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Sirsa News: वकील ने दी सीएम के समक्ष कानून की डिग्री जलाने की चेतावनी
Thu, 14 May 2026 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 14 May 2026 11:42 PM IST
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पटवारी व नायब तहसीलदार पर लगाया रिश्वत मांगने का आरोप, डीसी को सौंपा ज्ञापन
फोटो 23
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। इंतकाल के एवज में अधिकारियों की ओर से रिश्वत मांगे जाने के रोष स्वरूप एक अधिवक्ता ने 15 मई को मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी डिग्रियां जलाने व परिवार सहित आमरण-अनशन की चेतावनी दी है। अधिवक्ता रणजीत सिंह ने बार एसोसिएशन के प्रधान गंगाराम ढाका के नेतृत्व में वीरवार दोपहर उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें अधिवक्ता ने तहसीलदार व पटवारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उपायुक्त को दिए ज्ञापन में अधिवक्ता रणजीत सिंह निवासी गांव जमाल ने बताया कि वह जिला न्यायालय में पिछले 14 वर्ष से बतौर अधिवक्ता प्रैक्टिस कर रहे हैं। उनके भाई ने गांव जमाल में एक दिसंबर 2025 को 15 किले 3 कनाल भूमि खरीदी थी। यह भूमि अनुसूईया निवासी सोनीपत से खरीदी गई है। उपरोक्त भूमि का लम्बे समय तक इंतकाल दर्ज नहीं किया गया है।
रणजीत सिंह का आरोप है कि भूमि का इंतकाल दर्ज करवाने के लिए जब वह हलका पटवारी सुरेश से मिले तो वह बोले कि जमीन आपने सस्ती ली है। इसलिए इंतकाल के लिए 50 हजार रुपये उसकी व एक लाख रुपये नायब तहसीलदार की फीस लगेगी। जब उन्होंने तहसीलदार चोपटा से शिकायत की तो उन्होंने भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसलिए उन्हें अपनी डिग्रियां जलाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। इंतकाल के एवज में अधिकारियों की ओर से रिश्वत मांगे जाने के रोष स्वरूप एक अधिवक्ता ने 15 मई को मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी डिग्रियां जलाने व परिवार सहित आमरण-अनशन की चेतावनी दी है। अधिवक्ता रणजीत सिंह ने बार एसोसिएशन के प्रधान गंगाराम ढाका के नेतृत्व में वीरवार दोपहर उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें अधिवक्ता ने तहसीलदार व पटवारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उपायुक्त को दिए ज्ञापन में अधिवक्ता रणजीत सिंह निवासी गांव जमाल ने बताया कि वह जिला न्यायालय में पिछले 14 वर्ष से बतौर अधिवक्ता प्रैक्टिस कर रहे हैं। उनके भाई ने गांव जमाल में एक दिसंबर 2025 को 15 किले 3 कनाल भूमि खरीदी थी। यह भूमि अनुसूईया निवासी सोनीपत से खरीदी गई है। उपरोक्त भूमि का लम्बे समय तक इंतकाल दर्ज नहीं किया गया है।
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रणजीत सिंह का आरोप है कि भूमि का इंतकाल दर्ज करवाने के लिए जब वह हलका पटवारी सुरेश से मिले तो वह बोले कि जमीन आपने सस्ती ली है। इसलिए इंतकाल के लिए 50 हजार रुपये उसकी व एक लाख रुपये नायब तहसीलदार की फीस लगेगी। जब उन्होंने तहसीलदार चोपटा से शिकायत की तो उन्होंने भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसलिए उन्हें अपनी डिग्रियां जलाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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