{"_id":"5fb17e3b8ebc3e9bcd4388c9","slug":"aqi-reached-447-on-deepawali-night-338-arrived-due-to-rain-sirsa-news-rtk582607940","type":"story","status":"publish","title_hn":"दीपावली की रात को एक्यूआई पहुंचा 447, 12 एमएम बारिश से 338 तक आया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दीपावली की रात को एक्यूआई पहुंचा 447, 12 एमएम बारिश से 338 तक आया
विज्ञापन
बरसात से बचने के लिए छाता लेकर गुजरता राहगीर
- फोटो : Sirsa
दीपावली की रात को प्रशासन ने आठ से दस बजे तक पटाखों का समय निर्धारित किया था। लेकिन शनिवार शाम को पटाखे बजाने का क्रम जारी रहा जो कि रविवार शाम को भी जारी थी। दीपावली की रात को जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स रात नौ बजे 447 के पास पहुंच गया। ऐसे में प्रदूषण के कारण लोगों का सांस लेना दूभर हो गया।
दीपावली की रात को जिले में जमकर आतिशबाजी हुई। परिणाम स्वरूप वायु में प्रदूषण का स्तर 447 तक पहुंच गया। शहरों के साथ साथ गांवों में भी स्थिति चिंताजनक थी। क्योंकि जिले में दीपावली की रात को करीब 21 जगहों पर पराली जलाने के मामले सामने आए है। हालांकि इनकी संख्या बढ़ भी सकती है। जिले में अभी तक 226 जगहों पर पराली के मामले सामने आए है। करीब 172 किसानों के खिलाफ मामले दर्ज हुए और चार लाख 35 हजार रुपये जुर्माना किया गया है। दीपावली की रात घरों से बाहर लोग निकलने लगने लगे तो उन्हें वायु प्रदूषण के कारण सांस लेने में दिक्कतें आई। रविवार सुबह वायु चलने से एयर क्वालिटी इंडेक्स में कुछ सुधार होना शुरू हुआ। लेकिन दोपहर दो बजे सिरसा में बरसात व हल्की ओलावृष्टि के कारण प्रदूषण का स्तर कम होना शुरू हुआ। दीपावली से पहले शुक्रवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स औसतन 335 था। रविवार की दोपहर को बारिश के बाद एयर क्वालिटी इंडेक्स करीब औसतन 350 तक पहुंच गया। रात सात बजे तक एक्यूआई 338 था। वहीं रविवार को विश्वकर्मा दिवस होने के कारण रात को आतिशबाजी का क्रम जारी रहा।
जिले में हुई 12 एमएम बारिश
जिले में दोपहर को 12 एमएम बारिश दर्ज हुई। कालांवाली में 6 एमएम बारिश हुई। बारिश से सिरसा में प्रदूषण का स्तर कम हुआ, लेकिन अनाज मंडी में किसानों की धान की फसल भीग गई। वहीं खेतों में गेहूं की बिजाई भी प्रभावित हुई। सिरसा में अभी बासमती की कटाई चल रही है। बारिश के कारण अब दो दिन तक कटाई काम प्रभावित हो सकता है।
विज्ञापन
एक्यूआई की स्थिति
दीपावली की रात शाम सात बजे एक्यूआई 438, आठ बजे 445, नौ बजे 447, दस बजे एक्यूआई 444 और रात 11 बजे 443 रहा। 15 नवंबर की दोपहर को एक्यूआई 443, एक बजे एक्यूआई 441 रहा। जो कि दो बजे बारिश के बाद नीचे आना शुरू हुआ।
दीपावली की रात को अधिकतम एक्यूआई 447 तक पहुंचा। रविवार की बारिश से प्रदूषण का स्तर कम हुआ।
हरीश कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, हरियाणा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड हिसार।
विज्ञापन
दीपावली की रात को जिले में जमकर आतिशबाजी हुई। परिणाम स्वरूप वायु में प्रदूषण का स्तर 447 तक पहुंच गया। शहरों के साथ साथ गांवों में भी स्थिति चिंताजनक थी। क्योंकि जिले में दीपावली की रात को करीब 21 जगहों पर पराली जलाने के मामले सामने आए है। हालांकि इनकी संख्या बढ़ भी सकती है। जिले में अभी तक 226 जगहों पर पराली के मामले सामने आए है। करीब 172 किसानों के खिलाफ मामले दर्ज हुए और चार लाख 35 हजार रुपये जुर्माना किया गया है। दीपावली की रात घरों से बाहर लोग निकलने लगने लगे तो उन्हें वायु प्रदूषण के कारण सांस लेने में दिक्कतें आई। रविवार सुबह वायु चलने से एयर क्वालिटी इंडेक्स में कुछ सुधार होना शुरू हुआ। लेकिन दोपहर दो बजे सिरसा में बरसात व हल्की ओलावृष्टि के कारण प्रदूषण का स्तर कम होना शुरू हुआ। दीपावली से पहले शुक्रवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स औसतन 335 था। रविवार की दोपहर को बारिश के बाद एयर क्वालिटी इंडेक्स करीब औसतन 350 तक पहुंच गया। रात सात बजे तक एक्यूआई 338 था। वहीं रविवार को विश्वकर्मा दिवस होने के कारण रात को आतिशबाजी का क्रम जारी रहा।
विज्ञापन
जिले में हुई 12 एमएम बारिश
जिले में दोपहर को 12 एमएम बारिश दर्ज हुई। कालांवाली में 6 एमएम बारिश हुई। बारिश से सिरसा में प्रदूषण का स्तर कम हुआ, लेकिन अनाज मंडी में किसानों की धान की फसल भीग गई। वहीं खेतों में गेहूं की बिजाई भी प्रभावित हुई। सिरसा में अभी बासमती की कटाई चल रही है। बारिश के कारण अब दो दिन तक कटाई काम प्रभावित हो सकता है।
विज्ञापन
एक्यूआई की स्थिति
दीपावली की रात शाम सात बजे एक्यूआई 438, आठ बजे 445, नौ बजे 447, दस बजे एक्यूआई 444 और रात 11 बजे 443 रहा। 15 नवंबर की दोपहर को एक्यूआई 443, एक बजे एक्यूआई 441 रहा। जो कि दो बजे बारिश के बाद नीचे आना शुरू हुआ।
दीपावली की रात को अधिकतम एक्यूआई 447 तक पहुंचा। रविवार की बारिश से प्रदूषण का स्तर कम हुआ।
हरीश कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, हरियाणा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड हिसार।