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नौकरी लगवाने के नाम पर 9 लाख रुपये ठगे, केस दर्ज
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सिरसा। नौकरी लगवाने के नाम पर शहर के शक्ति नगर निवासी एक व्यक्ति के साथ 9 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में 5 लोगों को नामजद करते हुए विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने दलजीत सिंह निवासी ढाणी दयाल सिंह, गांव तुतावाली, सुखबीर सिंह उर्फ प्रोफेसर बावा निवासी गांव सरावा बोदला तहसील मलोट जिला मुक्तसर साहिब, बलविंद्र सिंह निवासी गांव रानीवाला तहसील मलोट जिला मुक्तसर साहिब पंजाब, हरजिंद्र सिंह निवासी गांव आलमगढ़, एडीबी इनफोटेक (ओपीडी) प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
पुलिस को दी शिकायत में शक्ति नगर गली नंबर 3 निवासी सिमरन सिंह ने बताया कि आरोपी बलविंद्र सिंह के साथ उसकी जान पहचान थी। जिसने उसे एक कंपनी में किसान मित्र के तौर पर नौकरी लगवाने के लिए कहा और इसके लिए 9 लाख रुपये की मांग की। वह उसकी बातों में फंस गया और 9 लाख रुपये देने के लिए हां भर दी। 12 अप्रैल 19 को आरटीजीएस के तहत दलजीत सिंह के खाते में 5 लाख रुपये ट्रांसफर कर दी। उसी दिन दो लाख रुपये नकद अपने खाता से निकलवा कर और एक लाख रुपये अपनी जेब से दोषी सुखबीर सिंह उर्फ प्रोफेसर बावा को दे दिए। उसके बाद आरोपियों ने 15 अप्रैल 19 को अपनी कंपनी का एक ऑफर लेटर जारी कर दिया। उसके बाद आरोपी ने अपनी कंपनी का एक फर्जी ज्वाइनिंग पत्र 26 अप्रैल 19 का जारी कर दिया और आरोपियों ने उसे कहा कि आपकी ट्रेनिंग होनी है, इसलिए आपको एक लाख रुपये और देना होगा, उसने सुखबीर सिंह उर्फ प्रोफेसर बावा के एक्सिस बैंक लिमिटेड के खाते में डाल दिए। इसके बाद आरोपियों ने कहा कि आपकी ट्रेनिंग लगनी है, जो कि 19 जून 2019 से 19 जुलाई 2019 तक लगवाई गई। जिसका उसे ग्लोबल हब एजूकेशन का एक सर्टिफिकेट भी दिया गया। इसके बाद वह कई दिनों तक आरोपियों के चक्कर काटता रहा, लेकिन वे उसे बार-बार टरकाते रहे। जब उसने आरोपियों के बारे में जांच पड़ताल की तो पता चला कि उन्होंने कई लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए गिरोह बनाया हुआ है। अपने साथ हुई ठगी का पता चलने पर उसने तुरंत पुलिस को सूचित किया। सदर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस को दी शिकायत में शक्ति नगर गली नंबर 3 निवासी सिमरन सिंह ने बताया कि आरोपी बलविंद्र सिंह के साथ उसकी जान पहचान थी। जिसने उसे एक कंपनी में किसान मित्र के तौर पर नौकरी लगवाने के लिए कहा और इसके लिए 9 लाख रुपये की मांग की। वह उसकी बातों में फंस गया और 9 लाख रुपये देने के लिए हां भर दी। 12 अप्रैल 19 को आरटीजीएस के तहत दलजीत सिंह के खाते में 5 लाख रुपये ट्रांसफर कर दी। उसी दिन दो लाख रुपये नकद अपने खाता से निकलवा कर और एक लाख रुपये अपनी जेब से दोषी सुखबीर सिंह उर्फ प्रोफेसर बावा को दे दिए। उसके बाद आरोपियों ने 15 अप्रैल 19 को अपनी कंपनी का एक ऑफर लेटर जारी कर दिया। उसके बाद आरोपी ने अपनी कंपनी का एक फर्जी ज्वाइनिंग पत्र 26 अप्रैल 19 का जारी कर दिया और आरोपियों ने उसे कहा कि आपकी ट्रेनिंग होनी है, इसलिए आपको एक लाख रुपये और देना होगा, उसने सुखबीर सिंह उर्फ प्रोफेसर बावा के एक्सिस बैंक लिमिटेड के खाते में डाल दिए। इसके बाद आरोपियों ने कहा कि आपकी ट्रेनिंग लगनी है, जो कि 19 जून 2019 से 19 जुलाई 2019 तक लगवाई गई। जिसका उसे ग्लोबल हब एजूकेशन का एक सर्टिफिकेट भी दिया गया। इसके बाद वह कई दिनों तक आरोपियों के चक्कर काटता रहा, लेकिन वे उसे बार-बार टरकाते रहे। जब उसने आरोपियों के बारे में जांच पड़ताल की तो पता चला कि उन्होंने कई लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए गिरोह बनाया हुआ है। अपने साथ हुई ठगी का पता चलने पर उसने तुरंत पुलिस को सूचित किया। सदर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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