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बहिष्कार करने के बाद शिक्षा बोर्ड ने मानीं मांगें, उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या कम की

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Apr 2022 11:57 PM IST
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After the boycott, the education board accepted the demands, reduced the number of answer sheets
सिरसा। उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन के काम का शिक्षकों द्वारा बहिष्कार किए जाने के बाद शिक्षा बोर्ड ने संज्ञान लिया है। इस पर बोर्ड ने संज्ञान लेते हुए 40 की जगह दो चरणों में 17-17 उत्तर पुस्तिका के मार्किंग कार्य किया है। जिस पर अब फिर से उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन के काम शुरू हो गया है।
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शिक्षा विभाग ने 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं की मार्किंग के लिए शहर में दो केंद्र बनाए हैं। इन दो केंद्रों में से एक पर शिक्षकों ने शुक्रवार को मार्किंग कार्य का बहिष्कार कर दिया। जिस दौरान शिक्षकों ने अपनी कुछ मांगे शिक्षा बोर्ड को पत्र में लिखकर भेजी। उन मांगों में से शिक्षा बोर्ड ने 1 मांग को मानते हुए पत्र जारी किया है। जिसके बाद मॉडल संस्कृति स्कूल में करीब 120 शिक्षकों ने मूल्यांकन का काम शुरू किया। वहीं दूसरे केंद्र पर जेएनवी की परीक्षा के चलते मूल्यांकन का काम नहीं हुआ। अब 40 की बजाय 34 उत्तर पुस्तिका जांचनी होगी। ये काम दो शिफ्ट में करना होगा।
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बिजली कट व एक जगह बैठे रहने का कारण हो रही तबीयत खराब
शहर में दिनभर में साढ़े 6 घंटे का घोषित कट लगता है। जिसमें से सुबह 9 बजे से लेकर 5 बजे तक 4 घंटे का कट लगता है। वहीं अघोषित कट अलग से हैं। ऐसे में शिक्षकों का कहना है कि एक जगह बिना लाइट के बैठे रहने से उनकी तबीयत बिगड़ रही है। जिसके कारण लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। ऐसे में शिक्षक शनिवार को 28 से 30 तक ही संख्या ही पूरी कर पाए हैं।
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एक उत्तर पुस्तिका को चेक करने में लग रहे हैं 15 मिनट
एक उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन करने में शिक्षक को 12 से 15 मिनट का समय लग रहा है। ऐसे में शिक्षक लक्ष्य को पूरा नहीं कर पा रहे। वहीं पहले उत्तर पुस्तिकाओं में का पैटर्न अलग होता था। जिसके कारण मार्किंग करने में समय कम लगता था। लेकिन इस बार पैटर्न बदल दिया गया है। बोर्ड ने मार्क्स चढ़ाने के लिए बॉक्स नहीं बनाए जिसके कारण शिक्षकों को पहले बॉक्स बनाने पड़ते है। फिर उत्तरों का मिलान करने के बाद उसमें मार्क्स चढ़ाने पड़ते हैं।
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