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Sirsa News: श्रम विभाग सहित कई विभागों की संयुक्त टीम ने दुकानों पर छापा मार 7 बाल श्रमिकों को किया रेस्क्यू
Thu, 02 May 2024 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 02 May 2024 11:58 PM IST
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सिरसा। जिला बाल कल्याण संरक्षण विभाग, श्रम विभाग, पुलिस की मानव तस्करी अपराध शाखा व समग्र शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने वीरवार को शहर में कई जगहों पर पर छापे मारकर 7 बाल श्रमिकों को छुड़वाया। इस मामले में शहर थाना पुलिस ने बच्चों से बाल श्रम करवाने वाले 6 दुकान मालिकों के खिलाफ केस दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है। रेस्क्यू किए गए बच्चों से 12-12 घंटे तक काम लिया जा रहा था और वेतन भी बहुत कम दिया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार, वीरवार को श्रम विभाग के निरीक्षक धर्मबीर शर्मा, समग्र शिक्षा विभाग के ब्लॉक रिसोर्स काेऑर्डिनेटर विजय सचदेवा, मानव तस्कर इकाई सिरसा के इंचार्ज एएसआई नाहन सिंह व जिला बाल कल्याण संरक्षण विभाग के प्रदीप कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने शहर के अनेक स्थानों पर बाल श्रम को लेकर जांच की। इस दौरान टीम ने रोड़ी बाजार में स्थित सेठी कॉफी हाउस में 15 साल के बच्चे को काम करते हुए पाया। टीम ने जब बच्चे से बात की तो उसने बताया कि वह सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक कॉफी हाउस में काम करता है और उसे 4 हजार रुपये मेहनताना मिलता है।
दो साल से मुफ्त में कर रहा था काम
टीम ने इसी रोड पर रंगीला रंगाई सेंटर पर छापा मारकर यहां पर 14 साल के बच्चे को काम करते पाया। बच्चे ने बताया कि वह 2 साल से यहां पर बगैर वेतन के काम कर रहा है। अब इसी महीने से उसे 5 हजार रुपये का वेतन देने की बात कही गई है। बच्चे ने बताया कि उससे सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक काम लिया जाता है। टीम ने रोड़ी बाजार में ही एमके बूट हाउस पर छापा मारा तो यहां पर 16 साल का किशोर काम करते हुए पाया गया। बच्चे ने बताया कि वह पिछले 18 महीने से इस दुकान में काम कर रहा है और उसे 8 हजार रुपये प्रति माह वेतन दिया जा रहा है। उसने बताया कि उससे सुबह 10 बजे से रात साढ़े 8 बजे तक काम लिया जाता है। इसी प्रकार टीम ने रोड़ी बाजार में ही लक्की बेल्ट नामक दुकान पर छापा मारा तो यहां पर 15 साल का बच्चा काम करता हुआ मिला। बच्चे ने बताया कि वह 3 दिन पहले ही 5 हजार रुपये प्रति माह के रूप में इस दुकान पर काम करने आया है और वह सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक काम करता है।
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इसके बाद टीम ने रोड़ी गेट पर जगदीश चौक के पास गुलाटी किरयाणा स्टोर पर छापा मारा तो यहां पर 14 साल का बच्चा काम करता हुआ पाया गया। बच्चे ने बताया कि वह पिछले 1 साल से 7 हजार रुपये प्रति माह के तौर पर यहां काम कर रहा है और उसकी ड्यूटी सुबह 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक है। टीम ने इसके बाद एमसी मार्केट में मामा-भांजा जनरल स्टोर की दुकान पर छापा मारा तो यहां पर 13 व 16 साल की उम्र के दो बच्चे काम करते हुए पाए गए। 13 साल के बच्चे ने बताया कि व 2 महीने से 4 हजार रुपये व 16 साल के किशोर ने बताया कि वह 4 माह से 6 हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से यहां पर काम कर रहा है। शहर पुलिस ने इस मामले में श्रम अधिकारी धर्मबीर शर्मा की शिकायत पर सभी दुकान मालिकों के खिलाफ केस दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है।
कोट्स
सूचना मिली थी कि शहर में कई दुकानों पर छोटे बच्चों से बाल श्रम करवाया जा रहा है। इसी को लेकर वीरवार को कार्रवाई की गई। 6 दुकानों से 7 बच्चे मिले हैं, जिनको रेस्क्यू किया गया है। दुकान मालिकों ने बच्चों से कम वेतन पर अधिक समय तक काम कर बाल श्रम करवाया है। दुकान मालिकों के खिलाफ केस दर्ज करवा जांच शुरू कर दी गई है।
-धर्मबीर शर्मा, निरीक्षक, श्रम विभाग सिरसा।
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जानकारी के अनुसार, वीरवार को श्रम विभाग के निरीक्षक धर्मबीर शर्मा, समग्र शिक्षा विभाग के ब्लॉक रिसोर्स काेऑर्डिनेटर विजय सचदेवा, मानव तस्कर इकाई सिरसा के इंचार्ज एएसआई नाहन सिंह व जिला बाल कल्याण संरक्षण विभाग के प्रदीप कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने शहर के अनेक स्थानों पर बाल श्रम को लेकर जांच की। इस दौरान टीम ने रोड़ी बाजार में स्थित सेठी कॉफी हाउस में 15 साल के बच्चे को काम करते हुए पाया। टीम ने जब बच्चे से बात की तो उसने बताया कि वह सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक कॉफी हाउस में काम करता है और उसे 4 हजार रुपये मेहनताना मिलता है।
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दो साल से मुफ्त में कर रहा था काम
टीम ने इसी रोड पर रंगीला रंगाई सेंटर पर छापा मारकर यहां पर 14 साल के बच्चे को काम करते पाया। बच्चे ने बताया कि वह 2 साल से यहां पर बगैर वेतन के काम कर रहा है। अब इसी महीने से उसे 5 हजार रुपये का वेतन देने की बात कही गई है। बच्चे ने बताया कि उससे सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक काम लिया जाता है। टीम ने रोड़ी बाजार में ही एमके बूट हाउस पर छापा मारा तो यहां पर 16 साल का किशोर काम करते हुए पाया गया। बच्चे ने बताया कि वह पिछले 18 महीने से इस दुकान में काम कर रहा है और उसे 8 हजार रुपये प्रति माह वेतन दिया जा रहा है। उसने बताया कि उससे सुबह 10 बजे से रात साढ़े 8 बजे तक काम लिया जाता है। इसी प्रकार टीम ने रोड़ी बाजार में ही लक्की बेल्ट नामक दुकान पर छापा मारा तो यहां पर 15 साल का बच्चा काम करता हुआ मिला। बच्चे ने बताया कि वह 3 दिन पहले ही 5 हजार रुपये प्रति माह के रूप में इस दुकान पर काम करने आया है और वह सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक काम करता है।
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इसके बाद टीम ने रोड़ी गेट पर जगदीश चौक के पास गुलाटी किरयाणा स्टोर पर छापा मारा तो यहां पर 14 साल का बच्चा काम करता हुआ पाया गया। बच्चे ने बताया कि वह पिछले 1 साल से 7 हजार रुपये प्रति माह के तौर पर यहां काम कर रहा है और उसकी ड्यूटी सुबह 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक है। टीम ने इसके बाद एमसी मार्केट में मामा-भांजा जनरल स्टोर की दुकान पर छापा मारा तो यहां पर 13 व 16 साल की उम्र के दो बच्चे काम करते हुए पाए गए। 13 साल के बच्चे ने बताया कि व 2 महीने से 4 हजार रुपये व 16 साल के किशोर ने बताया कि वह 4 माह से 6 हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से यहां पर काम कर रहा है। शहर पुलिस ने इस मामले में श्रम अधिकारी धर्मबीर शर्मा की शिकायत पर सभी दुकान मालिकों के खिलाफ केस दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है।
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सूचना मिली थी कि शहर में कई दुकानों पर छोटे बच्चों से बाल श्रम करवाया जा रहा है। इसी को लेकर वीरवार को कार्रवाई की गई। 6 दुकानों से 7 बच्चे मिले हैं, जिनको रेस्क्यू किया गया है। दुकान मालिकों ने बच्चों से कम वेतन पर अधिक समय तक काम कर बाल श्रम करवाया है। दुकान मालिकों के खिलाफ केस दर्ज करवा जांच शुरू कर दी गई है।
-धर्मबीर शर्मा, निरीक्षक, श्रम विभाग सिरसा।