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मांगें न मानी तो 29 को होगा जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन

Mon, 20 Jun 2016 11:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा Updated Mon, 20 Jun 2016 11:56 PM IST
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Aggitation in sirsa, sarvkarmchari sangh meeting, servant union meeting, Sirsa
मी‌टिंग - फोटो : Bureau

हरियाणा सरकार की ओर से बिजली विभाग की 23 सब-डिवीजनों को निजी हाथों में देने के विरोध में जनसंगठन मंच सिरसा ने स्थानीय पटवार भवन में एक विशाल कनवेंशन का आयोजन किया गया जिसमें निर्णय लिया गया कि 23 और 24 जून को गेट मीटिंगें की जाएंगी व 27 जून को टाउन पार्क में जिला स्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा जबकि 29 जून को सभी जन संगठन उपायुक्त के माध्यम से सरकार को ज्ञापन देंगे।

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यह कार्यक्रम सर्वकर्मचारी संघ के जिला प्रधान मदन लाल खोथ, सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ की ओर से जसवंत सिंह पटवारी व किसान सभा के अध्यक्ष सुरजीत सिंह पटवारी की अध्यक्षता में किया गया जबकि मंच संचालन करते हुए सर्व कर्मचारी संघ के सचिव सोहन सिंह रंधावा ने कहा कि बिजली के निजीकरण के विरोध में बिजली विभाग के कर्मचारी पिछले कई महीनों से संघर्ष कर रहे हैं लेकिन सरकार बातचीत से समस्याओं को हल करने की बजाय उत्पीड़न का रास्ता अपना रही है जो सरासर गलत है।
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मुख्य वक्ता एवं प्रांतीय कोषाध्यक्ष सुरेश राठी ने कहा कि 1998 में प्रदेश में बिजली का रेट 80 पैसे व तीन रुपये प्रति यूनिट था जो कि नौ रुपये तक पहुंच चुकी है तथा निजी हाथों में चले जाने पर यह 15 रूपये प्रति यूनिट तक पहुंच जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि पहले खेत में ट्यूबवेल कनेक्शन 275 रुपये में होता था जो कि अब 2.50 लाख से चार लाख रुपये तक हो गया है।
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निजीकरण व मुनाफा आधारित व्यवस्था होने के कारण सिक्योरिटी राशि में भी कई गुना बढ़ोतरी हो चुकी है। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रदेश सचिव अजय वशिष्ठ ने कहा कि 1998 में पूरे प्रदेश में 20 लाख क नेक्शन थे व 50 हजार कर्मचारी थे। आज 55 लाख कनेक्शन हो गए हैं जबकि कर्मचारी मात्र 35 हजार हैं अर्थात नई भर्तियां करने की बजाय विभाग को सिकोड़ा जा रहा है। डिप्लोमा व डिग्री प्राप्त नौजवान बेरोजगार घूम रहे हैं व निजी कंपनियां इन बेरोजगार युवाओं को बहुत कम वेतन देकर शोषण कर रही हैं और ये नौजवान लाइनों पर काम करते समय हादसों के शिकार हो रहे हैं।

प्रदेश उपप्रधान अविनाश चंद्र ने कहा कि 150 से अधिक कच्चे कर्मचारी लाइनों पर काम करते समय मारे जा चुके हैं। इन कर्मचारियों के परिवारों व बच्चों को एक्सग्रेसिया व रोजगार देने का कोई प्रावधान नहीं किया गया है। बिजली विभाग के कर्मचारी इन नीतियों के विरोध में लगातार जनता के बीच जाकर सरकार की नीतियों की पोल खोलकर लोगों को सच्चाई बता रहे हैं तथा इस कड़ी में उन्हें जनता का पूरा समर्थन व सहयोग मिल रहा है।

आगामी कड़ी में कर्मचारी 200 से अधिक गांवों में जाएंगे और अपनी बात जनता के बीच रखेंगे। कनवेंशन में उपस्थितजनों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करके बिजली कर्मचारियों की 29 व 30 जून की प्रदेशव्यापी हड़ताल का समर्थन किया तथा मांग की कि जनता को सस्ती बिजली उपलब्ध करवाई जाए, कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, खाली पदों को नियमित भर्ती से भरकर बेरोजगारों को पक्का किया जाए।


जिला प्रधान मदन लाल कम्बोज ने कहा कि हड़ताल के समर्थन में 23 एवं 24 जून को गेट मीटिंगें की जाएंगी व 27 जून को टाऊन पार्क में जिला स्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा व 29 जून को सभी जनसंगठन उपायुक्त के माध्यम से सरकार को ज्ञापन देंगे। कनवेंशन को यूनिट सचिव प्रेम शर्मा, सर्किल सचिव करनी सिंह भाटी, राजेन्द्र अहलावत, गीता देवी, जगदीश बराला, चिरंजी लाल, सुनील यादव, राजकुमार शेखुपुरिया, मास्टर गुरटेक सिंह, अशोक पटवारी, कृपाशंकर त्रिपाठी, रवि कुमार, लछमण दास चिलाना, टेक चंद, त्रिलोक सिंह, राजेश भाकर, सुमेर सिंह, रामसिंह, हरिकृष्ण आदि ने भी संबोधित किया।

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