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गांव फग्गू में पशु मेले को लेकर दिन भरा तनाव, पुलिस की मौजूदगी में लगा पशु मेला
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all day long with animal fair in village faggu
- फोटो : Sirsa
गांव फग्गू में लगने वाले पशु मेले को लेकर रविवार को विवाद होते-होते टल गया, मेले को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हो गए। विवाद की आशंका के चलते पूर्व रविवार की तरह ड्यूटी मजिस्ट्रेट के अलावा रोड़ी व कालांवाली से पुलिस बल मौके पर तैनात रही। मेला अधिकारी एवं बीडीपीओ पंचायती जगह में लगे मेले में तैनात रहे तो वहीं ड्यूटी मजिस्ट्रेट पुरानी जगह पर डेरा डाले रहे।
यह मेला पहले गांव फग्गू में पशु मेला पंचायती जगह पर लगाने के निर्देश जारी होने के बाद रविवार अलसुबह मेला गुरुद्वारा के पास पुरानी जगह पर लगने की मुनादी करवाई गई। मेले में लंगर व चाय आदि प्रबंध करने वाली गुरुद्वारा कमेटी के सदस्यों ने बताया कि उन्हें बीडीपीओ बडागुढ़ा ने फोन कर कहा था कि मुनादी करवा दी जाए कि मेला पुरानी जगह ही लगवाया जाएगा। अलसुबह जैसे ही व्यापारी पशु लेकर पुरानी जगह पर पहुंचने लगे तो उन्हें पुरानी जगह पर एक बैरिकेट लगाकर रोका जाने लगा। वहीं अनाज मंडी के पास दूसरे पक्ष द्वारा पशु लेकर आने वाले वाहनों को रोका गया। जिसके बाद एक बार माहौल तनावपूर्ण हो गई। पुरानी जगह पर करीब 200 पशुओं को लेकर व्यापारी पहुंचे। वहीं दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें लगानी शुरू कर दी। जब विवाद बढ़ने के आसार नजर आए तो अधिकारियों ने दोहरा रवैया अपनाते हुए पशुओं को दूसरी ओर पंचायती जगह में भेजना शुरू कर दिया। फोन आने के बाद बीडीपीओ भी पुरानी जगह से नई जगह की ओर जाते दिखाई दिए।
बीडीपीओ पर बरसी कमेटी, कहा एक लाख रुपये का हुआ नुकसान
गुरुद्वारा पातशाही आठवीं के कमेटी सदस्य रामसिंह, गुरमेल सिंह व जग्गा सिंह ने बताया कि बीडीपीओ ओमप्रकाश ने शनिवार शाम फोन कर कहा था कि मेला पुरानी जगह पर लगाया जाएगा। इसलिए वे सभी प्रबंध कर लें। जिसके बाद कमेटी सदस्यों ने लंगर, चाय, छायावानों व सेवादारों का इंतजाम करना शुरू कर दिया। उक्त लोगों ने कहा कि बीडीपीओ ने उन्हें दो बार फोन कर कहा कि एसडीएम के निर्देश हैं कि मेला पुरानी जगह पर ही लगाया जाएग, जिसके लिए उन्होंने व्यापक प्रबंध किए थे, जिस पर उनका करीब एक लाख रुपये का खर्च आया।
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विवाद का कारण बन सकते थे अधिकारियों के आदेश
पशु मेले में अधिकारियों के लिखित व मौखिक आदेशों ने विवाद की स्थिति उत्पन्न कर दी थी। पहले मेला बंद करने व उसके बाद पुलिस की मौजूदगी में मेले का आयोजन करने के निर्देशों के बाद अधिकारियों के मौखिक निर्देश दो पक्षों में विवाद का कारण बन सकते थे। पुरानी जगह पर मेला लगाकर पहले विभागीय कर्मचारियों द्वारा व्यापारियों से फीस वसूली जाने लगी। लेकिन ग्राम पंचायत व दूसरे पक्ष द्वारा नई जगह पर ही मेला लगाने की बात कह दी गई। मेला अधिकारी बीडीपीओ ने कहा कि एसडीएम के मौखिक आदेश मिले हैं कि मेला पुरानी जगह पर ही लगाया जाए। परंतु ग्राम पंचायत व पंचायत समिति ने कोई लिखित आदेश न होने पर मेले का आयोजन नई जगह पर ही करवाने की बात कही। काफी जद्दोजहद के बाद मेला नई जगह पंचायती भूमि पर आयोजित कर दिया गया। वहीं डयूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार रणसिंह ने कहा कि उनकी ड्यूटी तो कानून व्यवस्था को लेकर लगाई गई है। मेले से संबंधित जो भी कोई बात है तो वो बीडीपीओ ही बता सकते हैं।
दोनों पक्षों ने जड़े अफसरशाही पर मिलीभगत के आरोप
मौके पर मौजूद पंचायत समिति के चैयरमैन गुरविन्द्र सिंह व सरंपच बलजीत सिंह ने अफसरशाही पर मिलीभगत के आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी मिलीभगत का ही कारण है कि कभी मेला पुरानी जगह तो कभी नई जगह पर लगवाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। वे इस मामले को लेकर कुछ अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर मुख्यमंत्री को शिकायत करेंगे। उन्होंने कहा कि बिना लिखित निर्देश के ही मेला मनमर्जी से पुरानी जगह पर लगवाने की कोशिश की गई। वहीं दूसरे पक्ष से गुरुद्वारा पातशाही आठवीं के कमेटी सदस्य रामसिंह व गुरमेल सिंह ने कहा कि बीडीपीओ ने उन्हें गुमराह किया जिसके चलते गुरुद्वारा का बड़ा नुकसान हुआ है और वह इस विषय में उपायुक्त से मिलेंगे।
लाखों रुपए की होती है आमदनी
गांव फग्गू में पिछले 14 वर्षों से हर सप्ताह रविवार को लग रहे पशु मेले को लेकर काफी समय से गुरुद्वारा कमेटी और पंचायती सदस्य में विवाद बना हुआ है। बतादें कि इस मेले में लगभग हजारों पशु खरीद-फरोख्त के लिए आते हैं जिससे लाखों रुपए की आमदनी होती है। पिछली बार मेला नई जगह लगने और कम पशु आने के बाद भी लगभग आठ लाख रुपये की पर्ची काटी गई थी।
एसडीएम ने उन्हें फोन पर पशु मेला पुरानी जगह पर ही लगाने के मौखिक निर्देश दिए थे। जिसके बाद हमने कमेटी को प्रबंध करने के लिए कहा था। जब लोग अपने पशुओं को नई जगह पर ले जाने लगे तो इसमें वे क्या कर सकते हैं।
ओमप्रकाश, मेला अधिकारी, बीडीपीओ, बडागुढ़ा
मेला पिछली बार पंचायती जगह पर ही लगा था। इसके लिए पंचायत ने बकायदा भूमि का प्रस्ताव भी दे रखा है। तो मेला इसी जगह लगना चाहिए। बीडीपीओ पुरानी जगह मेला लगवाना चाहते थे। लेकिन उनके पास कोई लिखित आदेश नहीं है। बीडीपीओ की वजह से तनाव होते-होते टला है। मैंने एसडीएम से बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने बात करने से मना कर दिया। हर सप्ताह तीन लाख रुपये की पर्ची काटी जाती थी। लेकिन पिछली बार मेला नई जगह लगने व पशु कम आने के बावजूद भी करीब आठ लाख रुपये की पर्ची कटी थी। इससे ये जाहिर होता है कि इसमें बड़े स्तर पर घपलेबाजी हो रही थी। इस बारे वे उपायुक्त से मिलेंगे।
बलजीत सिंह, सरपंच, फग्गूू
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यह मेला पहले गांव फग्गू में पशु मेला पंचायती जगह पर लगाने के निर्देश जारी होने के बाद रविवार अलसुबह मेला गुरुद्वारा के पास पुरानी जगह पर लगने की मुनादी करवाई गई। मेले में लंगर व चाय आदि प्रबंध करने वाली गुरुद्वारा कमेटी के सदस्यों ने बताया कि उन्हें बीडीपीओ बडागुढ़ा ने फोन कर कहा था कि मुनादी करवा दी जाए कि मेला पुरानी जगह ही लगवाया जाएगा। अलसुबह जैसे ही व्यापारी पशु लेकर पुरानी जगह पर पहुंचने लगे तो उन्हें पुरानी जगह पर एक बैरिकेट लगाकर रोका जाने लगा। वहीं अनाज मंडी के पास दूसरे पक्ष द्वारा पशु लेकर आने वाले वाहनों को रोका गया। जिसके बाद एक बार माहौल तनावपूर्ण हो गई। पुरानी जगह पर करीब 200 पशुओं को लेकर व्यापारी पहुंचे। वहीं दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें लगानी शुरू कर दी। जब विवाद बढ़ने के आसार नजर आए तो अधिकारियों ने दोहरा रवैया अपनाते हुए पशुओं को दूसरी ओर पंचायती जगह में भेजना शुरू कर दिया। फोन आने के बाद बीडीपीओ भी पुरानी जगह से नई जगह की ओर जाते दिखाई दिए।
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बीडीपीओ पर बरसी कमेटी, कहा एक लाख रुपये का हुआ नुकसान
गुरुद्वारा पातशाही आठवीं के कमेटी सदस्य रामसिंह, गुरमेल सिंह व जग्गा सिंह ने बताया कि बीडीपीओ ओमप्रकाश ने शनिवार शाम फोन कर कहा था कि मेला पुरानी जगह पर लगाया जाएगा। इसलिए वे सभी प्रबंध कर लें। जिसके बाद कमेटी सदस्यों ने लंगर, चाय, छायावानों व सेवादारों का इंतजाम करना शुरू कर दिया। उक्त लोगों ने कहा कि बीडीपीओ ने उन्हें दो बार फोन कर कहा कि एसडीएम के निर्देश हैं कि मेला पुरानी जगह पर ही लगाया जाएग, जिसके लिए उन्होंने व्यापक प्रबंध किए थे, जिस पर उनका करीब एक लाख रुपये का खर्च आया।
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विवाद का कारण बन सकते थे अधिकारियों के आदेश
पशु मेले में अधिकारियों के लिखित व मौखिक आदेशों ने विवाद की स्थिति उत्पन्न कर दी थी। पहले मेला बंद करने व उसके बाद पुलिस की मौजूदगी में मेले का आयोजन करने के निर्देशों के बाद अधिकारियों के मौखिक निर्देश दो पक्षों में विवाद का कारण बन सकते थे। पुरानी जगह पर मेला लगाकर पहले विभागीय कर्मचारियों द्वारा व्यापारियों से फीस वसूली जाने लगी। लेकिन ग्राम पंचायत व दूसरे पक्ष द्वारा नई जगह पर ही मेला लगाने की बात कह दी गई। मेला अधिकारी बीडीपीओ ने कहा कि एसडीएम के मौखिक आदेश मिले हैं कि मेला पुरानी जगह पर ही लगाया जाए। परंतु ग्राम पंचायत व पंचायत समिति ने कोई लिखित आदेश न होने पर मेले का आयोजन नई जगह पर ही करवाने की बात कही। काफी जद्दोजहद के बाद मेला नई जगह पंचायती भूमि पर आयोजित कर दिया गया। वहीं डयूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार रणसिंह ने कहा कि उनकी ड्यूटी तो कानून व्यवस्था को लेकर लगाई गई है। मेले से संबंधित जो भी कोई बात है तो वो बीडीपीओ ही बता सकते हैं।
दोनों पक्षों ने जड़े अफसरशाही पर मिलीभगत के आरोप
मौके पर मौजूद पंचायत समिति के चैयरमैन गुरविन्द्र सिंह व सरंपच बलजीत सिंह ने अफसरशाही पर मिलीभगत के आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी मिलीभगत का ही कारण है कि कभी मेला पुरानी जगह तो कभी नई जगह पर लगवाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। वे इस मामले को लेकर कुछ अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर मुख्यमंत्री को शिकायत करेंगे। उन्होंने कहा कि बिना लिखित निर्देश के ही मेला मनमर्जी से पुरानी जगह पर लगवाने की कोशिश की गई। वहीं दूसरे पक्ष से गुरुद्वारा पातशाही आठवीं के कमेटी सदस्य रामसिंह व गुरमेल सिंह ने कहा कि बीडीपीओ ने उन्हें गुमराह किया जिसके चलते गुरुद्वारा का बड़ा नुकसान हुआ है और वह इस विषय में उपायुक्त से मिलेंगे।
लाखों रुपए की होती है आमदनी
गांव फग्गू में पिछले 14 वर्षों से हर सप्ताह रविवार को लग रहे पशु मेले को लेकर काफी समय से गुरुद्वारा कमेटी और पंचायती सदस्य में विवाद बना हुआ है। बतादें कि इस मेले में लगभग हजारों पशु खरीद-फरोख्त के लिए आते हैं जिससे लाखों रुपए की आमदनी होती है। पिछली बार मेला नई जगह लगने और कम पशु आने के बाद भी लगभग आठ लाख रुपये की पर्ची काटी गई थी।
एसडीएम ने उन्हें फोन पर पशु मेला पुरानी जगह पर ही लगाने के मौखिक निर्देश दिए थे। जिसके बाद हमने कमेटी को प्रबंध करने के लिए कहा था। जब लोग अपने पशुओं को नई जगह पर ले जाने लगे तो इसमें वे क्या कर सकते हैं।
ओमप्रकाश, मेला अधिकारी, बीडीपीओ, बडागुढ़ा
मेला पिछली बार पंचायती जगह पर ही लगा था। इसके लिए पंचायत ने बकायदा भूमि का प्रस्ताव भी दे रखा है। तो मेला इसी जगह लगना चाहिए। बीडीपीओ पुरानी जगह मेला लगवाना चाहते थे। लेकिन उनके पास कोई लिखित आदेश नहीं है। बीडीपीओ की वजह से तनाव होते-होते टला है। मैंने एसडीएम से बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने बात करने से मना कर दिया। हर सप्ताह तीन लाख रुपये की पर्ची काटी जाती थी। लेकिन पिछली बार मेला नई जगह लगने व पशु कम आने के बावजूद भी करीब आठ लाख रुपये की पर्ची कटी थी। इससे ये जाहिर होता है कि इसमें बड़े स्तर पर घपलेबाजी हो रही थी। इस बारे वे उपायुक्त से मिलेंगे।
बलजीत सिंह, सरपंच, फग्गूू

all day long with animal fair in village faggu- फोटो : Sirsa