का लक्ष्य 4000 बच्चों को बुक बैंक से जोड़ने का है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। संस्था का मानना है कि शिक्षा ही बच्चों के भविष्य को उज्जवल बना सकती है, और इसके लिए वे लगातार काम कर रहे हैं।
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इस प्रकार है संस्था के सदस्य
प्रधान ने बताया कि संस्था के संरक्षक राजेंद्र कुमार रातुसरिया हैं। वहीं, महासचिव प्रेम कंदोई, विमलेश, सीताराम खतरी, नवीन सिंगला, आशीष सिंगला, शमशेर शर्मा, फतेह सिंह विर्क, बलवंत सिंह, नरेंद्र सिंह, विशेष सहयोग कर्ता, अनिल सैनी, रतन सिंह दुरेजा, रणजीत सिंह टक्कर, सतीश मित्तल है।