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किसानों पर दर्ज मुकदमों को वापस लें सरकार: जसबीर सिंह भाटी

Mon, 26 Feb 2018 01:08 AM IST
Updated Mon, 26 Feb 2018 01:08 AM IST
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किसानों पर दर्ज मुकदमों को वापस लें सरकार: जसबीर सिंह भाटी
अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा।
राष्ट्रीय किसान संगठन के बैनर तले रविवार सुबह किसानों ने कपास मंडी में एकत्रित होकर रोष स्वरूप धरना किया। इस धरने में राजस्थान और जिला सिरसा के किसानों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया और सरकार के खिलाफ अपना रोष जाहिर करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया।
इस रोष स्वरूप धरने में शामिल किसानों को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष जसबीर सिंह भाटी ने कहा कि आर्थिक तंगी से बेहाल किसान जब अपना हक मांगने के लिए बीती 22 फरवरी को शांतिप्रिय तरीके से अपने-अपने ट्रैक्टर ट्रालियों पर सवार होकर दिल्ली की तरफ कूच कर रहे थे, तो उन्हें रास्ते में रोककर गिरफ्तार कर लिया गया और जमकर कहर बरपाया गया। इसके अतिरिक्त जिन किसानों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई, उनके घरों की तलाशी ली गई और घरों की बहन-बेटियों के साथ बदसलूकी भी की गई। उन्होंने कहा कि देश का अन्नदाता सरकार के खजाने भरने के लिए दिन रात एक कर देता है, क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था कृषि पर ही निर्भर करती है, मगर सरकार ने अपने लाभ के लिए किसानों पर यह अत्याचार करवाए। यहां तक कि किसानों पर विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत मामले भी दर्ज करवाए और अब डंडों-लाठियों के दम पर किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, मगर किसान किसी सूरत में अब पीछे नहीं हटेंगे। भाटी ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह किसानों से बातचीत करें और मांगों को पूरी करने के संबंध में बात करें, लेकिन सरकार की इस कथनी से महसूस होता है कि सरकार की बातचीत करने की कोई मंशा नहीं है और किसान स्वयं को गुलाम जैसा महसूस करने पर मजबूर हैं। भाटी ने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर हिसार के क्षेत्र खेड़ी चोपटा में एक बड़े स्तर की किसानों की रोष सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रदेशभर के किसान एकत्रित होकर रोष की आगामी रूपरेखा बनाएंगे।
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किसानों ने पुन: सरकार से मांग की है कि किसानों पर दर्ज मुकदमों को वापस लें, हिरासत में लिए गए किसानों को रिहा करें, किसानों पर लाठी-गोली चलाने वाले अफसरों पर केस दर्ज करें, डॉ. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करें, किसानों की फसल की पूरा दाम दिया जाए और कर्जमुक्त किया जाए। इस मौके पर वेदपाल डागी, इंद्रसिंह, लीलाधर दलहारा, धीरज महारूद्रा, शीशपाल केहरवाला, सुखजीत सिंह करूंगावाली, राजस्थान से इंद्रजीत सिंह पन्नीवाल, सुभाष टाक, जसवंत भादू और महावीर, रामस्वरूप गोरीवाला, बनवारी लाल, ओम प्रकाश, कुलदीप सिंह करीवाला सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे। उधर, लोकतंत्र सुरक्षा मंच के युवा जिलाध्यक्ष धीरज महारूद्रा गोरीवाला और उनके साथी मस्वरूप गोरीवाला, थिराज गोरीवाला, ओम, साहबराम, शेर सिंह सुथार, मोहनलाल, चानन छापोला, रामचंद्र ने धरनास्थल पर पहुंचकर समर्थन किया।
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लघु सचिवालय में किसानों का धरना जारी
किसानों की मांगों को लेकर अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों द्वारा लघु सचिवालय में शुरू किया गया अनिश्चितकालीन धरना सातवें दिन में प्रवेश कर गया है। रविवार का दिन होने के बावजूद किसान धरने पर डटे रहे। धरने की अध्यक्षता किसान नेता विकल पचार और प्रकाश ममेरां ने संयुक्त रूप से की। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आवाज को दबा नहीं सकती। उन्होंने कहा कि सरकार ने सत्ता में आने से पूर्व स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की बात कही थी, लेकिन इतना समय बीत जाने के बाद भी अभी तक सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है। किसान नेताओं ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने गेहूं पर 200 रुपये बोनस देने की बात कही है, जबकि हरियाणा सरकार देने से मना कर रही है। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार एक तरफ तो किसानों की आय को दोगुना करने की बातें करती है, वहीं दूसरी ओर किसानों को उनकी फसलों के उचित दाम भी नहीं मिलते, ऐसे में उनकी आय दोगुना कैसे हो सकती है। इस मौके पर वेदपाल रूपावास, भूप सिंह, रोहताश, कंवरभान, धर्मसिंह, हरीसिंह, कृष्ण, कोरभान, सुलतान सिंह, कीड़ारामव रोशन हुडा सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।
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