{"_id":"5a4a85174f1c1bce6d8b74ea","slug":"61514833175-sirsa-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑनलाइन राशन वितरण प्रणाली को लगा झटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑनलाइन राशन वितरण प्रणाली को लगा झटका
Updated Tue, 02 Jan 2018 12:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
मात्र दो माह में ही प्रदेश सरकार की ओर से ऑनलाइन राशन वितरण प्रणाली को जोर का झटका लगा है। सरकार ने जिस एजेंसी के माध्यम से ऑनलाइन राशन वितरण करने का अनुबंध किया था, उस एजेंसी का ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क ही काम नहीं कर रहा। सरकार से इस सुविधा की एवज में लाखों रुपये क्लेम करने वाली एजेंसी की पॉश मशीनों में भी फाल्ट बताया जा रहा है। परिणामस्वरूप हजारों उपभोक्ता राशन के लिए भटक रहे हैं और डिपो होल्डरों को भी उपभोक्ताओं के गुस्से का शिकार होना पड़ रहा है।
प्रदेश सरकार ने राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने तथा घपले-घोटालों पर रोकथाम लगाने के लिए ऑनलाइन राशन वितरण प्रणाली अपनाई गई थी। प्रदेश में जून-2017 में इसकी शुरूआत की गई। सरकार द्वारा विजनटेक कंपनी के अनुबंध किया गया। इस कंपनी द्वारा गांव-गांव में ऑनलाइन पद्धति से राशन वितरण में सहयोग करने का दावा किया गया। अनुबंध के अनुसार डिपो होल्डरों को पॉश मशीनें जारी की गई। इन मशीनों के माध्यम से ही उपभोक्ताओं को राशन दिया जाना था। शुरूआती दो माह तो बिना किसी व्यवधान के बीत गए लेकिन पॉश मशीनें काम नहीं कर रहीं। मशीनों के काम न करने के कारण राशन वितरण का कार्य ठप हो गया। ग्रामीण उपभोक्ता सस्ती दर का राशन लेने के लिए डिपो होल्डर के पास बार-बार चक्कर लगाते हैं और डिपो होल्डर को कोस रहें है। सरकार ने जिस कंपनी विजनटेक से अनुबंध किया गया है, उसने एक अन्य कंपनी से टाईअप किया हुआ है। कंपनी का नेटवर्क ग्रामीण इलाकों में नहीं आ रहा। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा उक्त कंपनी के प्रतिनिधियों को अनेक बार चेताया जा चुका है लेकिन समाधान ढाक के तीन पात बना हुआ है।
पोस्टपेड है कनेक्शन
राशन वितरण के लिए पॉश मशीनों में कंपनी के पोस्टपेड कनेक्शन दिए गए हैं। इन मोबाइल सिम का मासिक बिल सरकारी विभाग द्वारा अदा किया जाता है। लेकिन पोस्टपेड कनेक्शन होने के बावजूद रेंज की दिक्कत आ रही है। सरकारी खजाने से तो भुगतान किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर इसकी सुविधा नहीं मिल रहीं।
विज्ञापन
60 से अधिक गांवों में रेंज नहीं
पॉश मशीनों के काम न करने और मोबाइल की रेंज न होने की शिकायत मिलने पर कंपनी के प्रतिनिधि भी सिरसा आए। उन्होंने 100 से अधिक गांवों का दौरा किया। बताया जाता है कि जांच के दौरान 60 से अधिक गांवों में रेंज ही नहीं पाई गई। गांव डिंग में कंपनी का टॉवर लगा है। वहां टॉवर के नीचे भी रेंज नहीं आ रही, जबकि इस एरिया में वोडाफोन की रेंज है। ऐसे में पॉश मशीनें खिलौना साबित हो रही हैं। जांच के दौरान कंपनी के अधिकारियों ने भी माना कि झोपड़ा, अलीकां, बुढाभाणा, रोड़ी, मलड़ी, थिराज, मंगाला, मीरपुर, अहमदपुर, रामपुरा सहित पांच दर्जन गांवों में रेंज नहीं है। कंपनी के अधिकारियों ने इस बारे में लिखित यह स्वीकार किया और इस बारे में अपने उच्चाधिकारियों से पत्राचार भी किया। लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
कुछ नेटवर्क और कुछ डिवाइस में कमी : शर्मा
कंपनी के नेटवर्क इंजीनियर प्रदीप शर्मा ने बताया कि उन्होंने सिरसा के 100 से अधिक गांवों में जांच की थी। जांच में कुछ जगह नेटवर्क की दिक्कत सामने आई जबकि कुछ जगह डिवाइस मशीन में दिक्कत देखने को मिली। उन्होंने बताया कि राशन वितरण के लिए डिपो होल्डरों को जो डिवाइस मशीनें दी गई हैं, उनके एंटीना कम क्षमता के हैं। कंपनी की ओर से पहले लाइट वर्जन इस्तेमाल किया जा रहा था, इसलिए दिक्कत नहीं आई। अब कंपनी की ओर हैवी वर्जन इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसकी वजह से पिछले दो माह से दिक्कत आ रही है।
जहां रेंज नहीं, वे बदले जाएंगे : डीएफएससी
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक अशोक बांसल ने बताया कि कंपनी की रेंज की समस्या सामने आई है। इस बारे में कंपनी के अधिकारियों को चेताया गया है। उन्होंने बताया कि जहां रेंज नहीं आ रही है, वहां दूसरे नेटवर्क की सेवाएं ली जाएंगी। उपभोक्ताओं के हित सर्वोपरि है, इसलिए किसी भी उपभोक्ता को दिक्कत पेश नहीं आने दी जाएगी।
मात्र दो माह में ऑनलाइन राशन वितरण प्रणाली को लगा झटका
दो माह में टूटा नेटवर्क, पोश मशीनों में बताया जा रहा है फाल्ट
राशन के लिए भटक रहें हैं हजारों उपभोक्ता
विज्ञापन
सिरसा।
मात्र दो माह में ही प्रदेश सरकार की ओर से ऑनलाइन राशन वितरण प्रणाली को जोर का झटका लगा है। सरकार ने जिस एजेंसी के माध्यम से ऑनलाइन राशन वितरण करने का अनुबंध किया था, उस एजेंसी का ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क ही काम नहीं कर रहा। सरकार से इस सुविधा की एवज में लाखों रुपये क्लेम करने वाली एजेंसी की पॉश मशीनों में भी फाल्ट बताया जा रहा है। परिणामस्वरूप हजारों उपभोक्ता राशन के लिए भटक रहे हैं और डिपो होल्डरों को भी उपभोक्ताओं के गुस्से का शिकार होना पड़ रहा है।
प्रदेश सरकार ने राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने तथा घपले-घोटालों पर रोकथाम लगाने के लिए ऑनलाइन राशन वितरण प्रणाली अपनाई गई थी। प्रदेश में जून-2017 में इसकी शुरूआत की गई। सरकार द्वारा विजनटेक कंपनी के अनुबंध किया गया। इस कंपनी द्वारा गांव-गांव में ऑनलाइन पद्धति से राशन वितरण में सहयोग करने का दावा किया गया। अनुबंध के अनुसार डिपो होल्डरों को पॉश मशीनें जारी की गई। इन मशीनों के माध्यम से ही उपभोक्ताओं को राशन दिया जाना था। शुरूआती दो माह तो बिना किसी व्यवधान के बीत गए लेकिन पॉश मशीनें काम नहीं कर रहीं। मशीनों के काम न करने के कारण राशन वितरण का कार्य ठप हो गया। ग्रामीण उपभोक्ता सस्ती दर का राशन लेने के लिए डिपो होल्डर के पास बार-बार चक्कर लगाते हैं और डिपो होल्डर को कोस रहें है। सरकार ने जिस कंपनी विजनटेक से अनुबंध किया गया है, उसने एक अन्य कंपनी से टाईअप किया हुआ है। कंपनी का नेटवर्क ग्रामीण इलाकों में नहीं आ रहा। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा उक्त कंपनी के प्रतिनिधियों को अनेक बार चेताया जा चुका है लेकिन समाधान ढाक के तीन पात बना हुआ है।
विज्ञापन
पोस्टपेड है कनेक्शन
राशन वितरण के लिए पॉश मशीनों में कंपनी के पोस्टपेड कनेक्शन दिए गए हैं। इन मोबाइल सिम का मासिक बिल सरकारी विभाग द्वारा अदा किया जाता है। लेकिन पोस्टपेड कनेक्शन होने के बावजूद रेंज की दिक्कत आ रही है। सरकारी खजाने से तो भुगतान किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर इसकी सुविधा नहीं मिल रहीं।
विज्ञापन
60 से अधिक गांवों में रेंज नहीं
पॉश मशीनों के काम न करने और मोबाइल की रेंज न होने की शिकायत मिलने पर कंपनी के प्रतिनिधि भी सिरसा आए। उन्होंने 100 से अधिक गांवों का दौरा किया। बताया जाता है कि जांच के दौरान 60 से अधिक गांवों में रेंज ही नहीं पाई गई। गांव डिंग में कंपनी का टॉवर लगा है। वहां टॉवर के नीचे भी रेंज नहीं आ रही, जबकि इस एरिया में वोडाफोन की रेंज है। ऐसे में पॉश मशीनें खिलौना साबित हो रही हैं। जांच के दौरान कंपनी के अधिकारियों ने भी माना कि झोपड़ा, अलीकां, बुढाभाणा, रोड़ी, मलड़ी, थिराज, मंगाला, मीरपुर, अहमदपुर, रामपुरा सहित पांच दर्जन गांवों में रेंज नहीं है। कंपनी के अधिकारियों ने इस बारे में लिखित यह स्वीकार किया और इस बारे में अपने उच्चाधिकारियों से पत्राचार भी किया। लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
कुछ नेटवर्क और कुछ डिवाइस में कमी : शर्मा
कंपनी के नेटवर्क इंजीनियर प्रदीप शर्मा ने बताया कि उन्होंने सिरसा के 100 से अधिक गांवों में जांच की थी। जांच में कुछ जगह नेटवर्क की दिक्कत सामने आई जबकि कुछ जगह डिवाइस मशीन में दिक्कत देखने को मिली। उन्होंने बताया कि राशन वितरण के लिए डिपो होल्डरों को जो डिवाइस मशीनें दी गई हैं, उनके एंटीना कम क्षमता के हैं। कंपनी की ओर से पहले लाइट वर्जन इस्तेमाल किया जा रहा था, इसलिए दिक्कत नहीं आई। अब कंपनी की ओर हैवी वर्जन इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसकी वजह से पिछले दो माह से दिक्कत आ रही है।
जहां रेंज नहीं, वे बदले जाएंगे : डीएफएससी
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक अशोक बांसल ने बताया कि कंपनी की रेंज की समस्या सामने आई है। इस बारे में कंपनी के अधिकारियों को चेताया गया है। उन्होंने बताया कि जहां रेंज नहीं आ रही है, वहां दूसरे नेटवर्क की सेवाएं ली जाएंगी। उपभोक्ताओं के हित सर्वोपरि है, इसलिए किसी भी उपभोक्ता को दिक्कत पेश नहीं आने दी जाएगी।
मात्र दो माह में ऑनलाइन राशन वितरण प्रणाली को लगा झटका
दो माह में टूटा नेटवर्क, पोश मशीनों में बताया जा रहा है फाल्ट
राशन के लिए भटक रहें हैं हजारों उपभोक्ता