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ट्रेक्टर-ट्रालियों में भरकर दिल्ली घेराव के लिए निकले किसानों को पुलिस ने लिया हिरासत में
Updated Fri, 23 Feb 2018 12:41 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
ओढां (सिरसा)।
राष्ट्रीय किसान महासंघ के बैनर तले दिल्ली में होने वाले घेराव को लेकर कालांवाली और डबवाली क्षेत्र से ट्रैक्टर ट्रालियों में भरकर निकले किसान नेताओं सहित करीब 40 किसानों को पुलिस ने पन्नीवालामोटा पुलिस नाका पर ही हिरासत में ले लिया। बाद में अन्य किसान तो पुलिस के समझाने के बाद चले गए, लेकिन किसान नेता जसवीर भाटी, गुरदास सिंह लकड़ांवाली सहित छह किसानों ने अपनी गिरफ्तारियां दीं।
इस मौके पर किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इसे तानाशाह रवैया बताया। दरअसल राष्ट्रीय किसान महासंघ की ओर से मांगों को लेकर शुक्रवार को दिल्ली का घेराव की चेतावनी दी गई थी। इस प्रदर्शन में भाग लेने के लिए किसान संगठन के प्रदेशाध्यक्ष जसवीर सिंह भाटी किसानों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर डबवाली से चले थे कि पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते ही हिरासत में ले लिया। उधर, कालांवाली किसान सेल के प्रधान गुरदास सिंह लकड़ांवाली करीब 37 किसानों के साथ तीन ट्रैक्टर ट्रालियों में सवार होकर निकले। दिल्ली घेराव की सूचना पर अलर्ट पुलिस ने पन्नीवाला मोटा पुलिस नाके पर किसानों को आगे जाने से रोक लिया। इस दौरान किसानों की करीब आधे घंटे तक पुलिस के साथ जद्दोजहद होती रही, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्हें ट्रैक्टर ट्रालियों में नहीं जाने दिया जाएगा, जिसके बाद नाराज कि सानों ने वहीं पर बैठकर धरना प्रदर्शन शुरू करते हुए सरकार के खिलाफ खूब नारेबाजी की।
किसान नेता जसवीर सिंह भाटी, गुरदास सिंह वेदपाल डांगी ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा सरकार की दमनकारी नीतियां उनकी आवाज को नहीं दबा सकती। उन्होंने कहा कि देश का किसान पिछले लंबे समय से कम रेट पर फसल बेचकर कर्जे के बोझ तले दबकर रह गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पूर्व जो वादे किए उन्हें पूरा करना तो दूर अपितु आवाज उठाने वाले किसानों पर गोलियां चलाकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। किसान नेता गुरदास सिंह ने कहा कि किसानों की सरकार से पांच मांगें हैं, जिसमें स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करना, फसल का डेढ़ गुना भाव देकर रबी की फसल से खरीद शुरू करने, फसल बीमा योजना बंद करने और आवारा पशुओं से फसल बचाना शामिल है। उन्होंने हरियाणा किसान मंच द्वारा प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा के नेतृत्व में किए गए प्रदर्शन बारे कहा कि वे उसमें शामिल नहीं होंगे।
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एक घंटे बाद लिया हिरासत में
किसानों के दिल्ली कूच करने के ऐलान के बाद जिलेभर की पुलिस और खुफिया तंत्र विभाग पूरी तरह से अलर्ट दिखाई दिया। पुलिस ने डबवाली से लेकर सिरसा तक जगह-जगह नाकाबंदी करते हुए पुलिस कर्मियों की नियुक्ति की थी। किसान नेता गुरदास सिंह लकड़ांवाली अपने 37 साथियों के साथ तीन ट्रैक्टर ट्रालियों में भरकर दिल्ली के लिए रवाना हुए। उधर, पहले से ही मौजूद बडागुढ़ा थाना प्रभारी तरसेम शर्मा और ओढां थाना प्रभारी जगदीश जोशी ने उन्हें पन्नीवाला मोटा पुलिस नाके पर रोक लिया। पुलिस ने उन्हें शांति भंग होने का हवाला देकर ट्रैक्टर ट्रालियां न लेकर जाने की बात कहते वापस जाने के लिए कहा, लेकिन किसानों ने कहा कि अगर ट्रैक्टर ट्रालियां नहीं तो वे पैदल ही कूच करेंगे। किसानों ने पुलिस नाके पर काफी देर तक किसान एकता के नारे लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। करीब एक घंटे के बाद सभी किसानों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और बस में भरकर बडागुढ़ा थाना की ओर रवाना हो गई। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार उनकी गिरफ्तारी तो करवा सकती है लेकिन उनकी आवाज नहीं दबा सकती।
शांति भंग करने का मामला दर्ज
बडागुढ़ा पुलिस ने करीब 30 किसानों को समझा-बुझाकर घर भेज दिया, लेकिन उनके पदाधिकारी नहीं माने। काफी देर तक समझाने उपरांत पुलिस ने किसान नेता जसवीर सिंह भाटी निवासी शेरगढ़, गुरदास सिंह लकड़ांवाली, लाभ सिंह मट्टदादू, लीलाधर रत्ताखेड़ा, देवेंद्र सिंह और वकील सिंह निवासी मौजगढ़ सहित छह लोगों के खिलाफ शांति भंग करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया।
बॉक्स
किसी भी व्यक्ति को शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। पुलिस ने करीब 37 किसानों को हिरासत में लिया था, जिनमें से अन्य किसानों को पुलिस ने समझा-बुझाकर घर भेज दिया, लेकिन राष्ट्रीय किसान संगठन के प्रदेशाध्यक्ष जसवीर भाटी और गुरदास सिंह सहित छह लोग नहीं माने जिनके खिलाफ शांति भंग करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया है।
-तरसेम शर्मा, एसएचओ बडागुढ़ा।
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ओढां (सिरसा)।
राष्ट्रीय किसान महासंघ के बैनर तले दिल्ली में होने वाले घेराव को लेकर कालांवाली और डबवाली क्षेत्र से ट्रैक्टर ट्रालियों में भरकर निकले किसान नेताओं सहित करीब 40 किसानों को पुलिस ने पन्नीवालामोटा पुलिस नाका पर ही हिरासत में ले लिया। बाद में अन्य किसान तो पुलिस के समझाने के बाद चले गए, लेकिन किसान नेता जसवीर भाटी, गुरदास सिंह लकड़ांवाली सहित छह किसानों ने अपनी गिरफ्तारियां दीं।
इस मौके पर किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इसे तानाशाह रवैया बताया। दरअसल राष्ट्रीय किसान महासंघ की ओर से मांगों को लेकर शुक्रवार को दिल्ली का घेराव की चेतावनी दी गई थी। इस प्रदर्शन में भाग लेने के लिए किसान संगठन के प्रदेशाध्यक्ष जसवीर सिंह भाटी किसानों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर डबवाली से चले थे कि पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते ही हिरासत में ले लिया। उधर, कालांवाली किसान सेल के प्रधान गुरदास सिंह लकड़ांवाली करीब 37 किसानों के साथ तीन ट्रैक्टर ट्रालियों में सवार होकर निकले। दिल्ली घेराव की सूचना पर अलर्ट पुलिस ने पन्नीवाला मोटा पुलिस नाके पर किसानों को आगे जाने से रोक लिया। इस दौरान किसानों की करीब आधे घंटे तक पुलिस के साथ जद्दोजहद होती रही, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्हें ट्रैक्टर ट्रालियों में नहीं जाने दिया जाएगा, जिसके बाद नाराज कि सानों ने वहीं पर बैठकर धरना प्रदर्शन शुरू करते हुए सरकार के खिलाफ खूब नारेबाजी की।
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किसान नेता जसवीर सिंह भाटी, गुरदास सिंह वेदपाल डांगी ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा सरकार की दमनकारी नीतियां उनकी आवाज को नहीं दबा सकती। उन्होंने कहा कि देश का किसान पिछले लंबे समय से कम रेट पर फसल बेचकर कर्जे के बोझ तले दबकर रह गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पूर्व जो वादे किए उन्हें पूरा करना तो दूर अपितु आवाज उठाने वाले किसानों पर गोलियां चलाकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। किसान नेता गुरदास सिंह ने कहा कि किसानों की सरकार से पांच मांगें हैं, जिसमें स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करना, फसल का डेढ़ गुना भाव देकर रबी की फसल से खरीद शुरू करने, फसल बीमा योजना बंद करने और आवारा पशुओं से फसल बचाना शामिल है। उन्होंने हरियाणा किसान मंच द्वारा प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा के नेतृत्व में किए गए प्रदर्शन बारे कहा कि वे उसमें शामिल नहीं होंगे।
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एक घंटे बाद लिया हिरासत में
किसानों के दिल्ली कूच करने के ऐलान के बाद जिलेभर की पुलिस और खुफिया तंत्र विभाग पूरी तरह से अलर्ट दिखाई दिया। पुलिस ने डबवाली से लेकर सिरसा तक जगह-जगह नाकाबंदी करते हुए पुलिस कर्मियों की नियुक्ति की थी। किसान नेता गुरदास सिंह लकड़ांवाली अपने 37 साथियों के साथ तीन ट्रैक्टर ट्रालियों में भरकर दिल्ली के लिए रवाना हुए। उधर, पहले से ही मौजूद बडागुढ़ा थाना प्रभारी तरसेम शर्मा और ओढां थाना प्रभारी जगदीश जोशी ने उन्हें पन्नीवाला मोटा पुलिस नाके पर रोक लिया। पुलिस ने उन्हें शांति भंग होने का हवाला देकर ट्रैक्टर ट्रालियां न लेकर जाने की बात कहते वापस जाने के लिए कहा, लेकिन किसानों ने कहा कि अगर ट्रैक्टर ट्रालियां नहीं तो वे पैदल ही कूच करेंगे। किसानों ने पुलिस नाके पर काफी देर तक किसान एकता के नारे लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। करीब एक घंटे के बाद सभी किसानों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और बस में भरकर बडागुढ़ा थाना की ओर रवाना हो गई। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार उनकी गिरफ्तारी तो करवा सकती है लेकिन उनकी आवाज नहीं दबा सकती।
शांति भंग करने का मामला दर्ज
बडागुढ़ा पुलिस ने करीब 30 किसानों को समझा-बुझाकर घर भेज दिया, लेकिन उनके पदाधिकारी नहीं माने। काफी देर तक समझाने उपरांत पुलिस ने किसान नेता जसवीर सिंह भाटी निवासी शेरगढ़, गुरदास सिंह लकड़ांवाली, लाभ सिंह मट्टदादू, लीलाधर रत्ताखेड़ा, देवेंद्र सिंह और वकील सिंह निवासी मौजगढ़ सहित छह लोगों के खिलाफ शांति भंग करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया।
बॉक्स
किसी भी व्यक्ति को शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। पुलिस ने करीब 37 किसानों को हिरासत में लिया था, जिनमें से अन्य किसानों को पुलिस ने समझा-बुझाकर घर भेज दिया, लेकिन राष्ट्रीय किसान संगठन के प्रदेशाध्यक्ष जसवीर भाटी और गुरदास सिंह सहित छह लोग नहीं माने जिनके खिलाफ शांति भंग करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया है।
-तरसेम शर्मा, एसएचओ बडागुढ़ा।