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Sirsa News: निजी बस संचालकों के खिलाफ एबीवीपी का प्रदर्शन
Sun, 03 May 2026 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 03 May 2026 12:10 AM IST
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बस स्टैंड में नारेबाजी करते छात्र।
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संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। निजी बस संचालकों द्वारा बस पास को न मानते हुए विद्यार्थियों से अभद्र व्यवहार करने का मामला गहरा गया है। शनिवार को इन घटनाओं से आक्रोशित होकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने बस स्टैंड पर प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने निजी बस संचालकों व सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परिवहन मंत्री का पुतला जलाया।
शनिवार दोपहर एबीवीपी के सदस्य बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के साथ बस स्टैंड पर एकत्रित हुए और निजी बस संचालकों की मनमानी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। परिषद के नगर मंत्री डबवाली देवांशु शर्मा व जिला अध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि 21 अप्रैल 2026 को जारी सरकारी गाइडलाइन के अनुसार निजी बस संचालकों को विद्यार्थियों के बस पास को मान्यता देने और रोडवेज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।
इसके बावजूद निजी बस संचालक इन निर्देशों की अनदेखी करते हुए विद्यार्थियों से जबरन किराया वसूल रहे हैं। उनके साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एबीवीपी डबवाली द्वारा इस मामले को लेकर जिला उपायुक्त सिरसा को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग भी की जा चुकी है लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
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उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल को कार्यकर्ताओं ने बस संचालकों से बातचीत कर गाइडलाइन का पालन करने को कहा था लेकिन उसके बाद 24 अप्रैल को फिर दोबारा जबरन टिकट काटने की शिकायतें मिलने पर जब एबीवीपी कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे तो संचालकों ने नियम मानने से साफ इन्कार कर दिया। आरोप है कि इस दौरान बस संचालकों ने विद्यार्थियों को धमकाया, वीडियो बनाने पर मोबाइल तोड़ने व झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस हेल्पलाइन 112 को मौके पर बुलानी पड़ी।
देवांशु शर्मा ने बताया कि 30 अप्रैल को भी एक निजी बस सेवा के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए जहां विद्यार्थियों द्वारा बस पास दिखाकर टिकट न लेने की बात कहने पर उन्हें एससी एक्ट में फंसाने, मारपीट करवाने व डराने-धमकाने की कोशिश की गई। एबीवीपी ने प्रशासन से मांग की है कि 21 अप्रैल की गाइडलाइन को तुरंत प्रभाव से सख्ती से लागू किया जाए और सभी निजी बसों में विद्यार्थियों के सरकारी बस पास को अनिवार्य रूप से मान्यता दी जाए। साथ ही दोषी बस संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
इस मौके पर परिषद के इकाई मंत्री मोहित बिश्नोई, इकाई उपाध्यक्ष रचना, कल्पना, मुकेश कुमार, खुशप्रीत, पायल, शिक्षा, जितेंद्र, जगमीत आदि मौजूद रहे।
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डबवाली। निजी बस संचालकों द्वारा बस पास को न मानते हुए विद्यार्थियों से अभद्र व्यवहार करने का मामला गहरा गया है। शनिवार को इन घटनाओं से आक्रोशित होकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने बस स्टैंड पर प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने निजी बस संचालकों व सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परिवहन मंत्री का पुतला जलाया।
शनिवार दोपहर एबीवीपी के सदस्य बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के साथ बस स्टैंड पर एकत्रित हुए और निजी बस संचालकों की मनमानी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। परिषद के नगर मंत्री डबवाली देवांशु शर्मा व जिला अध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि 21 अप्रैल 2026 को जारी सरकारी गाइडलाइन के अनुसार निजी बस संचालकों को विद्यार्थियों के बस पास को मान्यता देने और रोडवेज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।
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इसके बावजूद निजी बस संचालक इन निर्देशों की अनदेखी करते हुए विद्यार्थियों से जबरन किराया वसूल रहे हैं। उनके साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एबीवीपी डबवाली द्वारा इस मामले को लेकर जिला उपायुक्त सिरसा को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग भी की जा चुकी है लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
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उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल को कार्यकर्ताओं ने बस संचालकों से बातचीत कर गाइडलाइन का पालन करने को कहा था लेकिन उसके बाद 24 अप्रैल को फिर दोबारा जबरन टिकट काटने की शिकायतें मिलने पर जब एबीवीपी कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे तो संचालकों ने नियम मानने से साफ इन्कार कर दिया। आरोप है कि इस दौरान बस संचालकों ने विद्यार्थियों को धमकाया, वीडियो बनाने पर मोबाइल तोड़ने व झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस हेल्पलाइन 112 को मौके पर बुलानी पड़ी।
देवांशु शर्मा ने बताया कि 30 अप्रैल को भी एक निजी बस सेवा के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए जहां विद्यार्थियों द्वारा बस पास दिखाकर टिकट न लेने की बात कहने पर उन्हें एससी एक्ट में फंसाने, मारपीट करवाने व डराने-धमकाने की कोशिश की गई। एबीवीपी ने प्रशासन से मांग की है कि 21 अप्रैल की गाइडलाइन को तुरंत प्रभाव से सख्ती से लागू किया जाए और सभी निजी बसों में विद्यार्थियों के सरकारी बस पास को अनिवार्य रूप से मान्यता दी जाए। साथ ही दोषी बस संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
इस मौके पर परिषद के इकाई मंत्री मोहित बिश्नोई, इकाई उपाध्यक्ष रचना, कल्पना, मुकेश कुमार, खुशप्रीत, पायल, शिक्षा, जितेंद्र, जगमीत आदि मौजूद रहे।