फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   BJP government should take appropriate steps in the interest of paddy producing farmers: Kumari Selja

धान उत्पादक किसानों के हित में उचित कदम उठाए भाजपा सरकार : कुमारी सैलजा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 18 Sep 2025 11:54 PM IST
विज्ञापन
BJP government should take appropriate steps in the interest of paddy producing farmers: Kumari Selja
सिरसा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव व सांसद कुमारी सैलजा ने बयान जारी करते हुए कहा कि इस बार बाढ़ और बरसात से सबसे ज्यादा नुकसान फसलों खासकर धान की फसल को हुआ, जिसका उचित मुआवजा देने में बीमा कंपनी भी हाथ खड़ा कर रही है। इस बार दाना भी छोटा है और काला भी पड़ गया है, साथ ही पिछले वर्ष की तुलना में इस बार झाड़ भी कम है।
विज्ञापन

ऐसे में भाजपा सरकार को धान उत्पादक किसानों के हित में उचित कदम उठाना चाहिए। सांसद ने कहा है कि हरियाणा में धान की खेती मुख्य रूप से करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, अंबाला, यमुनानगर, पानीपत, सिरसा और सोनीपत जैसे जिलों में की जाती है। इनमें से करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र, और जींद को धान का कटोरा कहा जाता है।
विज्ञापन

खासकर करनाल को बासमती चावल के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध माना जाता है। करनाल जो बासमती चावल के उत्पादन के लिए बहुत प्रसिद्ध है। कुरुक्षेत्र धान उत्पादन में अग्रणी जिलों में से एक है। कैथल जिला भी धान का कटोरा कहलाता है और चावल उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है। अंबाला धान की खेती के लिए यह एक महत्वपूर्ण बेल्ट क्षेत्र है।
विज्ञापन
विज्ञापन

यमुनानगर जिले में भी बड़े पैमाने पर धान की खेती होती है। सिरसा में भी धान की खेती बड़े स्तर पर की जाती है, खासकर धान की सीधी बुवाई की तकनीक पर भी जोर दिया जा रहा है। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि इस बार मानसून की मार से किसान पीड़ित हैं। खेतों में पानी भरने और अधिक दिनों तक भरा रहने के चलते धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है।

एक ओर जहां दाना छोटा है, वहीं काला भी पड़ गया है। पूसा बासमती 1509 की कीमत और उसकी पैदावार के लिए भी किसान बहुत परेशान हैं, इस बार लागत खर्च निकलने की भी संभावना नहीं दिख रही है। मंडी में इस बार धान की कीमत पिछले वर्ष की अपेक्षा कम है। कुछ जिलों में बीमा कंपनियां धान की फसल को हुए नुकसान का मुआवजा देने में आनाकानी कर रही है। ऐसे में सरकार को ही कोई उचित कदम उठाना चाहिए और पीड़ित किसानों की मदद के लिए अलग से मुआवजा की घोषणा करनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed