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मनरेगा मजदूरी में गड़बड़ी करने का लगाया आरोप
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जॉब कार्ड दिखाते युवक।
- फोटो : Sirsa
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गोरीवाला। गांव लखुआना में मनरेगा मजदूरी में गड़बड़ी का आरोप लगा शैलेंद्र कुमार ने सीएम विंडो में शिकायत की है। शैलेंद्र ने विंडो में दी शिकायत में आरोप लगाया कि निवर्तमान सरपंच के पारिवारिक सदस्यों के खातों में लाखों रुपये की मजदूरी बिना काम किए डाली गई है।
शिकायतकर्ता शैलेंद्र कुमार ने कहा कि वह भी मनरेगा के तहत मजदूरी का कार्य करता था। गांव लखुआना में मनरेगा के तहत निवर्तमान सरपंच मोनिका डांगी के कार्यकाल में कार्य करवाए गए। निवर्तमान सरपंच ने अपने पारिवारिक सदस्यों के खातों में बिना काम किए ही हजारों रुपये डाल दिए गए। शैलेंद्र ने आरोप लगाया कि मनरेगा मेट बलजीत ने काम न करने वाले लोगों के खाते में पेमेंट डाली है। शिकायत जब खंड स्तर पर जांच अधिकारियों के पास आई तो उन्होंने भी किसी भी प्रकार की उचित कार्रवाई नहीं की बल्कि उल्टा उसे ही दोषी ठहरा दिया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाए की जांच अधिकारी भी उन्हें डराने धमकाने का काम कर रहे हैं। शैलेंद्र ने इस जांच को अन्य अधिकारी से करवाने की मांग की मांग की है।
वहीं कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा नीरू मित्तल ने बताया कि जॉब कार्डों को चेक किया जाएगा। इसके साथ ही मनरेगा मजदूरों के बैंक खाते बी खंगाले जाएंगे। क्योंकि मनरेगा काम की एमबी जेई द्वारा भरी जाती है। वहीं मस्टरोल सरपंच व ग्राम सचिव द्वारा सत्यापित किए जाते हैं। अगर इनमें किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो उसके खिलाफ उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा। कार्यकारी बीडीपीओ विवेक कुमार ने बताया की मामला उनके संज्ञान में है। शीघ्र ही शिकायतकर्ता को कार्यालय में बुलाकर इस संदर्भ में संज्ञान लिया जाएगा। अगर इसमें कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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शिकायतकर्ता शैलेंद्र कुमार ने कहा कि वह भी मनरेगा के तहत मजदूरी का कार्य करता था। गांव लखुआना में मनरेगा के तहत निवर्तमान सरपंच मोनिका डांगी के कार्यकाल में कार्य करवाए गए। निवर्तमान सरपंच ने अपने पारिवारिक सदस्यों के खातों में बिना काम किए ही हजारों रुपये डाल दिए गए। शैलेंद्र ने आरोप लगाया कि मनरेगा मेट बलजीत ने काम न करने वाले लोगों के खाते में पेमेंट डाली है। शिकायत जब खंड स्तर पर जांच अधिकारियों के पास आई तो उन्होंने भी किसी भी प्रकार की उचित कार्रवाई नहीं की बल्कि उल्टा उसे ही दोषी ठहरा दिया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाए की जांच अधिकारी भी उन्हें डराने धमकाने का काम कर रहे हैं। शैलेंद्र ने इस जांच को अन्य अधिकारी से करवाने की मांग की मांग की है।
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वहीं कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा नीरू मित्तल ने बताया कि जॉब कार्डों को चेक किया जाएगा। इसके साथ ही मनरेगा मजदूरों के बैंक खाते बी खंगाले जाएंगे। क्योंकि मनरेगा काम की एमबी जेई द्वारा भरी जाती है। वहीं मस्टरोल सरपंच व ग्राम सचिव द्वारा सत्यापित किए जाते हैं। अगर इनमें किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो उसके खिलाफ उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा। कार्यकारी बीडीपीओ विवेक कुमार ने बताया की मामला उनके संज्ञान में है। शीघ्र ही शिकायतकर्ता को कार्यालय में बुलाकर इस संदर्भ में संज्ञान लिया जाएगा। अगर इसमें कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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