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Sirsa News: बंदरों के झुंड ने पहले किशाेर को घसीटा फिर किया हमला
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डबवाली। शहर के वार्ड 8 की एकता नगरी में बंदरों का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है। वीरवार को 13 वर्षीय बच्चे को बंदर घसीटते हुए ले गए और उसे घायल कर दिया। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर जब गली के लोग बाहर आए और बच्चे को बंदर से छुड़वाया। इस हमले में वार्ड के लोगों में गहरा रोष है।
एकता नगरी की गली नंबर 7 निवासी दीपक कुमार ने बताया कि उनका 13 वर्षीय बेटा कुबेर अपने छोटे भाई को कोचिंग से छोड़कर वापस घर आया था। वह आंगन में साइकिल खड़ी करने लगा तो अचानक बंदरों के एक झुंड ने उस पर हमला कर दिया। बंदर उसे घसीटते हुए कुछ दूर तक ले गए।
ऐसे में कुबेर के चीखने की आवाज सुनकर घर के सामने रहने वाले जसवंत राय डंडा लेकर बंदरों को भगाने के लिए दौड़े। बंदरों ने उन पर ही हमला करने के लिए झपट पड़े। इससे कुबेर और ज्यादा डर गया। इसी बीच पास के एक मकान में काम कर रहे मिस्त्री कस्सी लेकर आए और बड़ी मुश्किल से बंदरों को वहां से भगाया। दीपक के अनुसार इस घटना के बाद उनका बेटा बहुत सहम गया है।
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कुछ महीने भी किया था महिला पर हमला
यह पहली बार नहीं है जब इस इलाके में बंदरों ने हमला किया है। कुछ महीने पहले भी बंदरों ने एक महिला पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिसे इलाज के लिए बठिंडा एम्स ले जाना पड़ा था। बंदरों का यह उत्पात अब एक रोजमर्रा की समस्या बन गया है। वे कभी पानी की पाइपें तोड़ देते हैं, तो कभी घरों में घुसकर फ्रिज का सामान खा जाते हैं। लगातार बढ़ते खतरे के कारण एकता नगरी के लोग दहशत में जी रहे हैं। हैरानी की बात है कि बंदरों का उत्पात नगर परिषद के चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा के अपने वार्ड में हो रहा है।
पूर्व विधायक ने भी किया था इशारा
पूर्व विधायक अमित सिहाग ने भी हाल ही में अपनी खिड़की पर बैठे बंदरों की तस्वीर सांझा की थी। तस्वीर के माध्यम से उन्होंने इशारा किया था कि इन बंदरों की समस्या पर प्रशासन ध्यान दे।
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एकता नगरी की गली नंबर 7 निवासी दीपक कुमार ने बताया कि उनका 13 वर्षीय बेटा कुबेर अपने छोटे भाई को कोचिंग से छोड़कर वापस घर आया था। वह आंगन में साइकिल खड़ी करने लगा तो अचानक बंदरों के एक झुंड ने उस पर हमला कर दिया। बंदर उसे घसीटते हुए कुछ दूर तक ले गए।
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ऐसे में कुबेर के चीखने की आवाज सुनकर घर के सामने रहने वाले जसवंत राय डंडा लेकर बंदरों को भगाने के लिए दौड़े। बंदरों ने उन पर ही हमला करने के लिए झपट पड़े। इससे कुबेर और ज्यादा डर गया। इसी बीच पास के एक मकान में काम कर रहे मिस्त्री कस्सी लेकर आए और बड़ी मुश्किल से बंदरों को वहां से भगाया। दीपक के अनुसार इस घटना के बाद उनका बेटा बहुत सहम गया है।
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कुछ महीने भी किया था महिला पर हमला
यह पहली बार नहीं है जब इस इलाके में बंदरों ने हमला किया है। कुछ महीने पहले भी बंदरों ने एक महिला पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिसे इलाज के लिए बठिंडा एम्स ले जाना पड़ा था। बंदरों का यह उत्पात अब एक रोजमर्रा की समस्या बन गया है। वे कभी पानी की पाइपें तोड़ देते हैं, तो कभी घरों में घुसकर फ्रिज का सामान खा जाते हैं। लगातार बढ़ते खतरे के कारण एकता नगरी के लोग दहशत में जी रहे हैं। हैरानी की बात है कि बंदरों का उत्पात नगर परिषद के चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा के अपने वार्ड में हो रहा है।
पूर्व विधायक ने भी किया था इशारा
पूर्व विधायक अमित सिहाग ने भी हाल ही में अपनी खिड़की पर बैठे बंदरों की तस्वीर सांझा की थी। तस्वीर के माध्यम से उन्होंने इशारा किया था कि इन बंदरों की समस्या पर प्रशासन ध्यान दे।