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Sirsa News: संशोधित,,,,,,तबेले में यूरिया की कालाबाजारी का भंडाफोड़, 494 बैग जब्त

Sun, 31 May 2026 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sun, 31 May 2026 11:40 PM IST
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black marketing of urea caught
भारतीय किसान एकता के पदा​धिकारी यूरिया व टैक्नीकल ग्रेड यूरिया के बैगों की जांच करते हुए।  विभा
फोटो - 10 से 14
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- भारतीय किसान एकता की टीम की सूचना पर पुलिस और कृषि विभाग ने कार्रवाई
- किसानों को सब्सिडी पर देने के बजाय तकनीकी ग्रेड का मार्का लगाकर कोटा की शराब फैक्टरी में भेजने की तैयारी थी
- 45 किलो के बैग से निकालकर 50 किलो के कट्टों में भरी जा रही थी यूरिया
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव भंबुर के पास रविवार सुबह यूरिया की कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया। किसानों को सब्सिडी पर दी जाने वाली एग्रीकल्चर ग्रेड की यूरिया को भैंसों के तबेले में दूसरे कट्टों में भरकर तकनीकी ग्रेड के नाम पर राजस्थान के कोटा भेजने की तैयारी की जा रही थी। कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने तबेले पर छापा मारकर 494 बैग यूरिया जब्त की। इस मामले में सतनाम ट्रेडर्स सहित अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मौके से एक कंटेनर को कब्जे में लिया है। टीम के पहुंचते ही आरोपी भाग गए।
पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फर्जी फर्म के माध्यम से यूरिया को कोटा की शराब फैक्टरी में भेजने की तैयारी चल रही थी। कृभको के मई में जारी स्टॉक से यह सप्लाई हो रही थी। ऐसे में कृषि अधिकारी कृभकों के सप्लाई रिकॉर्ड के साथ दुकानदारों व किसानों के रिकॉर्ड की जांच करेंगे। ताकि पता लगाया जा सके कि यूरिया आरोपियों तक कैसे पहुंची। भारतीय किसान एकता (बीकेई)के प्रदेशाध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख ने बताया कि पिछले कई दिनों से यूरिया को अवैध रूप से बाहरी राज्यों की फैक्टरियों में बेचे जाने की सूचनाएं मिल रही थीं। इसी आधार पर वह सुबह सात बजे बीकेई के प्रदेश महासचिव अंग्रेज सिंह कोटली और राज्य कार्यकारिणी सदस्य गुरपिंदर सिंह काहलों के साथ मौके पर पहुंचे। वहां देखा कि हिमांशु उर्फ मासूम और उसके साथियों द्वारा 45 किलो वाले कट्टों से यूरिया को निकालकर 50 किलोग्राम के सफेद कट्टों में भरी जा रही थी। इन कट्टों पर तकनीकी ग्रेड का चिह्न लगाकर राजस्थान नंबर के एक कंटेनर में लादा जा रहा था। इसकी सूचना कृषि उप निदेशक सुखदेव सिंह को देने के साथ ही 112 नंबर पर कॉल पुलिस को बुला लिया। कुछ ही देर में आईपीएस अधिकारी शिवम, एसआई सत्यवान, गुण नियंत्रण निरीक्षक अमित कुमार, विषय विशेषज्ञ राकेश कुंट, सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी विजेंद्र चौहान और जीएसटी विभाग के ईटीओ सुरेंद्र गोदारा मौके पर पहुंचे। टीम ने यूरिया से भरे 494 बैग कब्जे में लेने के साथ ही पूरे स्टॉक को सील कर दिया और जांच के लिए नमूने भी लिए।
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खाली और भरे कट्टों के साथ मिली सील
अधिकारियों को मौके से यूरिया के खाली और भरे कट्टे मिले। एक सील भी बरामद हुई जिसका उपयोग सफेद कट्टों पर लाल रंग से ‘तकनीकी ग्रेड’ प्रिंट करने के लिए किया जा रहा था।
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मई 2026 में निर्मित थी यूरिया
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार एग्रीकल्चर ग्रेड की यूरिया 45 किलोग्राम की पैकिंग में आती है और इसका सरकारी मूल्य 266.50 रुपये प्रति बैग है। जब्त की गई यूरिया कृभको कंपनी की है और मई 2026 में निर्मित बताई गई है। इसे 50 किलोग्राम के बैग में स्थानांतरित कर तकनीकी ग्रेड के रूप में तैयार किया जा रहा था।
फर्जी बिल से भेजी जा रही थी यूरिया
अधिकारियों ने बताया कि यूरिया सतनाम ट्रेडर्स, कांडा कॉलोनी, रानिया रोड सिरसा द्वारा फर्जी बिल नंबर एसटी-7, 30 जून 2026 तथा ई-वे बिल नंबर 3522 6186 8360 के माध्यम से चौहान इनोवेशन सरस्वती एनक्लेव कंसुआ, कोटा (राजस्थान) भेजी जा रही थी। यह फर्म कृषि विभाग के रिकॉर्ड में रजिस्टर्ड नहीं है। अहम बात यह है कि एग्रीकल्चर ग्रेड की यूरिया पर 5 प्रतिशत जीएसटी है जबकि टेक्निकल ग्रेड की यूरिया पर 18 प्रतिशत जीएसटी है। सदर थाने से जांच अधिकारी सत्यवान ने बताया कि सतनाम ट्रेडर्स और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जाएगा। फर्म कृषि की, जीएसटीपी नंबर सीमेंट एजेंसी का
कृषि और जीएसटी विभाग की जांच में पता चला है कि सतनाम ट्रेडर्स नाम की किसी भी फर्म को कृषि विभाग ने लाइसेंस नहीं दिया है। इस तरह की कोई फर्म कांडा कॉलोनी के दिए गए पते पर नहीं है। जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने जांच की तो सामने आया कि जीएसटी नंबर सतनाम ट्रेडर्स का नहीं है। यह किसी सीमेंट विक्रेता फर्म का जीएसटी नंबर है। इससे जाहिर है कि साजिश के तहत फर्जी फर्म बनाकर यह खेल खेला जा रहा था। जीएसटी विभाग ने सीमेंट विक्रेता फर्म के जीएसटी नंबर पर बिल काटने की जांच शुरू की है।

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सतनाम ट्रेडर्स के नाम की किसी फर्म को लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। जीएसटी विभाग की जांच में सारा फर्जीवाडा सामने आ गया है। पुलिस जांच में सही तथ्य सामने आएंगे। कौन लोग हैं जो फर्जी फर्म चलाकर यूरिया की अवैध सप्लाई कर रहे थे उसका भी पता चलेगा। विभागीय स्तर पर हर पहलू से जांच की जाएगी। - डाॅ. सुखदेव कंबोज, कृषि उप निदेशक
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