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Sirsa News: 88.970 किलो अफीम तस्करी मामले में बर्खास्त एएसआई रणबीर सिंह की जमानत याचिका खारिज
Wed, 28 Oct 2026 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 28 Oct 2026 11:22 PM IST
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88.970 किलो अफीम तस्करी का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। 88.970 किलो अफीम तस्करी मामले में बर्खास्त एएसआई रणबीर सिंह को बड़ा झटका लगा है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। रणबीर सिंह पर न्यायिक परिसर में बरामद अफीम में से 57.84 ग्राम अपने परिचित को देने का आरोप है। उस पर सबूत मिटाने और रिश्वत लेने के भी आरोप हैं।
फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश सीमा सिंघल ने आरोपी की याचिका खारिज की। रणबीर सिंह हिसार जिले के गांव दाहिमा का निवासी है। वह पहले हांसी में तैनात था जहां उसका रिकॉर्ड संतोषजनक नहीं था। करीब दो माह पहले उसका तबादला सिरसा के डिंग थाना में हुआ था।
उसने एक सितंबर 2026 को अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत याचिका दायर की थी। अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कोर्ट को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 11 जून 2026 को डिंग थाना में अफीम बरामदगी का मामला दर्ज हुआ था।
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संपत्ति की सूची बनाने के दौरान रणबीर सिंह ने अपने परिचित शमशेर से खाली पार्सल मंगवाए। इसके बदले उसने न्यायिक परिसर में केस से जुड़ी 57.84 ग्राम अफीम शमशेर को दी। उस पर मुख्य आरोपी कृष्णा राम के भाई जीवा राम से 50 हजार रुपये लेने का भी आरोप है।
सबूत मिटाने का किया था प्रयास
रणबीर सिंह पर कृष्णा राम की मदद के लिए रिश्वत लेने का आरोप है। उस पर नौ मोबाइल फोन छिपाकर सबूत मिटाने का प्रयास करने का भी आरोप है। रणबीर सिंह को 14 जून 2026 को गिरफ्तार किया गया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट में सीसीटीवी फुटेज की रिकॉर्डिंग का उल्लेख किया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, रिकॉर्डिंग में रणबीर सिंह की मौजूदगी में एक पुलिस अधिकारी एक व्यक्ति को सामान देते दिखा।
कोर्ट ने की गंभीर टिप्पणी
एसआई सतपाल ने उक्त व्यक्ति की पहचान सह-आरोपी जीवा राम के रूप में बताई। न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी पर गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस का दायित्व कानून लागू करना और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आरोपों के अनुसार, याचिकाकर्ता ने केस की संपत्ति का दुरुपयोग किया। उसने जनता के भरोसे को ठेस पहुंचाई है।
अफीम बरामदगी का मामला
मामले के अनुसार, 10 जून को डिंग थाना पुलिस ने राजस्थान एनसीबी के सहयोग से अफीम बरामद की थी। एनएच-9 पर भावदीन के पास एक ट्रक से 88 किलो 970 ग्राम अफीम मिली। इस मामले की जांच एएसआई रणबीर सिंह को सौंपी गई थी। 11 जून को रणबीर सिंह बरामद 95 पैकेट अफीम लेकर कोर्ट पहुंचा। वहां न्यायालय की निगरानी में 190 सैंपल तैयार किए गए। इसी दौरान उसने अपने परिचित शमशेर सिंह को कुछ मात्रा में अफीम उपलब्ध कराई थी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। 88.970 किलो अफीम तस्करी मामले में बर्खास्त एएसआई रणबीर सिंह को बड़ा झटका लगा है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। रणबीर सिंह पर न्यायिक परिसर में बरामद अफीम में से 57.84 ग्राम अपने परिचित को देने का आरोप है। उस पर सबूत मिटाने और रिश्वत लेने के भी आरोप हैं।
फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश सीमा सिंघल ने आरोपी की याचिका खारिज की। रणबीर सिंह हिसार जिले के गांव दाहिमा का निवासी है। वह पहले हांसी में तैनात था जहां उसका रिकॉर्ड संतोषजनक नहीं था। करीब दो माह पहले उसका तबादला सिरसा के डिंग थाना में हुआ था।
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उसने एक सितंबर 2026 को अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत याचिका दायर की थी। अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कोर्ट को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 11 जून 2026 को डिंग थाना में अफीम बरामदगी का मामला दर्ज हुआ था।
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संपत्ति की सूची बनाने के दौरान रणबीर सिंह ने अपने परिचित शमशेर से खाली पार्सल मंगवाए। इसके बदले उसने न्यायिक परिसर में केस से जुड़ी 57.84 ग्राम अफीम शमशेर को दी। उस पर मुख्य आरोपी कृष्णा राम के भाई जीवा राम से 50 हजार रुपये लेने का भी आरोप है।
सबूत मिटाने का किया था प्रयास
रणबीर सिंह पर कृष्णा राम की मदद के लिए रिश्वत लेने का आरोप है। उस पर नौ मोबाइल फोन छिपाकर सबूत मिटाने का प्रयास करने का भी आरोप है। रणबीर सिंह को 14 जून 2026 को गिरफ्तार किया गया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट में सीसीटीवी फुटेज की रिकॉर्डिंग का उल्लेख किया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, रिकॉर्डिंग में रणबीर सिंह की मौजूदगी में एक पुलिस अधिकारी एक व्यक्ति को सामान देते दिखा।
कोर्ट ने की गंभीर टिप्पणी
एसआई सतपाल ने उक्त व्यक्ति की पहचान सह-आरोपी जीवा राम के रूप में बताई। न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी पर गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस का दायित्व कानून लागू करना और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आरोपों के अनुसार, याचिकाकर्ता ने केस की संपत्ति का दुरुपयोग किया। उसने जनता के भरोसे को ठेस पहुंचाई है।
अफीम बरामदगी का मामला
मामले के अनुसार, 10 जून को डिंग थाना पुलिस ने राजस्थान एनसीबी के सहयोग से अफीम बरामद की थी। एनएच-9 पर भावदीन के पास एक ट्रक से 88 किलो 970 ग्राम अफीम मिली। इस मामले की जांच एएसआई रणबीर सिंह को सौंपी गई थी। 11 जून को रणबीर सिंह बरामद 95 पैकेट अफीम लेकर कोर्ट पहुंचा। वहां न्यायालय की निगरानी में 190 सैंपल तैयार किए गए। इसी दौरान उसने अपने परिचित शमशेर सिंह को कुछ मात्रा में अफीम उपलब्ध कराई थी।