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फीस बढ़ोतरी के विरोध में इनसो ने नेशनल कॉलेज के गेट पर शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका
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नेशनल कॉलेज के बाहर शिक्षा मंत्री का पुतला फूंकते हुए।
- फोटो : Sirsa
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय द्वारा नए सत्र के लिए बच्चों के दाखिलों में बढ़ाई गई फीस के विरोध में इनसो ने सोमवार को नेशनल कॉलेज के मुख्य द्वार पर शिक्षामंत्री का पुतला फूंका। इनसो जिला प्रभारी जतिन खलेरी व जिला प्रधान अमन गिल के नेतृत्व में इनसो कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सरकार के फीस वृद्धि के निर्णय को वापिस लेने की मांग उठाई। जतिन खलेरी ने बताया कि दाखिला फीस बढ़ाने से बेरोजगार छात्रों पर अतिरिक्त भार पड़ा है।
उन्होंने कहा कि यहां पढ़ने वाले विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्र के साधारण व गरीब परिवारों से संबंध रखते हैं। दाखिला फीस में बढ़ोतरी किए जाने से महंगाई के जमाने में छात्रों व उनके परिजनों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। उन्होंने कहा कि परिजन अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए जैसे-तैसे फीस की व्यवस्था करते हैं। ऐसे हालात में अगर बढ़ी हुई फीस को वापिस नहीं लिया गया तो अधिकतर बच्चे पढ़ाई से वंचित रह जाएंगे। वहीं कॉलेज की ओर से ऑनलाइन फीस का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत काफी विद्यार्थियों के बैंक में खाते नहीं है और कुछ के पास चेकबुक नहीं है, जिसके चलते वे फीस कैसे भर पाएंगे।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2018-19 में बीकॉम प्रथम में 3432, बीए प्रथम में 4440, बीएससी मेडिकल प्रथम में 4608, बीएससी नॉन मेडिकल प्रथम में 4536 रूपये फीस थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर बीकॉम प्रथम में 6249, बीए प्रथम में 6769, बीएससी मेडिकल प्रथम में 7069, बीएससी नॉन मेडिकल प्रथम में 7069 रूपये कर दी गई है। उन्होंने कहा कि समय रहते हुए बढ़ी हुई फीस को वापस नहीं लिया गया तो इनसो पूरे प्रदेश में छात्रों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन के रूप में सभी शिक्षण संस्थानों को बंद करने का काम करेगी। इस मौके पर यूनिवर्सिटी प्रधान गुरशनीत गिल, चेयरमैन अमित साईं, अनिल डागर, कुलदीप जांगू, विकास कस्वां, संदीप ढिल्लो, युवराज, विरेश, नरवैल, हरपाल, बंटी फरवाई व अमन कंबोज मौजूद थे।
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उन्होंने कहा कि यहां पढ़ने वाले विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्र के साधारण व गरीब परिवारों से संबंध रखते हैं। दाखिला फीस में बढ़ोतरी किए जाने से महंगाई के जमाने में छात्रों व उनके परिजनों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। उन्होंने कहा कि परिजन अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए जैसे-तैसे फीस की व्यवस्था करते हैं। ऐसे हालात में अगर बढ़ी हुई फीस को वापिस नहीं लिया गया तो अधिकतर बच्चे पढ़ाई से वंचित रह जाएंगे। वहीं कॉलेज की ओर से ऑनलाइन फीस का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत काफी विद्यार्थियों के बैंक में खाते नहीं है और कुछ के पास चेकबुक नहीं है, जिसके चलते वे फीस कैसे भर पाएंगे।
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उन्होंने बताया कि वर्ष 2018-19 में बीकॉम प्रथम में 3432, बीए प्रथम में 4440, बीएससी मेडिकल प्रथम में 4608, बीएससी नॉन मेडिकल प्रथम में 4536 रूपये फीस थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर बीकॉम प्रथम में 6249, बीए प्रथम में 6769, बीएससी मेडिकल प्रथम में 7069, बीएससी नॉन मेडिकल प्रथम में 7069 रूपये कर दी गई है। उन्होंने कहा कि समय रहते हुए बढ़ी हुई फीस को वापस नहीं लिया गया तो इनसो पूरे प्रदेश में छात्रों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन के रूप में सभी शिक्षण संस्थानों को बंद करने का काम करेगी। इस मौके पर यूनिवर्सिटी प्रधान गुरशनीत गिल, चेयरमैन अमित साईं, अनिल डागर, कुलदीप जांगू, विकास कस्वां, संदीप ढिल्लो, युवराज, विरेश, नरवैल, हरपाल, बंटी फरवाई व अमन कंबोज मौजूद थे।
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