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सिरसा में इलेक्ट्रिक ट्रेन के ट्रायल को रेलवे मंत्रालय ने दी हरी झंडी, 25 जुलाई को होगा ट्रायल
Updated Sun, 15 Jul 2018 01:16 AM IST
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सिरसा में इलेक्ट्रिक ट्रेन के ट्रायल को रेलवे मंत्रालय की हरी झंडी, 25 जुलाई को होगा ट्रायल
तारों की जांच का कार्य पूरा, 23 जुलाई को छोड़ा जाएगा 25 हजार वोल्ट का करंट, 24 जुलाई को सिरसा पहुंचेंगे चीफ इंजीनियर हितेश चतुर्वेदी
सिरसा। इलेक्ट्रिक ट्रेन को लेकर हिसार से लेकर सिरसा तक बिछाई गई बिजली की तारों की जांच का कार्य शनिवार को पूरा हो गया। रेलवे मंत्रालय की तरफ से बिजली लाइन में करंट छोड़ने व ट्रायल की अनुमति रेलवे अधिकारियों को मिल गई है। तारों की जांच का कार्य पूरा करने वाले अधिकारी सुरेश कुमार का कहना है कि उनकी टीम ने हिसार से लेकर सिरसा तक लाइन की जांच कर खामियों को दूर कर दिया है। अब बिजली लाइन में 25 हजार वोल्ट का करंट छोड़ा जाएगा। बिजली लाइन को सप्लाई उकलाना बिजली घर व हिसार से मिलेगी।
डिप्टी इंजीनियर प्रदीप कुमार का कहना है कि 23 जुलाई को बिजली लाइन में करंट छोड़ा जाएगा। 24 को चीफ चीफ इंजीनियर आरएस चौधरी सिरसा पहुंचेंगे और 25 जुलाई को हिसार से लेकर सिरसा तक इलेक्ट्रिक ट्रेन का ट्रायल होगा। ट्रायल सफल होने के बाद सिरसा में इलेक्ट्रिक ट्रेन चलने लगेगी। इलेक्ट्रिक ट्रेन 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी जिससे दिल्ली का सफर साढ़े चार घंटे का यह जाएगा। अभी सिरसा से दिल्ली पहुंचने में साढ़े छह घंटे का समय लगता है।
डिब्बे के ऊपर चढ़ना होगा जानलेवा
इलेक्ट्रिक ट्रेन की बिजली लाइन में 25 हजार वोल्ट का करंट दौड़ेगा। अगर कोई यात्री ट्रेन के डिब्बे के ऊपर चढ़ेगा तो उसकी जान जोखिम में पड़ जाएगी, क्योंकि इतना करंट तीन फुट की दूरी से शख्स को अपनी चपेट में ले लेगा। रेलवे अधिकारी सुरेश कुमार का कहना है कि 25 हजार वोल्ट करंट का झटका मानव शरीर नहीं झेल सकता। इसलिए रेलवे की ओर से इलेक्ट्रिक ट्रेन के डिब्बों में यात्रियों के लिए चेतावनी सूचना लिखी जाती है।
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90 की स्पीड पर होगा ट्रायल
25 जुलाई को होने वाले ट्रायल में हिसार से लेकर सिरसा के बीच 90 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाएगी जाएगी। इस रूट के बीच में आने वाले सभी आरओबी, आरयूबी, स्टेशन पर सुरक्षा के मानकों को जांचा जाएगा। इस गति पर ट्रायल सफल होने के बाद ट्रेन की स्पीड बढ़ाई जाएगी।
ज्यादा ट्रेनों का संचालन संभव
सिरसा वासियों की काफी समय से मांग है कि सिरसा से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों की संख्या में वृद्धि की जाए। सिरसा से तड़के साढ़े तीन बजे के बाद सुबह आठ बजे दिल्ली की ओर ट्रेन जाती है। इसके बाद रात तक सिरसा से कोई ट्रेन राजधानी नहीं जाती। इस कारण लोगों को बसों में दिल्ली जाना पड़ता है। सिरसा में व्यापारिक गतिविधियां काफी ज्यादा हैं। हर रोज हजारों लोग कारोबार के सिलसिले में दिल्ली जाते हैं। इलेक्ट्रिक ट्रेन शुरू होने के बाद से सिरसा से ज्यादा ट्रेनों का संचालन संभव हो जाएगा।
ये होगा फायदा
डीजल इंजन के धुएं से होने वाले प्रदूषण से मुक्ति
ट्रेनों की औसत गति में बढ़ोतरी होगी
अत्याधुनिक टेक्नालॉजी के उपयोग के कारण अधिक सुविधाएं मिलेंगी
बिजली इंजनों की लोड क्षमता अधिक होने के कारण अधिक भार वहन किया जा सकेगा।
डीजल इंजन का युग होगा समाप्त
इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन के बाद वर्षों से इस्तेमाल में लाए जा रहे डीजल इंजन का युग समाप्त हो जाएगा। सिरसा से इस समय सिरसा से दिल्ली, रेवाड़ी, बठिंडा, गंगानगर, फिरोजपुर, कटरा व जींद के बीच डीजल इंजन वाली ट्रेनें चलती हैं। इलेक्ट्रिक ट्रेन का ट्रायल पूरा होने के बाद जल्द ही रेलवे डीजल इंजन को हटाकर इन रूटों को इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलाएगा। सिरसा से लेकर बठिंडा तक इलेक्ट्रिक लाइन बिछाने का कार्य भी जारी है, जो अगले तीन महीने में पूरा हो जाएगा।
सिरसा में इलेक्ट्रिक ट्रेन के ट्रायल व बिजली लाइन में करंट छोड़ने की अनुमति रेलवे मंत्रालय की तरफ से मिल गई है। बिजली की तारों की जांच का काम पूरा हो चुका है। 23 जुलाई को तारों में करंट छोड़ा जाएगा और 25 जुलाई को इलेक्ट्रिक ट्रेन का ट्रायल होगा। इलेक्ट्रिक ट्रेन के काफी लाभ होंगे, इलेक्ट्रिक ट्रेन की स्पीड डीजल इंजन से ज्यादा होगी। साथी ही इससे पर्यावरण में प्रदूषित नहीं होगा। प्रदीप कुमार, डिप्टी इंजीनियर रेलवे।
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तारों की जांच का कार्य पूरा, 23 जुलाई को छोड़ा जाएगा 25 हजार वोल्ट का करंट, 24 जुलाई को सिरसा पहुंचेंगे चीफ इंजीनियर हितेश चतुर्वेदी
सिरसा। इलेक्ट्रिक ट्रेन को लेकर हिसार से लेकर सिरसा तक बिछाई गई बिजली की तारों की जांच का कार्य शनिवार को पूरा हो गया। रेलवे मंत्रालय की तरफ से बिजली लाइन में करंट छोड़ने व ट्रायल की अनुमति रेलवे अधिकारियों को मिल गई है। तारों की जांच का कार्य पूरा करने वाले अधिकारी सुरेश कुमार का कहना है कि उनकी टीम ने हिसार से लेकर सिरसा तक लाइन की जांच कर खामियों को दूर कर दिया है। अब बिजली लाइन में 25 हजार वोल्ट का करंट छोड़ा जाएगा। बिजली लाइन को सप्लाई उकलाना बिजली घर व हिसार से मिलेगी।
डिप्टी इंजीनियर प्रदीप कुमार का कहना है कि 23 जुलाई को बिजली लाइन में करंट छोड़ा जाएगा। 24 को चीफ चीफ इंजीनियर आरएस चौधरी सिरसा पहुंचेंगे और 25 जुलाई को हिसार से लेकर सिरसा तक इलेक्ट्रिक ट्रेन का ट्रायल होगा। ट्रायल सफल होने के बाद सिरसा में इलेक्ट्रिक ट्रेन चलने लगेगी। इलेक्ट्रिक ट्रेन 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी जिससे दिल्ली का सफर साढ़े चार घंटे का यह जाएगा। अभी सिरसा से दिल्ली पहुंचने में साढ़े छह घंटे का समय लगता है।
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डिब्बे के ऊपर चढ़ना होगा जानलेवा
इलेक्ट्रिक ट्रेन की बिजली लाइन में 25 हजार वोल्ट का करंट दौड़ेगा। अगर कोई यात्री ट्रेन के डिब्बे के ऊपर चढ़ेगा तो उसकी जान जोखिम में पड़ जाएगी, क्योंकि इतना करंट तीन फुट की दूरी से शख्स को अपनी चपेट में ले लेगा। रेलवे अधिकारी सुरेश कुमार का कहना है कि 25 हजार वोल्ट करंट का झटका मानव शरीर नहीं झेल सकता। इसलिए रेलवे की ओर से इलेक्ट्रिक ट्रेन के डिब्बों में यात्रियों के लिए चेतावनी सूचना लिखी जाती है।
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90 की स्पीड पर होगा ट्रायल
25 जुलाई को होने वाले ट्रायल में हिसार से लेकर सिरसा के बीच 90 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाएगी जाएगी। इस रूट के बीच में आने वाले सभी आरओबी, आरयूबी, स्टेशन पर सुरक्षा के मानकों को जांचा जाएगा। इस गति पर ट्रायल सफल होने के बाद ट्रेन की स्पीड बढ़ाई जाएगी।
ज्यादा ट्रेनों का संचालन संभव
सिरसा वासियों की काफी समय से मांग है कि सिरसा से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों की संख्या में वृद्धि की जाए। सिरसा से तड़के साढ़े तीन बजे के बाद सुबह आठ बजे दिल्ली की ओर ट्रेन जाती है। इसके बाद रात तक सिरसा से कोई ट्रेन राजधानी नहीं जाती। इस कारण लोगों को बसों में दिल्ली जाना पड़ता है। सिरसा में व्यापारिक गतिविधियां काफी ज्यादा हैं। हर रोज हजारों लोग कारोबार के सिलसिले में दिल्ली जाते हैं। इलेक्ट्रिक ट्रेन शुरू होने के बाद से सिरसा से ज्यादा ट्रेनों का संचालन संभव हो जाएगा।
ये होगा फायदा
डीजल इंजन के धुएं से होने वाले प्रदूषण से मुक्ति
ट्रेनों की औसत गति में बढ़ोतरी होगी
अत्याधुनिक टेक्नालॉजी के उपयोग के कारण अधिक सुविधाएं मिलेंगी
बिजली इंजनों की लोड क्षमता अधिक होने के कारण अधिक भार वहन किया जा सकेगा।
डीजल इंजन का युग होगा समाप्त
इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन के बाद वर्षों से इस्तेमाल में लाए जा रहे डीजल इंजन का युग समाप्त हो जाएगा। सिरसा से इस समय सिरसा से दिल्ली, रेवाड़ी, बठिंडा, गंगानगर, फिरोजपुर, कटरा व जींद के बीच डीजल इंजन वाली ट्रेनें चलती हैं। इलेक्ट्रिक ट्रेन का ट्रायल पूरा होने के बाद जल्द ही रेलवे डीजल इंजन को हटाकर इन रूटों को इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलाएगा। सिरसा से लेकर बठिंडा तक इलेक्ट्रिक लाइन बिछाने का कार्य भी जारी है, जो अगले तीन महीने में पूरा हो जाएगा।
सिरसा में इलेक्ट्रिक ट्रेन के ट्रायल व बिजली लाइन में करंट छोड़ने की अनुमति रेलवे मंत्रालय की तरफ से मिल गई है। बिजली की तारों की जांच का काम पूरा हो चुका है। 23 जुलाई को तारों में करंट छोड़ा जाएगा और 25 जुलाई को इलेक्ट्रिक ट्रेन का ट्रायल होगा। इलेक्ट्रिक ट्रेन के काफी लाभ होंगे, इलेक्ट्रिक ट्रेन की स्पीड डीजल इंजन से ज्यादा होगी। साथी ही इससे पर्यावरण में प्रदूषित नहीं होगा। प्रदीप कुमार, डिप्टी इंजीनियर रेलवे।