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गली निर्माण सामग्री में धांधली का आरोप, शिकायत के बाद दो जगह से लिए सैंपल, नाममात्र ही मिला निर्माण सामग्री
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खन्ना कॉलोनी में शिकायत के बाद गली निर्माण का सैंपल लेते विभागीय टीम के अधिकारी
- फोटो : Sirsa
सिरसा। नगर परिषद की ओर से गली निर्माण में बरती गई लापरवाही की शिकायत के बाद जांच शुरू हो गई है। सीएम विंडो में शिकायत पर एसडीएम के नेतृत्व में कमेटी गठित कर जांच करने के आदेश हुए। लेकिन अधिकारियों ने निचले स्तर के अधिकारियों को भेज दिया। इस पर शिकायतकर्ता ने रोष जताया। साथ ही अधिकारियों पर गंभीर आरोप भी लगाए। हालांकि सैंपल लेने के बाद अधिकारियों ने स्वीकार किया कि गली से नाममात्र के पत्थर-रोड़ी और सामग्री मिली है।
धांधली की शिकायत के बाद सोमवार को शहर के खन्ना कॉलोनी में नगर परिषद सचिव संदीप, जेई राकेश कुमार व अन्य अधिकारी सैंपल लेने के लिए गली नंबर 4 में पहुंचे। टीम के साथ निजी लैब के सदस्य भी मौके पर उपस्थित हुए और उन्होंने अपने अनुसार गली में दो जगह से गड्ढे कर सैंलप एकत्र किए। टीम की ओर से इंटर लॉक ईंटों को उखाड़कर नीचे डाली गई निर्माण सामग्री निकाली और थैले में सील बंद कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया। लैब संचालक ने सड़क के दोनों तरफ खोदाई की। इस दौरान इंटर लॉक के नीचे भट्ठे वाली ईंटें भी मिलीं। उन्हीं ईंटों के उपर मिट्टी डालकर नए इंटर लॉक टाइल लगा दी गई।
नाम मात्र ही निकली ईंटों के नीचे डाली गई सामग्री
गली निर्माण सामग्री कम डालने व धांधली के आरोप लगने के बाद जिला प्रशासन की ओर से शहर की निजी लैब मैट्रिक्स को सैंपल एकत्र करने के आदेश दिए। सैंपल लेने के बाद लैब कर्मचारी ने बताया कि उन्होंने दो स्थानों से सैंपल लिए हैं। इस दौरान नाम मात्र ही सामग्री मिली है। उन्होंने बताया कि 100 में से मात्र 15 फीसदी ही सामग्री डाली गई है। जिसके सैंपल बंद कर भेजे जाएंगे। मिट्टी के ऊपर ही इंटर लॉक रख दी गई और गली को तैयार कर दिया गया।
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शिकायतकर्ता बोला: जिन अधिकारियों के खिलाफ है शिकायत वहीं लेने पहुंचे सैंपल
शिकायतकर्ता रमेश पुरी ने बताया कि कोरोना काल के दोरान ठेकेदार की ओर से गली का निर्माण किया गया था। गली का निर्माण रातों रात कर दिया। इस दोरान ठेकेदार ने नाममात्र ही सामग्री इंटर लॉक ईंटों के नीचे डाली गई थी। जिसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत अधिकारियों को दी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पाई। अंत में उन्होंने सीएम विंडो में शिकायत दी है। शिकायत के दो वर्ष बाद टीमें सैंपल लेने के लिए पहुंची है। वहीं उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जिन अधिकारियों को प्रशासन की ओर से नियुक्त किया गया उनमें से कोई भी अधिकारी सैंपल लेने के लिए नहीं पहुंचा है। जबकि जिन अधिकारियों के खिलाफ उन्होंने शिकायत दी है वह सैंपल लेने के लिए मौके पर पहुंचे हुए है। इस दौरान एक ठेकेदार भी मौके पर पहुंचा लेकिन गली वासियों ने रोष प्रकट किया तो वह ठेकेदार मौके से फरार हो गया।
अधिकारियों की ओर से भी की लिए जाते है सैंपल, लेकिन नहीं मिलती खामी
गली वासी रमेश कुमार, राम दयाल, हरदेव सिंह, सुखदेव कुमार ने बताया कि नगर परिषद की ओर से अन्य कई कॉलोनियों में भी गलियों का निर्माण किया गया है। लेकिन उनकी भी यही स्थिति है। ठेकेदारों ने नाम मात्र सामग्री डालकर गलियों का निर्माण कर दिया। जिसके कारण कुछ दिनों पश्चात ही गलियों का लेवल बिगड़ रहा है। इसके लिए वह अधिकारियों को शिकायत देते है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पाती। वहीं उनका कहना है कि जब अधिकारी गलियों में सैंपल लेने के लिए पहुंचते है तो उनकी तरफ से सब कुछ ठीक होने की जानकारी दी जाती है।
गली निर्माण में धांधली करने के पहले भी लग चुके है आरोप
शहर की काफी संख्या में नगर परिषद की ओर से गलियों का निर्माण करवाया जा रहा है। इस दौरान कॉलोनी वासियों की ओर से ठेकेदार द्वारा कम सामग्री डालने, घटिया गुणवत्ता की इंटे लगाने, मिट्टी को समतल कर ईंट रखे, लेवल सही न होने और अन्य कई प्रकार की शिकायतें भी दी जाती है। लेकिन मौके पर अधिकारी पहुंचकर ठेकेदार को चेतावनी देकर वापस लौट जाते है। गली निर्माण होने के बाद कॉलोनी वासियों को उस समस्या का सामना करना पड़ता है।
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धांधली की शिकायत के बाद सोमवार को शहर के खन्ना कॉलोनी में नगर परिषद सचिव संदीप, जेई राकेश कुमार व अन्य अधिकारी सैंपल लेने के लिए गली नंबर 4 में पहुंचे। टीम के साथ निजी लैब के सदस्य भी मौके पर उपस्थित हुए और उन्होंने अपने अनुसार गली में दो जगह से गड्ढे कर सैंलप एकत्र किए। टीम की ओर से इंटर लॉक ईंटों को उखाड़कर नीचे डाली गई निर्माण सामग्री निकाली और थैले में सील बंद कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया। लैब संचालक ने सड़क के दोनों तरफ खोदाई की। इस दौरान इंटर लॉक के नीचे भट्ठे वाली ईंटें भी मिलीं। उन्हीं ईंटों के उपर मिट्टी डालकर नए इंटर लॉक टाइल लगा दी गई।
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नाम मात्र ही निकली ईंटों के नीचे डाली गई सामग्री
गली निर्माण सामग्री कम डालने व धांधली के आरोप लगने के बाद जिला प्रशासन की ओर से शहर की निजी लैब मैट्रिक्स को सैंपल एकत्र करने के आदेश दिए। सैंपल लेने के बाद लैब कर्मचारी ने बताया कि उन्होंने दो स्थानों से सैंपल लिए हैं। इस दौरान नाम मात्र ही सामग्री मिली है। उन्होंने बताया कि 100 में से मात्र 15 फीसदी ही सामग्री डाली गई है। जिसके सैंपल बंद कर भेजे जाएंगे। मिट्टी के ऊपर ही इंटर लॉक रख दी गई और गली को तैयार कर दिया गया।
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शिकायतकर्ता बोला: जिन अधिकारियों के खिलाफ है शिकायत वहीं लेने पहुंचे सैंपल
शिकायतकर्ता रमेश पुरी ने बताया कि कोरोना काल के दोरान ठेकेदार की ओर से गली का निर्माण किया गया था। गली का निर्माण रातों रात कर दिया। इस दोरान ठेकेदार ने नाममात्र ही सामग्री इंटर लॉक ईंटों के नीचे डाली गई थी। जिसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत अधिकारियों को दी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पाई। अंत में उन्होंने सीएम विंडो में शिकायत दी है। शिकायत के दो वर्ष बाद टीमें सैंपल लेने के लिए पहुंची है। वहीं उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जिन अधिकारियों को प्रशासन की ओर से नियुक्त किया गया उनमें से कोई भी अधिकारी सैंपल लेने के लिए नहीं पहुंचा है। जबकि जिन अधिकारियों के खिलाफ उन्होंने शिकायत दी है वह सैंपल लेने के लिए मौके पर पहुंचे हुए है। इस दौरान एक ठेकेदार भी मौके पर पहुंचा लेकिन गली वासियों ने रोष प्रकट किया तो वह ठेकेदार मौके से फरार हो गया।
अधिकारियों की ओर से भी की लिए जाते है सैंपल, लेकिन नहीं मिलती खामी
गली वासी रमेश कुमार, राम दयाल, हरदेव सिंह, सुखदेव कुमार ने बताया कि नगर परिषद की ओर से अन्य कई कॉलोनियों में भी गलियों का निर्माण किया गया है। लेकिन उनकी भी यही स्थिति है। ठेकेदारों ने नाम मात्र सामग्री डालकर गलियों का निर्माण कर दिया। जिसके कारण कुछ दिनों पश्चात ही गलियों का लेवल बिगड़ रहा है। इसके लिए वह अधिकारियों को शिकायत देते है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पाती। वहीं उनका कहना है कि जब अधिकारी गलियों में सैंपल लेने के लिए पहुंचते है तो उनकी तरफ से सब कुछ ठीक होने की जानकारी दी जाती है।
गली निर्माण में धांधली करने के पहले भी लग चुके है आरोप
शहर की काफी संख्या में नगर परिषद की ओर से गलियों का निर्माण करवाया जा रहा है। इस दौरान कॉलोनी वासियों की ओर से ठेकेदार द्वारा कम सामग्री डालने, घटिया गुणवत्ता की इंटे लगाने, मिट्टी को समतल कर ईंट रखे, लेवल सही न होने और अन्य कई प्रकार की शिकायतें भी दी जाती है। लेकिन मौके पर अधिकारी पहुंचकर ठेकेदार को चेतावनी देकर वापस लौट जाते है। गली निर्माण होने के बाद कॉलोनी वासियों को उस समस्या का सामना करना पड़ता है।