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Sirsa News: डीएपी वितरण में गड़बड़ी का आरोप, किसानों ने डबवाली रोड किया जाम
Sun, 03 Nov 2024 02:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 03 Nov 2024 02:37 AM IST
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सिरसा में डीएपी खाद के लिए डबवाली रोड पर धरना लगाकर बैैठे विधायक गोकुल सेतिया व किसान। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। डीएपी (डाई अमोनियम फास्फेट) के वितरण में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए किसानों ने शनिवार को सुबह 10:30 बजे डबवाली रोड पर जाम लगा दिया। किसानों का कहना है कि वे शुक्रवार रात को ही खाद के लिए लाइन में लगे हुए हैं। इसके बाद भी उन्हें खाद नहीं मिल रही। सूचना मिलने पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। वहीं, विधायक गोकुल सेतिया भी मौके पर पहुंचे और उपायुक्त को फोन किया। इसके बाद कृषि उप निदेशक डाॅ. सुखदेव कंबोज मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि सोमवार को सभी किसानों को विशेष रूप से डीएपी मुहैया करवाई जाएगी। इसके बाद किसानों ने धरना खत्म किया और नेहरू पार्क में अधिकारियों ने किसानों के नामों की सूची बनाई।
किसानों ने बताया कि शुक्रवार रात से वे जनता भवन रोड स्थित दोनों खरीद केंद्रों के बाहर डीएपी के लिए बैठे हुए थे, इसके बाद भी उन्हें खाद नहीं मिली। अहम बात यह है कि तीन दिनों के अंदर 60 हजार बैग डीएपी प्रशासन व सोसायटी के पास आई है। हैफेड के अधिकारियों की माने तो उनके पास 40 प्रतिशत ही डीएपी जाती है। ऐसे में बची हुई 60 प्रतिशत डीएपी का वितरण किस हिसाब से हो रहा है, जिसको लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। खाद वितरण और निगरानी की जिम्मेदारी कृषि विभाग के अधिकारियों की है।
किसानों ने कहा कि निजी गोदामों में डीएपी स्टोर की गई है। दो दिनों में इतनी बड़ी मात्रा में आई डीएपी कहां गायब हो गई। कुछ किसानों ने कहा कि महंगे दाम पर दुकानदार डीएपी दे रहे हैं। ऐसे में सही मायने में विचार किया जाए तो तीन दिनों में 60 हजार बैग डीएपी कैसे जिले में बंट गई। किसानों का आरोप है कि सोसायटियां अपने सदस्यों को 5 से 10 बैग तक उपलब्ध करवा रही है, जबकि किसान को दो बैग ही मिल रहे हैं। निजी डीलर के पास गई खाद पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। किसानों ने कहा कि उन्हें डीएपी ही चाहिए।
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आधे घंटे किसानों और कृषि अधिकारियों में चलती रही खींचतान
कृषि उप निदेशक डाॅ. सुखदेव कंबोज किसानों से बार-बार एनपीके उपलब्ध करवाने की बात कहते हुए नजर आए। किसानों ने कहा कि उन्हें डीएपी ही चाहिए। ऐसे में आधे घंटे तक किसानों और कृषि अधिकारियों में खींचतान चलती रही। आखिर में अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वह सोमवार को खाद सभी किसानों को उपलब्ध करवा देंगे। विधायक ने कहा कि किसानों को खाद के लिए कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए।
सोसायटी में 4 लाख से उपर बैग की रहती है मांग
जिले में 37 सोसायटियां है। इनमें 210 सेल प्वाइंट हैं। एक सोसायटी पर 8 से 15 हजार तक बैग की मांग है। ओढां में ही पैक्स ने 12000 बैग की मांग भेजी थी। ऐसे में अनुमानित सोसायटियों में ही 4 लाख बैग से ऊपर डीएपी की मांग रहती है। अभी तक सोसायटियों को महज 30 हजार के आस पास ही बैग ही दिए गए हैं। ऐसे में 77500 बैग महज जिले में खानापूर्ति ही है। आंकड़ों के 375000 एकड में धान की बिजाई है। अब यहां गेहूं की बिजाई के लिए खाद की जरूरत पड़ेगी। आलू और सरसों का रकबा अलग रहता है। इसके अलावा बागवानी में डीएपी की मांग रहती है। अभी तक 30 प्रतिशत खाद का वितरण विभाग की ओर से नहीं किया गया है।
वाहनों को उठानी पड़ी परेशानी
डबवाली रोड पर जाम के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालक किसानों से उलझते नजर आए तो किसानों ने हाथ जोड़ उन्हें समझाने का प्रयास किया।
खाद का स्टेटस
पहले आई खाद : 17000 बैग
कृभको : 26500 बैग
आईपीएल : 34000 बैग
-- -
रासायनिक उर्वरकों की मात्रा
डीएपी
नाइट्रोजन - 18 प्रतिशत
पोटाशियम - 46 प्रतिशत
-- -
एनपीके
नाइट्रोजन - 10 प्रतिशत
पोटाशियम - 26 प्रतिशत
फॉस्फ़ोरस - 26 प्रतिशत
-- --
सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी)
कैल्शियम काॅबोनेट - 21 प्रतिशत
फॉस्फ़ोरस सल्फर - 14.5 प्रतिशत
सल्फर - 11 प्रतिशत
फॉस्फ़ोरस - 16 प्रतिशत
-- -
विभाग हैफेड सोसायटियों के माध्यम से खाद गांवों में वितरित करवा रहा है। सोमवार को सभी किसानों को खाद उपलब्ध करवाई जाएगी। दो दिन में खाद का ओर स्टॉक आ रहा है। किस तरह की कालाबाजारी की कोई शिकायत हमारे पास नहीं आई है और न ही कहीं स्टॉक की सूचना है। - डाॅ. सुखदेव कंबोज, उप निदेशक कृषि विभाग।
किसानों को खाद मिलनी चाहिए और खाद वितरण का कार्य अधिकारियों का है। किसानों को धरना देना पड़ रहा है। इसका अर्थ है कि अधिकारियों का वितरण का तरीका सही नहीं है। कहीं न कहीं वितरण में गड़बड़ी जरूरी है। उपायुक्त से इस संबंध में बात की गई। इसके बाद कृषि अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सोमवार को सभी किसानों को डीएपी मुहैया करवाने का आश्वासन दिया है। - गोकुल सेतिया, विधायक।
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सिरसा। डीएपी (डाई अमोनियम फास्फेट) के वितरण में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए किसानों ने शनिवार को सुबह 10:30 बजे डबवाली रोड पर जाम लगा दिया। किसानों का कहना है कि वे शुक्रवार रात को ही खाद के लिए लाइन में लगे हुए हैं। इसके बाद भी उन्हें खाद नहीं मिल रही। सूचना मिलने पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। वहीं, विधायक गोकुल सेतिया भी मौके पर पहुंचे और उपायुक्त को फोन किया। इसके बाद कृषि उप निदेशक डाॅ. सुखदेव कंबोज मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि सोमवार को सभी किसानों को विशेष रूप से डीएपी मुहैया करवाई जाएगी। इसके बाद किसानों ने धरना खत्म किया और नेहरू पार्क में अधिकारियों ने किसानों के नामों की सूची बनाई।
किसानों ने बताया कि शुक्रवार रात से वे जनता भवन रोड स्थित दोनों खरीद केंद्रों के बाहर डीएपी के लिए बैठे हुए थे, इसके बाद भी उन्हें खाद नहीं मिली। अहम बात यह है कि तीन दिनों के अंदर 60 हजार बैग डीएपी प्रशासन व सोसायटी के पास आई है। हैफेड के अधिकारियों की माने तो उनके पास 40 प्रतिशत ही डीएपी जाती है। ऐसे में बची हुई 60 प्रतिशत डीएपी का वितरण किस हिसाब से हो रहा है, जिसको लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। खाद वितरण और निगरानी की जिम्मेदारी कृषि विभाग के अधिकारियों की है।
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किसानों ने कहा कि निजी गोदामों में डीएपी स्टोर की गई है। दो दिनों में इतनी बड़ी मात्रा में आई डीएपी कहां गायब हो गई। कुछ किसानों ने कहा कि महंगे दाम पर दुकानदार डीएपी दे रहे हैं। ऐसे में सही मायने में विचार किया जाए तो तीन दिनों में 60 हजार बैग डीएपी कैसे जिले में बंट गई। किसानों का आरोप है कि सोसायटियां अपने सदस्यों को 5 से 10 बैग तक उपलब्ध करवा रही है, जबकि किसान को दो बैग ही मिल रहे हैं। निजी डीलर के पास गई खाद पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। किसानों ने कहा कि उन्हें डीएपी ही चाहिए।
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आधे घंटे किसानों और कृषि अधिकारियों में चलती रही खींचतान
कृषि उप निदेशक डाॅ. सुखदेव कंबोज किसानों से बार-बार एनपीके उपलब्ध करवाने की बात कहते हुए नजर आए। किसानों ने कहा कि उन्हें डीएपी ही चाहिए। ऐसे में आधे घंटे तक किसानों और कृषि अधिकारियों में खींचतान चलती रही। आखिर में अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वह सोमवार को खाद सभी किसानों को उपलब्ध करवा देंगे। विधायक ने कहा कि किसानों को खाद के लिए कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए।
सोसायटी में 4 लाख से उपर बैग की रहती है मांग
जिले में 37 सोसायटियां है। इनमें 210 सेल प्वाइंट हैं। एक सोसायटी पर 8 से 15 हजार तक बैग की मांग है। ओढां में ही पैक्स ने 12000 बैग की मांग भेजी थी। ऐसे में अनुमानित सोसायटियों में ही 4 लाख बैग से ऊपर डीएपी की मांग रहती है। अभी तक सोसायटियों को महज 30 हजार के आस पास ही बैग ही दिए गए हैं। ऐसे में 77500 बैग महज जिले में खानापूर्ति ही है। आंकड़ों के 375000 एकड में धान की बिजाई है। अब यहां गेहूं की बिजाई के लिए खाद की जरूरत पड़ेगी। आलू और सरसों का रकबा अलग रहता है। इसके अलावा बागवानी में डीएपी की मांग रहती है। अभी तक 30 प्रतिशत खाद का वितरण विभाग की ओर से नहीं किया गया है।
वाहनों को उठानी पड़ी परेशानी
डबवाली रोड पर जाम के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालक किसानों से उलझते नजर आए तो किसानों ने हाथ जोड़ उन्हें समझाने का प्रयास किया।
खाद का स्टेटस
पहले आई खाद : 17000 बैग
कृभको : 26500 बैग
आईपीएल : 34000 बैग
रासायनिक उर्वरकों की मात्रा
डीएपी
नाइट्रोजन - 18 प्रतिशत
पोटाशियम - 46 प्रतिशत
एनपीके
नाइट्रोजन - 10 प्रतिशत
पोटाशियम - 26 प्रतिशत
फॉस्फ़ोरस - 26 प्रतिशत
सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी)
कैल्शियम काॅबोनेट - 21 प्रतिशत
फॉस्फ़ोरस सल्फर - 14.5 प्रतिशत
सल्फर - 11 प्रतिशत
फॉस्फ़ोरस - 16 प्रतिशत
विभाग हैफेड सोसायटियों के माध्यम से खाद गांवों में वितरित करवा रहा है। सोमवार को सभी किसानों को खाद उपलब्ध करवाई जाएगी। दो दिन में खाद का ओर स्टॉक आ रहा है। किस तरह की कालाबाजारी की कोई शिकायत हमारे पास नहीं आई है और न ही कहीं स्टॉक की सूचना है। - डाॅ. सुखदेव कंबोज, उप निदेशक कृषि विभाग।
किसानों को खाद मिलनी चाहिए और खाद वितरण का कार्य अधिकारियों का है। किसानों को धरना देना पड़ रहा है। इसका अर्थ है कि अधिकारियों का वितरण का तरीका सही नहीं है। कहीं न कहीं वितरण में गड़बड़ी जरूरी है। उपायुक्त से इस संबंध में बात की गई। इसके बाद कृषि अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सोमवार को सभी किसानों को डीएपी मुहैया करवाने का आश्वासन दिया है। - गोकुल सेतिया, विधायक।