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Sirsa News: दुकान मालिक के बेटे का अपहरण कर कर्मचारी ने मांगी 70 लाख की फिरौती

Fri, 22 May 2026 10:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Fri, 22 May 2026 10:48 PM IST
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An employee kidnapped the shop owner's son and demanded a ransom of 7 million.
पुलिस गिरफ्त में आया आरोपी पीछे बीच में। 
सिरसा। शहर में इंद्रपुरी मोहल्ला निवासी पुस्तक विक्रेता के 12 वर्षीय बेटे और दुकान के एक कर्मचारी का वीरवार शाम कार सवार युवकों ने अपहरण कर लिया। बेटे को छोड़ने की एवज में व्हाट्सएप कॉल कर 70 लाख रुपये की फिरौती मांगी। इस सूचना के बाद पुलिस ने जिले भर में नाकाबंदी करवा दी। इससे घबराकर करीब चार घंटे बाद आरोपी बच्चे को सड़क पर छोड़कर भाग गए। देर रात पुलिस ने मुख्य आरोपी दुकान में काम करने वाले कर्मचारी चतरगढ़पट्टी निवासी सौरभ सैनी को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को उसे अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। वारदात में दुकान में ही काम करने वाला एक और कर्मी शामिल है। पुलिस ने दो नामजदों सहित चार पर प्राथमिकी दर्ज की है। फिलहाल तीन आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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डीएसपी राजेश कुमार ने बताया कि वीरवार शाम करीब साढ़े पांच बजे इंद्रपुरी मोहल्ला निवासी राजेश कुमार ने सूचना दी कि उनके बेटे पुण्य और दुकान में काम करने वाले कर्मचारी सौरभ का कार सवार अज्ञात युवकों ने अपहरण कर लिया है। अपहरणकर्ताओं ने पुण्य को छोड़ने के बदले 70 लाख रुपये की मांग की है। इसके बाद पुलिस ने जिलेभर में नाकाबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू की और राजेश कुमार को भी उनके संपर्क में रहने को कहा। करीब साढ़े 9 बजे एक व्यक्ति ने राजेश को फोन पर बताया कि आपका बेटा रामनगरिया रोड पर खड़ा है। वह पुलिस को लेकर तत्काल मौके पहुंचे और पुण्य को सुरक्षित पाकर उनकी जान में जान आई। पुण्य ने पुलिस को बताया कि दुकानकर्मी सौरभ व दीपक शर्मा ने अपने दो साथियों के साथ उसका अपहरण किया और कई जगह ले जाने के बाद यहां छोड़कर भाग गए। पुलिस ने देर रात सौरभ को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि किसी को शक न हो इसलिए उसने पुण्य के साथ खुद के भी अपहरण की कहानी गढ़ी।
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तीन साल से दुकान में काम कर रहा था सौरभ

राजेश कुमार ने बताया कि सौरभ सैनी पिछले तीन वर्षों से सूरतगढ़िया बाजार स्थित उनकी दुकान में काम करता है। पुण्य सेंट जेवियर्स स्कूल, रेलवे कॉलोनी में आठवीं कक्षा का छात्र है। वह प्रतिदिन शाम ट्यूशन जाता है। सौरभ बेटे पुण्य को बाइक पर बैठाकर ट्यूशन छोड़ने जा रहा था। करीब साढ़े पांच बजे रास्ते में पीछे से आई एक कार चालक ने बाइक के आगे गाड़ी रोक दी। इसके बाद कार से उतरे तीन युवकों ने सौरभ और पुण्य को जबरन कार में बैठा लिया। पुण्य की आंखों पर रुमाल बांध दिया। इसके कुछ देर बाद अपहरणकर्ताओं ने राजेश कुमार को व्हाट्सएप कॉल की।
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लगातार 16 कॉल कर मांगी फिरौती

राजेश कुमार ने पुलिस को बताया कि अपहरणकर्ताओं ने शाम 5 बजकर 17 मिनट पर पहली कॉल की। इसके बाद लगातार 16 कॉल आईं। अंतिम कॉल एक घंटा 44 मिनट तक चली। अपहरणकर्ताओं ने कहा कि तुम्हारा बच्चा हमारे पास है। उनसे पूछा कि कौन सा बच्चा तो उन्होंने पुण्य से बात कराई। सौरभ के बारे में पूछा तो कहा कि वह कार में ही है। उसे बेहोश कर दिया है।

फ्लाईओवर के पास नाले में पैसे रखने को कहा

अपहरणकर्ताओं ने राजेश को बिना फोन काटे बरनाला रोड स्थित जेसीडी कॉलेज से आगे फ्लाईओवर के पास पहुंचने को कहा। वहां बाईं ओर एक नाले में पैसे रखने के लिए कहा। राजेश ने कहा कि उनके पास 70 लाख रुपये नहीं थे। केवल तीन लाख रुपये थे जिन्हें एक लिफाफे में रख लिए। कुछ किताबें और रुपयों वाला लिफाफा एक बैग में डाला। ताकि अपहरणकर्ताओं को लगे कि बैग में पूरी रकम है।

बार-बार जगह बदलते रहे अपहरणकर्ता

राजेश अपने दोस्त करनाल निवासी सुखविंदर सिंह के साथ कार में सवार होकर अपहरणकर्ताओं के बताए स्थान पर पहुंचे। वहां पहुंचने पर कॉलर ने कहा कि पैसे यहीं छोड़कर सीधे भावदीन टोल प्लाजा पहुंचो। वहां बच्चा मिल जाएगा। कुछ दूरी तय करने के बाद फिर कॉल आई और अपहरणकर्ताओं ने कहा कि वापस जाकर बैग उठा लो। इसके बाद उन्होंने खैरेकां और फिर डबवाली रोड स्थित घग्घर नदी के पास पहुंचने को कहा। वहां कच्चे रास्ते पर एक ओर बैग रखने के निर्देश दिए। राजेश ने बताया कि वे सभी स्थानों पर पहुंचे लेकिन वहां कोई नहीं मिला। डीएसपी राजेश कुमार ने बताया कि सौरभ से रिमांड के दौरान वारदात से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जाएगी और अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


जल्द अमीर बनने के लालच में रची साजिश

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि सौरभ सैनी जल्द अमीर बनना चाहता था। कर्मचारी दीपक शर्मा की भी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। उसका रुपयों को लेकर अक्सर पत्नी से झगड़ा होता था। वह नौकरी करने के बजाय खुद की दुकान खोलना चाहता था। सौरभ ने पुण्य का अपहरण कर 70 लाख की फिरौती वसूलने की साजिश रची। इसके लिए दीपक को भी राजी कर लिया।
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