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Sirsa News: पौधरोपण के साथ उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी उठानी होगी
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एसडीएम डबवाली अर्पित संगल पौधरोपण करते हुए।
सिरसा। विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में वन विभाग की ओर से जिले में उम्रदराज पेड़ों की पूजा करवाई गई है। वहीं अतिरिक्त उपायुक्त लक्षित सरीन ने श्री सरसाई नाथ मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए पौधरोपण किया है। वहीं एसडीएम डबवाली अर्पित संगल ने डबवाली स्टेडियम में बैडमिंटन, वाॅलीबाल और पर्यावरण बचाओ टीम के सदस्यों के साथ पौधरोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
अतिरिक्त उपायुक्त व एसडीएम ने आमजन से आह्वान किया कि वे धरती को हरा भरा बनाने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाएं और उनकी संभाल भी करें। एडीसी ने कहा कि पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए पौधे लगाए जाने बहुत जरूरी है, यह हर व्यक्ति का दायित्व है कि वह कम से कम हर वर्ष एक पौधा जरूर लगाएं।
उन्होंने कहा कि प्रदूषण बढ़ रहा है, इसलिए हमें जागरूक होकर पौधरोपण करने के साथ ही पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी उठानी होगी। श्री सरसाई नाथ मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में मंदिर के महंत सुंदराई नाथ ने अतिरिक्त उपायुक्त को पौधा भी भेंट किया। वन विभाग की ओर से जिले में 12 जगहों पर 75 साल से अधिक आयु के पेड़ों को प्राण वायु देवता मानते हुए विधि-विधान के साथ पूजा करवाई गई।
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जिला वन अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों के साथ वन विभाग के कर्मचारियों ने गांव नेजिया, मिठी सुरेरां, दौलतपुर खेड़ा सहित अनेक स्थानों पर सुबह ही पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में राज्य सरकार ने 75 साल से अधिक आयु के पेड़ों को प्राण वायु देवता मानते हुए उनके रख-रखाव के लिए पेंशन स्कीम शुरू की। इसी वर्ष सर्वे भी किया गया, जिसमें सिरसा जिला में ऐसे पेड़ों की संख्या 287 पाई गई।
रखरखाव के लिए तीन हजार रुपये सालाना का प्रावधान
जिला वन अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि राज्य सरकार ने पहले 2,750 रुपये प्रति पेड़ प्रति वर्ष देने का फैसला किया था। 75 वर्ष से अधिक आयु के इन पेड़ों को अब तीन हजार रुपये सालाना दिए जाने का निर्णय लागू हो चुका है। यदि पेड़ किसी विभाग की जमीन पर है तो उसकी राशि जारी नहीं होती और यदि पेड़ निजी संपत्ति या पंचायती जमीन पर है तो पेंशन स्कीम के तहत राशि जारी की जा रही है। वन विभाग ने बड़े पेड़ों को चिन्हित करने के लिए फिर से सर्वे शुरू कर रखा है और अब तक 80 और पेड़ों की पहचान की गई है। हालांकि, यह अभियान दो माह और चलेगा, जिसके बाद इसकी गणना कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी।
रखरखाव को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई योजना
जिला वन अधिकारी ने बताया कि पुराने पेड़ों की देखभाल हो और उनके रखरखाव के प्रति आमजन जागरूक हो, इसलिए प्राण वायु देवता योजना लागू की गई है। इस योजना का उद्देश्य पुराने पेड़ों की देखभाल करवाने के लिए आमजन को प्रोत्साहित करना है। यह योजना बहुत ही अधिक कारगर है।
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अतिरिक्त उपायुक्त व एसडीएम ने आमजन से आह्वान किया कि वे धरती को हरा भरा बनाने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाएं और उनकी संभाल भी करें। एडीसी ने कहा कि पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए पौधे लगाए जाने बहुत जरूरी है, यह हर व्यक्ति का दायित्व है कि वह कम से कम हर वर्ष एक पौधा जरूर लगाएं।
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उन्होंने कहा कि प्रदूषण बढ़ रहा है, इसलिए हमें जागरूक होकर पौधरोपण करने के साथ ही पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी उठानी होगी। श्री सरसाई नाथ मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में मंदिर के महंत सुंदराई नाथ ने अतिरिक्त उपायुक्त को पौधा भी भेंट किया। वन विभाग की ओर से जिले में 12 जगहों पर 75 साल से अधिक आयु के पेड़ों को प्राण वायु देवता मानते हुए विधि-विधान के साथ पूजा करवाई गई।
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जिला वन अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों के साथ वन विभाग के कर्मचारियों ने गांव नेजिया, मिठी सुरेरां, दौलतपुर खेड़ा सहित अनेक स्थानों पर सुबह ही पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में राज्य सरकार ने 75 साल से अधिक आयु के पेड़ों को प्राण वायु देवता मानते हुए उनके रख-रखाव के लिए पेंशन स्कीम शुरू की। इसी वर्ष सर्वे भी किया गया, जिसमें सिरसा जिला में ऐसे पेड़ों की संख्या 287 पाई गई।
रखरखाव के लिए तीन हजार रुपये सालाना का प्रावधान
जिला वन अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि राज्य सरकार ने पहले 2,750 रुपये प्रति पेड़ प्रति वर्ष देने का फैसला किया था। 75 वर्ष से अधिक आयु के इन पेड़ों को अब तीन हजार रुपये सालाना दिए जाने का निर्णय लागू हो चुका है। यदि पेड़ किसी विभाग की जमीन पर है तो उसकी राशि जारी नहीं होती और यदि पेड़ निजी संपत्ति या पंचायती जमीन पर है तो पेंशन स्कीम के तहत राशि जारी की जा रही है। वन विभाग ने बड़े पेड़ों को चिन्हित करने के लिए फिर से सर्वे शुरू कर रखा है और अब तक 80 और पेड़ों की पहचान की गई है। हालांकि, यह अभियान दो माह और चलेगा, जिसके बाद इसकी गणना कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी।
रखरखाव को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई योजना
जिला वन अधिकारी ने बताया कि पुराने पेड़ों की देखभाल हो और उनके रखरखाव के प्रति आमजन जागरूक हो, इसलिए प्राण वायु देवता योजना लागू की गई है। इस योजना का उद्देश्य पुराने पेड़ों की देखभाल करवाने के लिए आमजन को प्रोत्साहित करना है। यह योजना बहुत ही अधिक कारगर है।