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Sirsa News: लापरवाह कर्मचारियों को सबक, एडीसी ने खिड़कियां बंद करा खुद अपलोड किए आवेदन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jan 2024 01:41 AM IST
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A lesson to careless employees, ADC closed the windows and uploaded the applications himself
अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय के बाहर बंद पड़ी खिड़कियों के पास बैठै फरियादी।
चरखी दादरी। आमजन की समस्याओं के समाधान में कार्यालय स्टाफ की ओर से ढिलाई बरतने पर अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. जयेंद्र छिल्लर ने कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने आमजन की सुनवाई की लिए खोली गई तीनों खिड़कियां बंद करवा दीं और फरियादियों को अपने कार्यालय में बुलाकर पहले समस्याएं सुनीं और फिर समाधान की प्रक्रिया अमल में लेकर आए। खुद फरियादियों के आवेदन पत्र पोर्टल पर अपलोड किए और खिड़कियों पर तैनात कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाते जवाब तलब किया।
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परिवार पहचान पत्र और पेंशन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए लोग लंबे समय से एडीसी कार्यालय में बनाई गईं तीन खिड़कियों के चक्कर लगा रहे हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। सोमवार को एडीसी डॉ. जयेंद्र छिल्लर के संज्ञान में यह मामला आया। उन्होंने तत्काल इस पर संज्ञान लिया और तीनों खिड़कियों को बंद करवा दिया। इसके बाद एडीसी ने आवेदकों को अपने कार्यालय में बुलाया। दूर-दराज के गांवों से आए लोगों ने बताया कि स्थानीय कर्मचारी कार्य के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं। वे पीपीपी संबंधी कार्य करवाने के लिए कई बार चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उनका कोई भी कार्य नहीं हो रहा है। इसके चलते उन्हें आर्थिक व मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फरियादियों की परेशानी समझते हुए अतिरिक्त उपायुक्त ने 10 फरियादियों के आवेदन स्वयं अपने लैपटॉप से अपलोड किए और जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया।
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फरियादी बोले- हर बार नई शर्त लगाकर कर्मचारी भेज देते थे वापस
- बुढ़ापा पेंशन बनवाने के लिए गांव बधवाना से सुबह 9 बजे कार्यालय में आया था। यहां पहुंचा तो खिड़की बंद मिली। कर्मचारियों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि एडीसी ने खिड़की बंद करवाई है। इसके बाद एडीसी से मिला तो उन्होंने स्वयं मेरा आवेदन पत्र अपलोड कर दिया। - सुमेर सिंह, बधवाना
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अभी तक किसान सम्मान निधि भत्ता नहीं मिला है। विधुर पेंशन के लिए भी लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन कर्मचारी हर बार कोई न कोई नई शर्त लगाकर वापस भेज देते हैं। सोमवार को एडीसी कार्यालय आया तो यहां खिड़की बंद मिली। बाद में एडीसी से मिलकर आवेदन जमा कराया। - अशोक कुमार, दादरी

पीपीपी अलग करवाने के लिए कार्यालय में सुबह नौ बजे से बैठा हूं, लेकिन खिड़की बंद होने से कोई भी कर्मचारी नहीं मिल पाया। पहले भी कई बार यहां आया हूं, लेकिन यहां के कर्मचारी बाढड़ा तो वहां के कर्मचारी दादरी में कार्य होने का नाम लेकर परेशान कर रहे हैं। एडीसी ने समाधान का आश्वासन दिया है। - धर्मेंद्र, हड़ोदा

गांव डोहका से पीपीपी में आय ठीक करवाने के लिए पांच बार स्थानीय कार्यालय आ चुकी है। यहां के कर्मचारी बाढड़ा कार्यालय में काम होने का नाम लेकर वापस भेज देते हैं और बाढड़ा पहुंचने पर दादरी में काम होने का जवाब मिलता है। एडीसी के समक्ष आज अपनी परेशानी रखी है। - दर्शना देवी, डोहका




कर्मचारियों द्वारा समय पर काम नहीं करने पर उनको कड़ी फटकार लगाई गई है। इसके अलावा आमजन को परेशान करने का उनसे कारण भी पूछा गया है। आमजन को अगर कोई कर्मचारी परेशान करेगा तो इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ये चेतावनी कर्मचारियों को भी दे दी गई है। - डॉ. जयेंद्र छिल्लर, अतिरिक्त उपायुक्त, चरखी दादरी
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