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ई-खसरा गिरदावरी बारे में सिरसा तहसील के पटवारियों की एक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित
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ई-खसरा गिरदावरी बारे में दी जानकारी
सिरसा। लघु सचिवालय के बैठक कक्ष में बुधवार को ई-खसरा गिरदावरी बारे में सिरसा तहसील के पटवारियों की एक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र से डीआईओ सुषमा व जूनियर प्रोग्रामर धर्मपाल ने बताया कि अब राजस्व विभाग के पटवारी गिरदावरी की जानकारी सीधे टेब में मोबाइल हेलरिस एप्लीकेशन के माध्यम से सॉफ्टवेयर में फीड करेंगे। जिसके बाद में सरल केंद्र के जूनियर प्रोग्रामर द्वारा ऑनलाइन डाला जाएगा।
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र से डीआईओ सुषमा ने बताया कि यह बहुत ही साधारण प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया मैनुअल प्रक्रिया की तरह ही है। ई-खसरा गिरदावरी का डाटा ऑनलाइन दर्ज होने उपरांत कोई भी व्यक्ति इसे देख सकता है ।इस कार्यशाला में जूनियर प्रोग्रामर धर्मपाल ने पटवारियों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि ई-खसरा गिरदावरी की प्रक्रिया बिल्कुल उसी प्रकार जिस प्रकार पटवारी पहले पटवारी मेनुअली खसरा गिरदावरी करते थे।उन्होंने बताया कि जो भी टेब पटवारियों को दिए जाएंगे। उनमें उनके हलके के गांवों का पूर्ण विवरण दर्ज होगा। ई-खसरा गिरदावरी होने बाद टेब के पूर्ण डाटा को ऑनलाईन डाली जाएगी जिसे कोई भी व्यक्ति देख सकता है। इस अवसर पर पटवारियों को लाईव सॉफ्टवेयर पर एंट्री भी करके दिखाया गया।
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सिरसा। लघु सचिवालय के बैठक कक्ष में बुधवार को ई-खसरा गिरदावरी बारे में सिरसा तहसील के पटवारियों की एक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र से डीआईओ सुषमा व जूनियर प्रोग्रामर धर्मपाल ने बताया कि अब राजस्व विभाग के पटवारी गिरदावरी की जानकारी सीधे टेब में मोबाइल हेलरिस एप्लीकेशन के माध्यम से सॉफ्टवेयर में फीड करेंगे। जिसके बाद में सरल केंद्र के जूनियर प्रोग्रामर द्वारा ऑनलाइन डाला जाएगा।
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र से डीआईओ सुषमा ने बताया कि यह बहुत ही साधारण प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया मैनुअल प्रक्रिया की तरह ही है। ई-खसरा गिरदावरी का डाटा ऑनलाइन दर्ज होने उपरांत कोई भी व्यक्ति इसे देख सकता है ।इस कार्यशाला में जूनियर प्रोग्रामर धर्मपाल ने पटवारियों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि ई-खसरा गिरदावरी की प्रक्रिया बिल्कुल उसी प्रकार जिस प्रकार पटवारी पहले पटवारी मेनुअली खसरा गिरदावरी करते थे।उन्होंने बताया कि जो भी टेब पटवारियों को दिए जाएंगे। उनमें उनके हलके के गांवों का पूर्ण विवरण दर्ज होगा। ई-खसरा गिरदावरी होने बाद टेब के पूर्ण डाटा को ऑनलाईन डाली जाएगी जिसे कोई भी व्यक्ति देख सकता है। इस अवसर पर पटवारियों को लाईव सॉफ्टवेयर पर एंट्री भी करके दिखाया गया।
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