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Sirsa News: बाजरे की खिचड़ी बनाकर अक्षय तृतीया आखा तीज पर्व मनाया
Sun, 19 Apr 2026 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 19 Apr 2026 11:38 PM IST
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गांव कुम्हारिया में आखा तीज के अवसर पर बाजरे की खिचड़ी बनाने के लिए बाजरे को तैयार करती महिला क
फोटो-17
संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा। राजस्थान की सीमा से सटे पैंतालिसा क्षेत्र के गांवों में अक्षय तृतीया आखा तीज का पर्व ग्रामीणों और किसानों की ओर से रविवार को मनाया गया। ग्रामीण महिलाओं ने अपने घरों में बाजरे की खिचड़ी बनाकर भगवान को भोग लगाया।
ग्रामीण महिला कमला डारा, सीता देवी, शकुंतला, संतोष ने बताया कि आखा तीज का दिन अबूझ मुहूर्त का दिन होता है। इस दिन किसान नई फसल की बिजाई के लिए हल जोतने की शुरुआत करते हैं। घरों में बाजरे की खिचड़ी बनाकर भगवान को भोग लगाया जाता है। हलधर किसान को भोजन कराया जाता है। ग्रामीण अच्छी बारिश और भरपूर उत्पादन की कामना करते हैं।
इसी कड़ी में क्षेत्र के गांव कागदाना, कुम्हारिया, खेड़ी, गुसाईंआना, राजपुरा साहनी, गिगोरानी, रामपुरा ढिल्लों, जमाल, कुतियाना, रूपावास, नाथूसरी कलां, लुदेसर सहित सभी गांवों में बाजरे की खिचड़ी बनाकर अपने घरों में रहकर त्योहार को मनाया। साथ ही परशुराम जयंती पर भगवान परशुराम को नमन किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा। राजस्थान की सीमा से सटे पैंतालिसा क्षेत्र के गांवों में अक्षय तृतीया आखा तीज का पर्व ग्रामीणों और किसानों की ओर से रविवार को मनाया गया। ग्रामीण महिलाओं ने अपने घरों में बाजरे की खिचड़ी बनाकर भगवान को भोग लगाया।
ग्रामीण महिला कमला डारा, सीता देवी, शकुंतला, संतोष ने बताया कि आखा तीज का दिन अबूझ मुहूर्त का दिन होता है। इस दिन किसान नई फसल की बिजाई के लिए हल जोतने की शुरुआत करते हैं। घरों में बाजरे की खिचड़ी बनाकर भगवान को भोग लगाया जाता है। हलधर किसान को भोजन कराया जाता है। ग्रामीण अच्छी बारिश और भरपूर उत्पादन की कामना करते हैं।
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इसी कड़ी में क्षेत्र के गांव कागदाना, कुम्हारिया, खेड़ी, गुसाईंआना, राजपुरा साहनी, गिगोरानी, रामपुरा ढिल्लों, जमाल, कुतियाना, रूपावास, नाथूसरी कलां, लुदेसर सहित सभी गांवों में बाजरे की खिचड़ी बनाकर अपने घरों में रहकर त्योहार को मनाया। साथ ही परशुराम जयंती पर भगवान परशुराम को नमन किया।
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