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Sirsa News: स्कूल वैन में डलवाए 90 लीटर डीजल में पानी की मिलावट के आरोप, सैंपल लिए
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काका किसान केंद्र पर धरना लगाकर बैठे किसान और उन्हे समझाते पुलिस कर्मचारी
कालांवाली। कालांवाली-तख्तमल रोड पर स्थित काका किसान सेवा केंद्र पर सोमवार को किसानों ने डीजल में पानी की मिलावट होने के आरोप लगाते हुए सरकार व खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के प्रति जमकर नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि इस पट्रोप पंप पर पहले भी कई बार पानी की मिलावट के मामले सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।
हरप्रीत सिंह निवासी गांव तख्तमल ने बताया कि वह राजकीय स्कूल की वैन चलाता है। उसने सोमवार सुबह करीब साढ़े 7 बजे काका तख्तमल रोड पर स्थित पेट्रोल पंप से लगभग 90 लीटर डीजल डलवाया था। जैसे ही वो वैन में डीजल डलवाकर कालांवाली पहुंचा तो बीच रास्ते में ही उसकी वैन बंद हो गई। जब उसने मिस्त्री बुलाकर वैन के फिल्टर खोलकर जांच की तो डीजल में पानी की मिलावट पाई गई।
इसके बाद उसने तीन ड्रम में वैन से सारा डीजल निकाला और पेट्रोल पंप संचालक को मौके पर बुलाया। इस दौरान पट्रोल पंप संचालक तीनों डीजल के ड्रम अपने साथ ले जाने लगे, लेकिन उसमें से उसने एक ड्रम अपने पास रख लिया। जबकि दो ड्रम पंप संचालक अपने साथ ले गए। वहीं पेट्रोल पंप संचालक ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत व निराधार बताया है। किसानों के अनुसार, कुछ दिनों पहले एक पेट्रोल पंप पर लगभग 40 हजार लीटर घटिया किस्म का तेल पकड़ा था, लेकिन मामला बिना कार्रवाई के आपस में ही रफा-दफा कर दिया गया था। किसानों ने आरोप लगाया कि हरियाणा-पंजाब सीमा पर स्थित कालांवाली एरिया में पंजाब से मोटे स्तर पर कम कीमत का घटिया व मिलावटी किस्म का पेट्रोल व डीजल सप्लाई हो रहा है। वहीं प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा।
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कार्रवाई की मांग को लेकर किसानों ने लगाया धरना
पीड़ित हरप्रीत सिंह ने उक्त मामले की सूचना किसान यूनियन को दी। सूचना मिलते ही किसान नेता गुरदास सिंह लक्कड़वाली के नेतृत्व में गांव तख्तमल व आस-पास के गांवों के सैंकड़ों किसान पेट्रोल पंप पर पहुंचे और पेट्रोल पंप पर बने टैंकों में से पेट्रोल-डीजल की निष्पक्ष जांच कर पेट्रोल पंप को सील करने और नुकसान की भरपाई करने की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही डीएफएससी मुकेश कुमार, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर अमित कुमार, सैंपलिंग टीम और कालांवाली पुलिस प्रशासन ने धरनास्थल पर पहुंचकर किसानों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसान पंप को सील करने की मांग पर अडिग रहे। इस मौके पर गुरदास सिंह लक्कड़वाली, फौजी अवतार सिंह, बलदेव सिंह, गुरमेल सिंह, मुख्तयार सिंह, मोहन सिंह, जगदीश सिंह, बिंदर सिंह सहित अनेक किसान मौजूद रहे।
डीएफएसी के सामने नहीं चली नोजल, बुलाया सेल्स ऑफिसर
जिस नोजल से हरप्रीत सिंह ने डीजल डलवाया था, जब डीएफएसी मुकेश कुमार के सामने उसकी जांच की तो वो नोजल नहीं चली। इसके बाद विभाग ने सेल्स ऑफिसर को हिसार से बुलाया और नोजल को चालू करवाकर डीजल के सैंपल लिए। इंस्पेक्टर अमित कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से डीजल के सैंपल लेकर पानीपत भेजा जाएगा। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। वहीं उन्होंने बताया कि उन्हें पंजाब से सप्लाई हो रहे मिलावटी पट्रोल-डीजल के बारे में जानकारी नहीं है।
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हरप्रीत सिंह निवासी गांव तख्तमल ने बताया कि वह राजकीय स्कूल की वैन चलाता है। उसने सोमवार सुबह करीब साढ़े 7 बजे काका तख्तमल रोड पर स्थित पेट्रोल पंप से लगभग 90 लीटर डीजल डलवाया था। जैसे ही वो वैन में डीजल डलवाकर कालांवाली पहुंचा तो बीच रास्ते में ही उसकी वैन बंद हो गई। जब उसने मिस्त्री बुलाकर वैन के फिल्टर खोलकर जांच की तो डीजल में पानी की मिलावट पाई गई।
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इसके बाद उसने तीन ड्रम में वैन से सारा डीजल निकाला और पेट्रोल पंप संचालक को मौके पर बुलाया। इस दौरान पट्रोल पंप संचालक तीनों डीजल के ड्रम अपने साथ ले जाने लगे, लेकिन उसमें से उसने एक ड्रम अपने पास रख लिया। जबकि दो ड्रम पंप संचालक अपने साथ ले गए। वहीं पेट्रोल पंप संचालक ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत व निराधार बताया है। किसानों के अनुसार, कुछ दिनों पहले एक पेट्रोल पंप पर लगभग 40 हजार लीटर घटिया किस्म का तेल पकड़ा था, लेकिन मामला बिना कार्रवाई के आपस में ही रफा-दफा कर दिया गया था। किसानों ने आरोप लगाया कि हरियाणा-पंजाब सीमा पर स्थित कालांवाली एरिया में पंजाब से मोटे स्तर पर कम कीमत का घटिया व मिलावटी किस्म का पेट्रोल व डीजल सप्लाई हो रहा है। वहीं प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा।
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कार्रवाई की मांग को लेकर किसानों ने लगाया धरना
पीड़ित हरप्रीत सिंह ने उक्त मामले की सूचना किसान यूनियन को दी। सूचना मिलते ही किसान नेता गुरदास सिंह लक्कड़वाली के नेतृत्व में गांव तख्तमल व आस-पास के गांवों के सैंकड़ों किसान पेट्रोल पंप पर पहुंचे और पेट्रोल पंप पर बने टैंकों में से पेट्रोल-डीजल की निष्पक्ष जांच कर पेट्रोल पंप को सील करने और नुकसान की भरपाई करने की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही डीएफएससी मुकेश कुमार, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर अमित कुमार, सैंपलिंग टीम और कालांवाली पुलिस प्रशासन ने धरनास्थल पर पहुंचकर किसानों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसान पंप को सील करने की मांग पर अडिग रहे। इस मौके पर गुरदास सिंह लक्कड़वाली, फौजी अवतार सिंह, बलदेव सिंह, गुरमेल सिंह, मुख्तयार सिंह, मोहन सिंह, जगदीश सिंह, बिंदर सिंह सहित अनेक किसान मौजूद रहे।
डीएफएसी के सामने नहीं चली नोजल, बुलाया सेल्स ऑफिसर
जिस नोजल से हरप्रीत सिंह ने डीजल डलवाया था, जब डीएफएसी मुकेश कुमार के सामने उसकी जांच की तो वो नोजल नहीं चली। इसके बाद विभाग ने सेल्स ऑफिसर को हिसार से बुलाया और नोजल को चालू करवाकर डीजल के सैंपल लिए। इंस्पेक्टर अमित कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से डीजल के सैंपल लेकर पानीपत भेजा जाएगा। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। वहीं उन्होंने बताया कि उन्हें पंजाब से सप्लाई हो रहे मिलावटी पट्रोल-डीजल के बारे में जानकारी नहीं है।