फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   अमेरिका पायलट बनने के सपने को पूरा करने में जुटीं गुरप्रीत

अमेरिका पायलट बनने के सपने को पूरा करने में जुटीं गुरप्रीत

Fri, 08 Mar 2019 02:46 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 08 Mar 2019 02:46 AM IST
विज्ञापन
अमेरिका पायलट बनने के सपने को पूरा करने में जुटीं गुरप्रीत
अमेरिका पायलट बनने के सपने को पूरा करने में जुटीं गुरप्रीत
विज्ञापन

ऐलनाबाद (सिरसा)। 2014 में फ्लाइंग ट्रेनिंग के दौरान कानपुर के पास उसका ग्लाइडर क्रैश कर गया। चोट से उभरने और पूरी तरह स्वस्थ होने में उन्हें दो साल लग गए। इस दौरान कई बार उसके मन में विचार आया कि उसका पायलट बनने का सपना अब पूरा नहीं होगा। उधर माता-पिता हर समय हौसला बढ़ाते रहे, उन्हीं की बदौलत अब उसका पायलट बनने का विश्वास पहले से भी मजबूत हो चुका है। इन दिनों वह अमेरिका की एंबर-रिडल ऐरोनोटिकल यूनिवर्सिटी से एवियेशन में मास्टर डिग्री कर रही हैं। शीघ्र ही बकाया ट्रेनिंग पूरी कर वह पायलट बनने के सपने को सच कर लेगी। यह कहानी है गांव अमृतसर खुर्द निवासी एक साधारण किसान गुरचरण सिंह की 24 वर्षीय पायलट बेटी गुरप्रीत सौखल की।
बुलंद हौसले वाली गुरप्रीत बताती हैं कि बचपन से ही वह पायलट बनने का सपना था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा चंडीगढ़ में रहकर पूरी की। जब वह 9वीं कक्षा में थी तो स्कूल में मेहमान बनकर आए मोटिवेशनल स्पीकर सभी बच्चों से उनके जीवन का लक्ष्य पूछ रहे थे। यह पहली बार था, जब उन्होंने पायलट बनने की अपनी बात को दूसरों के सामने रखा। 12वीं के बाद 2012 में करनाल के हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ सिविल एवियेशन (एचआईसीए) में दाखिला लिया। इसी दौरान उन्होंने अपनी बीएससी भी पूरी कर ली। जब पहली बार ग्लाइडर में उड़ान भरी तो बता नहीं सकती कि कितनी खुश थी, उड़ान के बाद मम्मी-पापा को फोन कर अपनी खुशी जाहिर की। 2014 में फ्लाइंग ट्रेनिंग के दौरान कानपुर के नजदीक उनका ग्लाइडर क्रैश कर गया था।
विज्ञापन

माता-पिता को बेटी पर मान
उसके पिता गुरचरण सिंह यहां गांव में ही अपनी पुश्तैनी जमीन पर खेती करते हैं। वहीं माता कुलदीप कौर गृहणी हैं। माता-पिता का कहना है कि 2014 में हुए हादसे को वे भुलाकर अपनी बेटी का हर जगह हौसला बढ़ा रहे हैं। उन्हें पूर्ण विश्वास है कि शीघ्र ही उनकी बेटी पायलट बनकर सपने को सच करेगी। पिता गुरचरण सिंह उसे प्यार से भोला पायलट बुलाते हैं। लड़कियों की शिक्षा के बारे में अभिभावकों को लंबे समय से चली आ रही लोक धारणा लोक की कहणगे से बाहर निकलना चाहिए। वहीं समाज में बेटियों पर बढ़ रहे अत्याचार पर उनका कहना है कि सभी अभिभावक अपने बेटों को लड़कियों की इज्जत करना सिखाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed