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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक साल में भरे खाद्य पदार्थों के 92 सैंपल, 22 फेल
Updated Tue, 26 Jun 2018 12:40 AM IST
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सिरसा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वर्ष 2017-18 के दौरान छापामारी कर जिलेभर से खाद्य पदार्थों के 92 सैंपल भरे। विभाग की जांच में 92 सैंपलों में से 22 फेल पाए गए हैं। फेल सैंपलों में 13 सब स्टैंडर्ड पाए गए हैं, जबकि 6 मिस ब्रांडिड व 3 अनसेफ पाए गए हैं। विभागीय अधिकारियों ने सैंपल के फेल पाए जाने पर रिपोर्ट आगामी कार्रवाई के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को सौंप दी है। हालांकि पूर्व में बनाए गए एक्ट के मुताबिक सैंपल फेल पाए जाने पर मामूली जुर्माने का प्रावधान था। जिसके कारण खाद्य पदार्थों में सरेआम मिलावट कर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जाता था। लेकिन नए एक्ट के मुताबिक सैंपल फेल पाए जाने पर दुकानदार से न केवल भारी भरकम जुर्माना वसूल किया जाता है। बल्कि सजा का भी प्रावधान है।
इन वस्तुओं के भरे थे सैंपल:
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वर्ष 2017-18 में जिलेभर में खाद्य पदार्थों की दुकानों से खोया, पनीर, आइसक्रीम, मंचूरियन, दही, कुल्फी, सरसों का तेल, घी, गज्जक के सैंपल भरे थे। विभाग की ओर से त्योहारी सीजन में खासतौर पर मिठाई में खोये के सैंपल अधिक भरे गए थे, जिनमें काफी संख्या में सैंपल फेल पाए हैं।
ये है सजा का प्रावधान:
विभाग के मुताबिक अगर सैंपल सब स्टैंडर्ड पाया जाता है तो मामला एडीसी कोर्ट में चला जाता है। दुकान संचालक पर पांच लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। अगर सैंपल मिस ब्रांडिड पाया जाता है। इसमें भी मामला एडीसी कोर्ट में चला जाता है और दुकान संचालक पर तीन लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। अगर सैंपल अनसेफ पाया जाता है तो मामला सिविल कोर्ट में चला जाता है और दुकानदार पर सजा व जुर्माने दोनों का प्रावधान है।
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माह सैंपल फेल
जनवरी 6 1
फरवरी 0 0
मार्च 12 2
अप्रैल 6 2
मई 8 1
जून 16 4
जुलाई 1 1
अगस्त 0 0
सितंबर 3 0
अक्तूबर 37 0
नवंबर 0 0
दिसंबर 3 1
विभाग द्वारा गठित टीमें समय-समय पर खाद्य पदार्थों के सैंपल लेती है। जांच के बाद सैंपल फेल पाए जाने पर विभाग को रिपोर्ट सौंप दी जाती है। आगामी कार्रवाई प्रशासन ने करनी होती है। पिछले साल लिए गए सैंपलों में से 22 फेल हो गए हैं।
- डॉ. गोबिंद गुप्ता, सिविल सर्जन, सिरसा।
इन वस्तुओं के भरे थे सैंपल:
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वर्ष 2017-18 में जिलेभर में खाद्य पदार्थों की दुकानों से खोया, पनीर, आइसक्रीम, मंचूरियन, दही, कुल्फी, सरसों का तेल, घी, गज्जक के सैंपल भरे थे। विभाग की ओर से त्योहारी सीजन में खासतौर पर मिठाई में खोये के सैंपल अधिक भरे गए थे, जिनमें काफी संख्या में सैंपल फेल पाए हैं।
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ये है सजा का प्रावधान:
विभाग के मुताबिक अगर सैंपल सब स्टैंडर्ड पाया जाता है तो मामला एडीसी कोर्ट में चला जाता है। दुकान संचालक पर पांच लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। अगर सैंपल मिस ब्रांडिड पाया जाता है। इसमें भी मामला एडीसी कोर्ट में चला जाता है और दुकान संचालक पर तीन लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। अगर सैंपल अनसेफ पाया जाता है तो मामला सिविल कोर्ट में चला जाता है और दुकानदार पर सजा व जुर्माने दोनों का प्रावधान है।
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माह सैंपल फेल
जनवरी 6 1
फरवरी 0 0
मार्च 12 2
अप्रैल 6 2
मई 8 1
जून 16 4
जुलाई 1 1
अगस्त 0 0
सितंबर 3 0
अक्तूबर 37 0
नवंबर 0 0
दिसंबर 3 1
विभाग द्वारा गठित टीमें समय-समय पर खाद्य पदार्थों के सैंपल लेती है। जांच के बाद सैंपल फेल पाए जाने पर विभाग को रिपोर्ट सौंप दी जाती है। आगामी कार्रवाई प्रशासन ने करनी होती है। पिछले साल लिए गए सैंपलों में से 22 फेल हो गए हैं।
- डॉ. गोबिंद गुप्ता, सिविल सर्जन, सिरसा।