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Sirsa News: गांव में सुख शांति के लिए ठंडी जलधारा के बीच तपस्या कर रहे बाबा योगी जिंदर नाथ
Sat, 04 Jan 2025 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 04 Jan 2025 11:16 PM IST
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ठंडे पानी के साथ तपस्या करते हुए योगी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा। सर्दी में जहां लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है, वहीं गांव दड़बा कलां स्थित अखाड़ा में बाबा योगी जिंदर नाथ ठंडे पानी की धारा में तपस्या कर रहे हैं। बाबा योगी जिंदर ने 22 दिसंबर को 8 मटकों में भरे ठंडे पानी की धारा लगाकर उसके नीचे तपस्या कर रहे हैं। इसके बाद प्रतिदिन पांच मटके बढ़ रहे हैं।
शनिवार को उन्होंने 78 मटकों की जलधारा के नीचे तपस्या की। गांव में सुख शांति के लिए उनकी तपस्या 21 दिनों तक तपस्या चलेगी। 11 जनवरी को तपस्या के अंतिम दिन पानी के 108 मटकों के नीचे तपस्या करेंगे।
जलधारा की समाप्ति पर मंदिर परिसर में विशेष पूजा होगी तथा हवन के साथ भंडारा भी लगाया जाएगा। बाबा योगी जिंदरनाथ की तपस्या के लिए सायं के समय मटकों में ठंडा पानी भरा जाता है। रात भर खुले में रखा जाता है। सुबह मटके के नीचे से निकलने वाली धारा में बाबा योगी जिंदरनाथ बैठ जाते हैं। मटकों में भरे पानी की धारा जब तक चलती है, तब तक महंत उसके नीचे बैठकर ध्यान में रहते हैं।
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अखाड़ा लोगों की आस्था का केंद्र, श्री मद्भागवत कथा अमृत ज्ञान गंगा आज
दड़बा कलां का अखाड़ा लोगों की आस्था का केंद्र हैं। यहां पर शीशनाथ, बधाईनाथ व सुकराई नाथ की समाधि बनी हुई है। जहां पर सुबह शाम लोग माथा टेकने के लिए पहुंचते हैं। गांव के लोगों का मानना है यहां पर माथा टेकने से उनके कार्य सफल हुए हैं। अखाड़ा में 5 से 11 जनवरी तक श्रीमद् भागवत कथा अमृत ज्ञान गंगा आयोजित की जाएगी। प्रथम दिन रविवार को श्री कृष्ण मंदिर से अखाड़ा तक कलश यात्रा निकाली जाएगी। कथा में कथा वाचक पंडित सुनील कृष्ण शास्त्री सुबह 11.15 बजे से दोपहर 2.15 बजे तक प्रवचन करेंगे।
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गर्मी में 5 धुणियों के बीच की थी तपस्या
बाबा योगी जिंदरनाथ ने बताया कि उन पर गुरु शीलनाथ का आशीर्वाद बना रहता है। वे तपस्या करके समाज में सुख शांति लाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी में उन्होंने 41 दिन तक 5 धुणियों के बीच तपस्या की थी।
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चोपटा। सर्दी में जहां लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है, वहीं गांव दड़बा कलां स्थित अखाड़ा में बाबा योगी जिंदर नाथ ठंडे पानी की धारा में तपस्या कर रहे हैं। बाबा योगी जिंदर ने 22 दिसंबर को 8 मटकों में भरे ठंडे पानी की धारा लगाकर उसके नीचे तपस्या कर रहे हैं। इसके बाद प्रतिदिन पांच मटके बढ़ रहे हैं।
शनिवार को उन्होंने 78 मटकों की जलधारा के नीचे तपस्या की। गांव में सुख शांति के लिए उनकी तपस्या 21 दिनों तक तपस्या चलेगी। 11 जनवरी को तपस्या के अंतिम दिन पानी के 108 मटकों के नीचे तपस्या करेंगे।
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जलधारा की समाप्ति पर मंदिर परिसर में विशेष पूजा होगी तथा हवन के साथ भंडारा भी लगाया जाएगा। बाबा योगी जिंदरनाथ की तपस्या के लिए सायं के समय मटकों में ठंडा पानी भरा जाता है। रात भर खुले में रखा जाता है। सुबह मटके के नीचे से निकलने वाली धारा में बाबा योगी जिंदरनाथ बैठ जाते हैं। मटकों में भरे पानी की धारा जब तक चलती है, तब तक महंत उसके नीचे बैठकर ध्यान में रहते हैं।
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अखाड़ा लोगों की आस्था का केंद्र, श्री मद्भागवत कथा अमृत ज्ञान गंगा आज
दड़बा कलां का अखाड़ा लोगों की आस्था का केंद्र हैं। यहां पर शीशनाथ, बधाईनाथ व सुकराई नाथ की समाधि बनी हुई है। जहां पर सुबह शाम लोग माथा टेकने के लिए पहुंचते हैं। गांव के लोगों का मानना है यहां पर माथा टेकने से उनके कार्य सफल हुए हैं। अखाड़ा में 5 से 11 जनवरी तक श्रीमद् भागवत कथा अमृत ज्ञान गंगा आयोजित की जाएगी। प्रथम दिन रविवार को श्री कृष्ण मंदिर से अखाड़ा तक कलश यात्रा निकाली जाएगी। कथा में कथा वाचक पंडित सुनील कृष्ण शास्त्री सुबह 11.15 बजे से दोपहर 2.15 बजे तक प्रवचन करेंगे।
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गर्मी में 5 धुणियों के बीच की थी तपस्या
बाबा योगी जिंदरनाथ ने बताया कि उन पर गुरु शीलनाथ का आशीर्वाद बना रहता है। वे तपस्या करके समाज में सुख शांति लाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी में उन्होंने 41 दिन तक 5 धुणियों के बीच तपस्या की थी।