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Sirsa News: बागवानी के साथ सब्जियों पर भी मिलेगी सब्सिडी, कृषि विभाग ने तैयार किया प्रस्ताव

Sun, 03 Sep 2023 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sun, 03 Sep 2023 11:18 PM IST
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Along with horticulture, subsidy will also be available on vegetables, agriculture department has prepared a proposal.
जिले में लगाए गए अमरुद के बाग में लगे फल। फाइल फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। किसानों को बागवानी के साथ दूसरी फसलों का लाभ भी मिल सके और किसानों की आय दोगुना हो सके, इस दिशा में बागवानी विभाग ने कार्य करते हुए नया प्रपोजल तैयार किया गया है। इस प्रपोजल को स्वीकृति के लिए मुख्यालय को भेजा है। इस प्रपोजल के तहत बागवानी के साथ साथ किसान सब्जियों की खेती भर कर पाएंगे। इस प्रपोजल के पास होने पर सरकार ने किसानों को सब्जियों की फसल पर सब्सिडी मिल पाएगी। यदि किसान की सब्जी की फसल में नुकसान होता है तो इस स्थिति में किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिल पाएगा।
हालांकि कुछ किसान अभी भी बागवानी के साथ सब्जियों की खेती कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई सरकारी लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार की ओर से बागवानी का रकबा निरंतर बढ़ाया जा रहा है। मौजूद समय में जिले में बागवानी का रकबा 14 हजार 30 एकड़ के करीब है। विभाग ने इस साल रकबे को बढ़ाकर 15 हजार एकड़ करने की योजना बनाई है। जिसको लेकर विभाग के अधिकारी प्रयासरत है। मौजूदा समय में सब्जियां लगाने के लिए ड्रिप सिस्टम होना अनिवार्य है। इसके बिना किसान को सब्सिडी नहीं मिलेगी। भावांतर भरपाई योजना का लाभ भी वह नहीं उठा सकेगा।
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ऐसे मिलेगा को किसानों को लाभ
बागवानी के अंदर ड्रिप सिस्टम तकनीक का प्रयोग किया जाता है। सरकार ने सब्जियों के लिए यह तकनीकी होना अनिवार्य किया हुआ है। तभी योजनाओं का लाभ किसान को मिल सकता है। इतना ही नहीं, जिले में सब्जी का रकबा कई गुना बढ़ जाएगा और सब्जी की कमी का जिले को सामना नहीं करना पड़ेगा। बाग के फल का सीजन एक माह या दो माह का ही होता है। उसके बाद जमीन खाली ही रहती है। मौजूदा समय में किसान गेहूं व अन्य फसलों की बिजाई बाग की जमीन में करता है।
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बॉक्स
सब्जियों की पद्धति व सब्सिडी
1 बेम्बू पद्धति - 32 हजार रुपये प्रति एकड़
2 मलय पद्धति - 64 हजार रुपये प्रति एकड़
3 लोटनस - साढ़े 14 रुपये प्रति स्कवेयर फुट
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बॉक्स
यह है मुख्य फलों के बाद
- अमरूद
- किन्नू
- अनार
- बेर

कोट्स
किसानों को बागवानी के साथ सब्जियां की बिजाई होने से जिले में सब्जियों की कमी नहीं रहेगी। किसान सब्जियों की बिजाई करें और उन्हें सब्सिडी मिल पाए। सब्जियों के लिए ड्रिप सिस्टम अनिवार्य है, जबकि बागवानी में ड्रिप सिस्टम लगाया जाता है। इसी आधार पर एक प्रपोजल बनाकर मुख्यालय भेजा गया है। यदि मुख्यालय से स्वीकृति मिलती है तो इससे किसानों को लाभ मिलेगा। उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी। हालांकि मार्केटिंग बोर्ड के चेयरमैन को भी इस प्रपोजल संबंधी जानकारी दी है। - डॉ पुष्पेंद्र सिंह राठौर, जिला बागवानी अधिकारी।
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