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Sirsa News: संघर्ष की भट्ठी में तपकर कुंदन बनने की राह चली एथलीट सीमा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jan 2025 11:27 PM IST
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Athlete Seema walked the path of becoming Kundan after being tempered in the furnace of struggle
सिरसा। बहन को देखकर रानियां की सीमा ने मार्शल आर्ट व कराटे खेलने शुरू किया। पिछले 6 साल में वह जिले के लिए 3 स्वर्ण पदक जीत चुकी है, लेकिन पैसों के अभाव में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकी। अब सीमा अपनी तैयारी के साथ बच्चों के अधूरे सपनों को पंख देने का काम कर रही है।
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सीमा रानियां के राजकीय कन्या कॉलेज की बीए अंतिम वर्ष की छात्रा है। सीमा के पिता बीमारी के कारण कुछ काम नहीं कर पा रहे हैं। माता किसान है। सीमा की तीन बहनें और दो भाई है। सीमा अपने बहन-भाइयों में से चौथे नंबर पर आती है। उसका सपना अभी भी आर्थिक तंगी में ही गुजर रहा है।
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सीमा अपनी पढ़ाई के बाद शाम के समय में बच्चों को प्रशिक्षण देती है। सीमा शाम साढ़े 4 से लेकर शाम 7 बजे तक बच्चों की कक्षा लगाती है। सीमा इस समय रानियां में ही स्थित ग्राउंड में बच्चों को मार्शल व कराटे का गुर सीखा रही है, ताकि किसी भी बच्चे का सपना अधूरा न रहे। सीमा ने कहा कि उसने कम से कम फीस रखी हुई है। ताकि कोई भी बच्चा प्रशिक्षण ले सके। इससे उसका भी खर्चा निकल जाता है और बच्चों की भी मदद हो जाती है।
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बहन को देखकर शुरू किया मार्शल आर्ट

सीमा पिछले 6-7 साल से मार्शल आर्ट व कराटे का प्रशिक्षण ले रही है। सीमा को मार्शल आर्ट करने की प्रेरणा अपनी बड़ी बहन से मिली। सीमा ने बताया कि उसकी बड़ी बहन मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण लेती थी। उसको देखकर ही उसे प्रेरणा मिली। नेशनल लेवल पर कराटे में 2 स्वर्ण पदक और नेशनल कराटे प्रतियोगिता में एक स्वर्ण पदक जीत चुकी है।








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पहली हार ही बनी सीमा की आगे बढ़ने की प्रेरणा

जब सीमा ने खेलना शुरू किया तो उसके पहली मार्शल आर्ट प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इस दौरान सीमा प्रतियोगिता में हार गई। इसके बाद सीमा ने ठान लिया कि दूसरी प्रतियोगिता में उसने जीतना ही जीतना है। इसके बाद सीमा लगातार खेलती रही और स्कूल से लेकर नेशनल स्तर तक मेडल जीतती रही। सीमा को कुछ साल पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका मिला। घर पर पैसों की तंगी के कारण सीमा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने नहीं जा सकी। अब अपने अधूरे सपने को पूरा करने के लिए सीमा दिन रात एक कर रही है।





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सीमा कीं उपलब्धियां

इंदिरा गांधी नेशनल कॉलेज लाडवा कुरुक्षेत्र में हुई हरियाणा स्टेट कराटे चैंपियनशिप 2017-18 में स्वर्ण पदक



फरीदाबाद में हुई ऑल इंडिया आर्ट्स चैंपियनशिप 2018 में स्वर्ण पदक

लखनऊ में हुई हैंड-टू-हैंड फाइटिंग स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2022 में स्वर्ण पदक

कुरूक्षेत्र में हुई हरियाणा स्टेट कराटे चैंपियनशिप 2016- 17 में रजत पदक

खेल महाकुंभ सर्कल कबड्डी 2017 में दूसरा स्थान

हरियाणा स्पोर्ट्स कराटे एसोसिएशन 2017 में बेल्ट सर्टिफिकेट
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